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UP जल जीवन मिशन; लखनऊ जिले के 80% घरों तक पहुंचा पानी, 2028 तक पूरे प्रदेश में जलापूर्ति का लक्ष्य

UP जल जीवन मिशन; लखनऊ जिले के 80% घरों तक पहुंचा पानी, 2028 तक पूरे प्रदेश में जलापूर्ति का लक्ष्य प्रदेश भर में करीब 5.21 लाख किलोमीटर से ज्यादा पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है. ज्यादातर योजनाएं सोलर से चल रहीं. By ETV Bharat…

ETV Bharat के अनुसार16 अगस्त 2026 को 05:55 am बजे
UP जल जीवन मिशन; लखनऊ जिले के 80% घरों तक पहुंचा पानी, 2028 तक पूरे प्रदेश में जलापूर्ति का लक्ष्य

सौजन्य से:- ETV Bharat

UP जल जीवन मिशन; लखनऊ जिले के 80% घरों तक पहुंचा पानी, 2028 तक पूरे प्रदेश में जलापूर्ति का लक्ष्य

प्रदेश भर में करीब 5.21 लाख किलोमीटर से ज्यादा पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है. ज्यादातर योजनाएं सोलर से चल रहीं.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 16, 2026 at 10:40 AM IST

लखनऊ: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन लखनऊ जिले में तेजी से जमीन पर उतर रही है. योजना के तहत जिले में 80% से ज्यादा घरों तक नल से पानी पहुंचाने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है. इससे गांवों की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. जिम्मेदारों का दावा है कि पूरे प्रदेश में योजना के तहत 2 करोड़ 44 लाख परिवारों तक हर घर नल से जल पहुंच रहा है. जो भी थोड़ी-बहुत कमियां हैं, वह 2028 तक पूरी कर ली जाएंगी और पूरे प्रदेश में हर घर तक जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. लखनऊ से वरिष्ठ संवाददाता ऋषि मिश्रा की रिपोर्ट.

लखनऊ जिले के मोहनलालगंज ब्लॉक में गांव सेवथा में जमीनी परीक्षण में जल जीवन मिशन की प्रगति की रिपोर्ट सामने आई है. जल जीवन मिशन का दावा है कि लखनऊ के लगभग 400 गांव में इसी तरह से कार्य किया गया है.

जिले के 80 फीसदी घरों तक जलापूर्ति की जा रही है. स्थानीय ग्रामीण भी इस बात की पुष्टि करते हैं, कि इस योजना से उन्हें पानी मिल रहा है. पूरे प्रेशर के साथ और जरूरत का भरपूर पानी मिल रहा है.

क्या कहते हैं उत्तर प्रदेश के आंकड़े: उत्तर प्रदेश के स्तर पर बात की जाए तो लगभग 60 हजार ग्राम पंचायतों में 60 हजार ओवरहेड टैंक बन चुके हैं. प्रदेश के सभी 75 जिलों में प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक-एक ओवरहेड टैंक बनाया गया है.

इतना ही नहीं गांवों के ज्यादातर पंपिंग स्टेशन को सोलर पैनल से लैस किया गया है और सोलर से हीं जलापूर्ति संभव बनाई जा रही है. पहले ओवरहेड टैंक में पानी भरा जाता है. इसी ओवरहेड टैंक के माध्यम से दिन में दो से तीन बार गांव में पानी की सप्लाई की जाती है.

पानी की स्वच्छता पर भी ध्यान: अधिकारियों ने बताया कि वाटर सप्लाई से पहले क्लोरिनेशन का काम किया जाता है, ताकि स्वच्छ पानी की सप्लाई की जा सके. वाटर सप्लाई का जो केंद्र बनाया गया है, उसको सौर ऊर्जा के माध्यम से चलाया जा रहा है. 15-16 किलोवॉट सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं.

गांवों में मिल रहा भरपूर पानी: गांव में रहने वाले प्रमोद कुमार बताते हैं कि पहले जिन गांव में महिलाएं सुबह-सुबह कुएं और हैंडपंप पर लाइन लगाती थीं, अब वहां हर घर में नल से साफ पानी आ रहा है.

उनका कहना है कि अब उन्हें दूर से पानी लाने की परेशानी नहीं उठानी पड़ती. बच्चे भी स्कूल जाने से पहले आराम से नहा-धोकर जा पा रहे हैं. हालत पहले से अब बहुत बदल गए हैं.

दिसंबर 2026 तक 100% कनेक्शन का लक्ष्य: मोहनलालगंज ब्लॉक के अवर अभियंता मनोज कुमार ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत लखनऊ के आसपास के सभी ब्लॉक में पाइपलाइन बिछाने और नए ओवरहेड टैंक बनाने का काम लगभग पूरा हो चुका है.

जिन घरों में अभी कनेक्शन नहीं लगा है, वहां भी तेजी से काम चल रहा है. उन्होंने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 तक 100% घरों को नल कनेक्शन दे दिया जाए. हमारी कोशिश यही है कि गांव में पानी की भरपूर सप्लाई हो.

फिलहाल, यहां पर जिस एजेंसी ने जलापूर्ति की व्यवस्था की है, वही मेंटेनेंस का काम भी देख रही है. भविष्य में हम इसे ग्राम पंचायत के हवाले करेंगे. इसके बाद में मेंटेनेंस और जल संरक्षण का काम करेंगे.

कुछ जगहों पर अभी भी चुनौती: अधिकारियों का यह भी कहना है कि ओवरऑल स्थिति बेहतर है, लेकिन कुछ दूर-दराज के इलाके और नई बस्तियों में अभी भी पानी की आपूर्ति में थोड़ी दिक्कत आ रही है. कहीं पाइपलाइन में लीकेज की शिकायत है, तो कहीं मोटर नहीं चल पाती है.

जल जीवन मिशन की थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन के लिए तैनात माधव सिंह बताते हैं कि हम जीपीएस लांगिट्यूड और लेटीट्यूट के माध्यम से विभाग के दावों की सच्चाई को मौके पर परखते हैं. जितना बताया गया है, उतना सच है कि नहीं? इसकी रिपोर्ट देते हैं. हमारे परीक्षण में अधिकांश चीज दुरुस्त ही नजर आ रही हैं.

2028 तक दूर होंगी सारी कमियां: जल जीवन मिशन और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह बताते हैं कि निश्चित तौर पर हम मान सकते हैं कि कई इलाकों में कुछ कमियां हैं. फिर भी सभी को यह समझना होगा कि यह प्रोजेक्ट 2028 तक का है.

कोरोना के समय बजट भी कुछ प्रभावित हुआ था. इसके बावजूद प्रोजेक्ट बड़ी तेजी से पूरा हो रहा है. हम पूरे प्रदेश में 2.44 करोड़ पानी के कनेक्शन कर चुके हैं. न केवल पानी की सप्लाई की बात हम करते हैं इसके अलावा पानी की गुणवत्ता के लिए भी हर संभव प्रयास किया जा रहा है.

उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन आंकड़ों की बात करें तो अगस्त 2026 तक प्रदेश के करीब 2.67 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 2.44 करोड़ परिवारों तक नल से जल पहुंच चुका है. कुल 60 हजार ग्राम पंचायतों के 97 हजार गांवों में से 85 हजार से ज्यादा गांव जल जीवन मिशन से जुड़े हैं.

प्रदेश भर में करीब 5.21 लाख किलोमीटर से ज्यादा पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है. ज्यादातर योजनाएं सोलर से चल रही हैं, जिससे बिजली की बड़ी बचत हो रही है. मिशन का लक्ष्य दिसंबर 2028 तक 100% पूरा करना है.

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