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प्रयागराज मंडल में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए प्रशासन सख्त, तीन दिनों के भीतर जलजमाव खत्म करने के निर्देश!

प्रयागराज मंडल में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए प्रशासन सख्त, तीन दिनों के भीतर जलजमाव खत्म करने के निर्देश! नहीं हटा जलजमाव तो नपेंगे अधिकारी, प्लेटलेट्स, दवाओं और ORS का पर्याप्त बफर स्टॉक रखने का आदेश By ETV Bhar…

ETV Bharat के अनुसार16 अगस्त 2026 को 02:55 am बजे
प्रयागराज मंडल में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए प्रशासन सख्त, तीन दिनों के भीतर जलजमाव खत्म करने के निर्देश!

सौजन्य से:- ETV Bharat

प्रयागराज मंडल में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए प्रशासन सख्त, तीन दिनों के भीतर जलजमाव खत्म करने के निर्देश!

नहीं हटा जलजमाव तो नपेंगे अधिकारी, प्लेटलेट्स, दवाओं और ORS का पर्याप्त बफर स्टॉक रखने का आदेश

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 16, 2026 at 7:19 AM IST

प्रयागराज: बरसात के मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने प्रयागराज मंडल के सभी जनपदों में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने सभी जिलाधिकारियों (डीएम) को स्पष्ट आदेश दिया है कि तीन दिन के भीतर सभी सरकारी भवनों, स्कूलों और कार्यालय परिसरों से जलजमाव पूरी तरह समाप्त कराया जाए. लापरवाही मिलने पर संबंधित विभागाध्यक्षों की जवाबदेही तय की जाएगी.

मंडलायुक्त ने की समीक्षा बैठक: शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त ने प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर और प्रतापगढ़ के डीएम, सीडीओ और सीएमओ के साथ मौजूदा हालात की जनपदवार समीक्षा की. मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि जिला स्तर पर गठित निगरानी समितियों को तत्काल पूरी तरह सक्रिय किया जाए. आम जनता की सुविधा के लिए समिति के सदस्यों, उनके दायित्वों और संपर्क नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, जिससे आपात स्थिति में नागरिक सीधे अधिकारियों से संपर्क साध सकें. मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (सीएमओ) को निर्देश दिया गया कि वे निगरानी कार्य में लगे स्वास्थ्य कर्मियों को स्वयं प्रशिक्षित करें.

वेक्टर जनित रोगों पर प्रभावी नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग का काम नहीं है, बल्कि इसमें सभी विभागों, स्थानीय निकायों और आमजन की सामूहिक भागीदारी जरूरी है. किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए हमारी तैयारियां पहले से चाक-चौबंद होनी चाहिए. - डॉ. लोकेश एम., मंडलायुक्त, प्रयागराज

मलिन बस्तियों और ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस: बैठक में जलजमाव और सफाई व्यवस्था को लेकर कड़े निर्देश दिए गए. सभी सरकारी परिसरों में एंटी-लार्वा छिड़काव का आदेश मिला. ग्रामीण क्षेत्रों में बीडीओ और ग्राम प्रधानों के माध्यम से, शहरी क्षेत्रों में नगर निगम को बंद नालों-नालियों की सफाई कर जल निकासी दुरुस्त करने को कहा गया है. इसके अलावा मलिन बस्तियों में जागरूकता शिविर लगाने के साथ ही लोगों को गमले, कूलर और पुराने टायरों में पानी जमा न होने देने, मच्छरदानी का प्रयोग करने और पूरे आस्तीन के कपड़े पहनने के लिए प्रेरित करने का निर्देश मिला.

दवाओं के स्टॉक को लेकर निर्देश: मंडलायुक्त ने संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के निर्देश दिए. सरकारी प्रयोगशालाओं के साथ-साथ आवश्यकता पड़ने पर निजी लैब की सेवाएं लेने की कार्ययोजना पहले से तैयार करने को कहा. सभी जनपदों में डेंगू वार्ड आरक्षित किए जाएं और प्लेटलेट्स, जीवनरक्षक दवाओं तथा ओआरएस का पर्याप्त बफर स्टॉक रखा जाए.

बुखार जांच केंद्र: सभी जिलों में 'फीवर क्लीनिक' (बुखार जांच केंद्र) स्थापित कर उन्हें निःशुल्क हेल्पलाइन/दूरभाष सेवा से जोड़ने का आदेश हुआ. मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की जाएगी. नियमित फॉगिंग और एंटी-लार्वा स्प्रे के साथ-साथ फॉगिंग वाहनों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से जागरूकता संदेश भी प्रसारित किए जाएंगे.

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