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यूपी बीजेपी के करीब 20 दलित, OBC, ब्राह्मण MP से मिले नितिन नवीन, 2027 चुनाव से पहले पार्टी के लिए एक अच्छी खबर

बीजेपी के लिए अगली सबसे बड़ी चुनौती 2027 में होने वाला यूपी विधानसभा चुनाव है। इसी को लेकर हाल के दिनों में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने यूपी के पार्टी सांसदों से मुलाकात की है। एक मोर्चे पर पार्टी नेताओं ने उनका मिजाज खु…

Navbharat Times के अनुसार17 अगस्त 2026 को 05:55 am बजे
यूपी बीजेपी के करीब 20 दलित, OBC, ब्राह्मण MP से मिले नितिन नवीन, 2027 चुनाव से पहले पार्टी के लिए एक अच्छी खबर

सौजन्य से:- Navbharat Times

बीजेपी के लिए अगली सबसे बड़ी चुनौती 2027 में होने वाला यूपी विधानसभा चुनाव है। इसी को लेकर हाल के दिनों में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने यूपी के पार्टी सांसदों से मुलाकात की है। एक मोर्चे पर पार्टी नेताओं ने उनका मिजाज खुश कर दिया है।

नई दिल्ली: बीजेपी के सामने अगली सबसे बड़ी चुनौती 2027 में होने वाला यूपी विधानसभा चुनाव है। पार्टी लगातार तीसरी बार यूपी में सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। लेकिन, इस बार प्रदेश में पार्टी के सामने राजनीतिक चुनौतियों की भरमार है। इसी को लेकर बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हाल में उत्तर प्रदेश के करीब 20 पार्टी सांसदों से अलग-अलग मुलाकात की है और जमीनी मूड भांपने की कोशिश की है। इन बैठकों से पार्टी को एक अच्छी खबर मिली है कि कानून-व्यवस्था का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार है, जो 2027 के चुनाव के लिए उसका उत्साह बढ़ा सकती है।

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश से पार्टी के कम से कम 20 सांसदों से अलग-अलग मुलाकात की है और प्रदेश के राजनीतिक माहौल पर विस्तृत चर्चा की है। हमारे सहयोगी अखबार ET के मुताबिक इन सांसदों ने प्रदेश में जातीय समीकरण, कार्यकर्ताओं के मनोबल को लेकर पार्टी अध्यक्ष के साथ अपनी जानकारी साझा की है।

दलित, ओबीसी और ब्राह्मण सांसदों से मिले नितिन नवीन

नितिन नवीन यूपी के जिन बीजेपी सांसदों से मिले हैं, उनमें विभिन्न सामाजिक बैकक्राउंड वाले एमपी शामिल हैं। इनमें ब्राह्मण, दलित और ओबीसी सांसदों की संख्या ज्यादा रही है।

इस बातचीत के दौरान बीजेपी के कई सांसदों ने इस बात पर जोर दिया कि पार्टी को गैर-यादव ओबीसी वाले सामाजिक गठबंधन पर और ज्यादा काम करना होगा।

इनके अलावा सांसदों ने तहसील स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक के कार्यकर्ताओं की बातें सुने जाने और उनका मनोबल बनाए रखने पर भी बहुत जोर दिया है।

चर्चा में इस बात पर भी बहुत जोर दिया गया कि यूजीसी और नीट को लेकर युवाओं के एक वर्ग में जो नाराजगी है और सवर्णों के एक वर्ग में जो मायूसी छायी हुई है, बीजेपी को उस दिशा में भी गंभीर प्रयास करने पड़ेंगे।

कानून व्यवस्था के मोर्चे पर योगी सरकार की पकड़ बरकरार

दरअसल, पिछले यूपी चुनावों में बीजेपी का अभियान कानून और व्यवस्था, मुफ्त राशन और हिंदुत्व पर फोकस रहा है। लेकिन, कथित राम मंदिर चंदा चोरी ने पार्टी के सामने अपने कैडर बेस में एक नई चुनौती खड़ी की है।

नितिन नवीन का सांसदों के साथ इन बैठकों का मकसद ही बीजेपी के सामने उभरी नई चुनौतियों का समाधान तलाशना है।

लेकिन, सूत्रों के अनुसार पार्टी के लिए सबसे अच्छी खबर ये रही कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलने वाले सभी नेताओं ने यह जानकारी दी कि कानून व्यवस्था के मामले में आज भी सीएम योगी आदित्यनाथ सरकार का ट्रैक रिकॉर्ड शानदार है और इसके चलते राजनीतिक जमीन पर बीजेपी की पकड़ कमजोर नहीं पड़ी है।

लेखक के बारे मेंअंजन कुमारअंजन कुमार, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में असिस्टेंट एडिटर हैं और पिछले 24 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। अंजन अप्रैल 2025 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़े और बीते 10 वर्षों से डिजिटल मीडिया में राजनीति,चुनाव, जुडिशरी, डिफेंस, विदेश,करेंट अफेयर्स और बिजनेस जैसे विषयों पर लिख रहे हैं। डिजिटल मीडिया से जुड़ने के शुरुआती वर्षों में ये देश की एक टॉप लीडरशिप के आधिकारिक और राजनीतिक भाषणों और उनके पुस्तकों के संपादन कार्यों में भी योगदान दे चुके हैं। इन्होंने करियर का आरंभ टेलीविजन पत्रकारिता से किया और 14 वर्षों तक विभिन्न टीवी न्यूज चैनलों में सेवाएं दीं। इस कार्यकाल में इन्होंने सहारा समय नेशनल न्यूज चैनल पर 2006 में कन्या भ्रूण हत्या पर किए गए एक ऐतिहासिक स्टिंग ऑपरेशन पर बने'कोख में कत्ल' प्रोग्राम सीरीज को प्रोड्यूस किया, जो उन दिनों भारतीय संसद में भी छाया रहा। यहीं पर इन्होंने अगले ही साल पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े कार्यक्रमों पर न्यूज सीरीज बनाए, जिसकी देश की मीडिया में काफी चर्चा हुई। आगे के वर्षों में इसी चैनल पर 'मुर्दा, मवेशी, माफिया' प्रोग्राम सीरिज को भी पेश किया, जो दिल्ली-एनसीआर में मरे हुए मवेशियों का मांस बेचने वाली माफिया के खतरनाक स्टिंग ऑपरेशन पर आधारित था। ये 2002 के गुजरात विधानसभा चुनाव और 2004 के आम चुनावों से लेकर 2024 के आम चुनावों और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव तक को टीवी और डिजिटल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म के लिए कवर कर चुके हैं।... और पढ़ें

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