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यूपी में स्टार्टअप के लिए योगी सरकार ने की राहत की बारिश, तीन साल तक मिलेंगी यह सुविधाएं

यूपी में स्टार्टअप के लिए योगी सरकार ने की राहत की बारिश, तीन साल तक मिलेंगी यह सुविधाएं यूपी में स्टार्टअप के लिए योगी सरकार ने कई और सुविधाओं का ऐलान किया है। अब तीन साल तक कर्मचारियों के ईपीएफ, ईएसआई का भुगतान सरकार क…

Hindustan के अनुसार17 अगस्त 2026 को 04:55 am बजे
यूपी में स्टार्टअप के लिए योगी सरकार ने की राहत की बारिश, तीन साल तक मिलेंगी यह सुविधाएं

सौजन्य से:- Hindustan

यूपी में स्टार्टअप के लिए योगी सरकार ने की राहत की बारिश, तीन साल तक मिलेंगी यह सुविधाएं

यूपी में स्टार्टअप के लिए योगी सरकार ने कई और सुविधाओं का ऐलान किया है। अब तीन साल तक कर्मचारियों के ईपीएफ, ईएसआई का भुगतान सरकार करेगी। पेटेंट कराने में 50 लाख तक के खर्च की भरपाई भी सरकार करेगी।

उत्तर प्रदेश में उद्यमिता और छोटे उद्योगों को बढ़ाने के लिए योगी सरकार कई सहूलियतें दे रही है। इसी कड़ी में स्टार्टअप कंपनियों के लिए तो अलग से नीति ही तैयार की गई है। इसके तहत अब स्टार्टअप के कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) और कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) के लिए नियोक्ता के अंशदान की प्रतिपूर्ति राज्य सरकार करेगी। शुरुआत के तीन वर्ष तक यह सुविधा दी जाएगी। आत्मनिर्भर हो जाने पर नियोक्ता यह हिस्सा खुद भुगतान करेगा। इसका मकसद राज्य में औपचारिक रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है।

ईपीएफ, ईएसआई का लाभ लेने के लिए राज्य सरकार ने कुछ शर्तें तय की है। इसका लाभ लेने वाला स्टार्टअप Startinup पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए। यह सुविधा केवल प्रदेश में स्टार्टअप शुरू करने वालों को ही मिलेगी। यह भी साफ कर दिया गया है कि नियोक्ता का अंशदान प्रति कर्मचारी 21 हजार रुपये से कम होना चाहिए। कर्मचारियों के डाटा का सत्यापन ईएसआई, ईपीएफओ के जरिए कराया जाएगा। कर्मचारी स्टार्टअप कंपनी के वेतनमान श्रेणी में होना चाहिए। यह भी साफ कर दिया गया है कि स्टार्टअप कंपनी के शुरुआती तीन वर्ष तक ही यह सुविधा दी जाएगी। इसके भीतर ही इसका लाभ लेने के लिए आवेदन करना होगा।

तीन शिफ्ट में चलाने की अनुमति मिलेगी

स्टार्टअप कंपनी को तीन शिफ्टों में चलाने की भी अनुमति दी जाएगी। जिसमें रात में काम करने वाली महिलाएं भी शामिल होंगी। यह अनुमति इस शर्त पर दी जाएगी कि ऐसी इकाइयां कर्मचारियों की सुरक्षा, कल्याण और संरक्षा के संबंधों में निर्धारित सावधानियां बरतें। साथ ही श्रम कानूनों निर्धारित जरूरी कल्याण तथा स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करें। सक्षम अधिकारी से अनुमोदन भी जरूरी है। नए उद्योगों तथा उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति में ऐसे ही कई प्रावधान किए गए हैं।

लोन पर ब्याज बतौर सब्सिडी भी देगी सरकार

स्टार्टअप को चलाने के लिए लिए गए सावधि ऋण पर ब्याज बतौर सब्सिडी भी दी जाएगी। राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्ज पर 4 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से या वास्तविक ब्याज जो भी कम हो उस पर सब्सिडी मिलेगी। यह तीन वर्ष के लिए अधिकतम अवधि के लिए दो करोड़ तक होगी।

पेटेंट-प्रोटोटाइप में भी मिलेगी मदद

यूपी स्टार्टअप नीति के तहत अपने आइडिया को स्टार्टअप में तब्दील करने वाले युवाओं को कई अन्य तरह की सहूलियतें दी जा रही है। इंक्यूबेशन, मेंटरशिप, प्रोटोटाइप बनाने, पेटेंट कराने में भी मदद मिलेगी। राज्य सरकार की कोशिश है कि स्टार्टअप व्यवसायिक उत्पादन शुरू कर सकें। कॉमर्शियल उत्पादन और रोजगार सृजन का सीधा संबंध है। इससे प्रदेश में उद्योगों की बड़ी चेन खड़ी हो सकती है।

आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इसके परिणाम जल्द देखने को मिलेंगे। इस समय प्रदेश में करीब 20 हजार से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हैं। जब सबमें व्यवसायिक उत्पादन शुरू हो जाएगा तो उद्योगों की बड़ी चेन खड़ी हो सकती है।

लेखक के बारे में

Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।

पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।

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