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यूपी के गांवों की लाइफलाइन क्या है, PCS प्रशिक्षु अधिकारियों ने क्या खास बात जानी, जानिए

यूपी के गांवों की लाइफलाइन क्या है, PCS प्रशिक्षु अधिकारियों ने क्या खास बात जानी, जानिए डॉ. राम मनोहर लोहिया प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में आयोजित हुआ कार्यक्रम. By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published : August 27, 2…

ETV Bharat के अनुसार27 अगस्त 2026 को 04:23 am बजे
यूपी के गांवों की लाइफलाइन क्या है, PCS प्रशिक्षु अधिकारियों ने क्या खास बात जानी, जानिए

सौजन्य से:- ETV Bharat

यूपी के गांवों की लाइफलाइन क्या है, PCS प्रशिक्षु अधिकारियों ने क्या खास बात जानी, जानिए

डॉ. राम मनोहर लोहिया प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में आयोजित हुआ कार्यक्रम.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 27, 2026 at 7:40 AM IST

लखनऊ: डॉ. राम मनोहर लोहिया प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी में प्रांतीय सिविल सेवा के प्रशिक्षु अधिकारियों का बुधवार को प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित हुआ. उत्तर प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने ग्रामीण विकास में सड़कों की भूमिका और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर ट्रेनिंग दी. उन्होंने बताया कि आखिर यह गांवों की लाइफलाइन क्यों है और सड़क का यूपी के विकास में क्या योगदान है.

उन्होंने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व ग्राम्य विकास विभाग के मंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के विस्तार और गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों को साझा किया. बताया कि उनका स्पष्ट विजन है कि प्रदेश का कोई भी गांव बेहतर सड़क संपर्क से वंचित न रहे और सड़क के माध्यम से गांव तक विकास की प्रत्येक सुविधा पहुंचे.

उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के कार्यों की प्रत्येक माह समीक्षा करते हैं. वे सड़कों की प्रगति, गुणवत्ता, समयबद्धता और निर्धारित मानकों के अनुपालन को लेकर अधिकारियों से नियमित फीडबैक लेते हैं. कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतने के निर्देश देते हैं.

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने पीएमजीएसवाई की सड़कों में एफडीआर (Full Depth Reclamation) जैसी आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल तकनीक के उपयोग पर विशेष बल दिया है. इससे उपलब्ध सड़क सामग्री के फिर से उपयोग के साथ प्राकृतिक संसाधनों और निर्माण लागत की बचत को बढ़ावा मिलता है.अवस्थी ने बताया कि मजबूत सड़क नेटवर्क किसानों को बाजार, बच्चों को विद्यालय, मरीजों को अस्पताल और युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ता है.

सड़क संपर्क ग्रामीण अर्थव्यवस्था की गति बढ़ाने और गांवों में रोजगार व स्वरोजगार के अवसर पैदा करने का सशक्त माध्यम है. उन्होंने बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार के समन्वित प्रयासों से सड़क, आवास, रोजगार, आजीविका और अन्य ग्रामीण योजनाओं को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है.

उपमुख्यमंत्री के नेतृत्व में ग्राम्य विकास विभाग का लक्ष्य सिर्फ सड़क निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि सड़क को गांव के समग्र विकास का माध्यम बनाना है. ग्राम्य विकास विभाग के अंतर्गत आवास, ग्रामीण आजीविका, मनरेगा और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित अनेक योजनाएं संचालित हैं. उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास विजन गांव को विकास की अंतिम इकाई नहीं, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश की मजबूत नींव के रूप में स्थापित करना है. सुदृढ़ सड़क नेटवर्क के माध्यम से ग्रामीण नागरिकों के जीवन को सुगम बनाने, किसानों की आय के अवसर बढ़ाने और युवाओं और महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है.

उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ कागज से निकलकर धरातल पर और धरातल से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे.

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