ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड... 'जूते तक नहीं पहन पाई, सिर्फ फोन लेकर निकली', प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई खौफनाक रात की आपबीती
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती स्लीपर बस में लगी आग के बाद सामने आई प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती हादसे की भय…

सौजन्य से:- AajTak
Sign In
Advertisement
X
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती स्लीपर बस में लगी आग के बाद सामने आई प्रत्यक्षदर्शियों की आपबीती हादसे की भयावह तस्वीर बताती है. दिल्ली के कश्मीरी गेट से महोबा जा रही राज कल्पना ट्रैवल्स की बस में बुधवार-गुरुवार देर रात करीब 11:30 बजे आग लगी. हादसा यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो पॉइंट से करीब 32 किलोमीटर आगे जेवर थाना क्षेत्र में हुआ. हादसे में 9 यात्रियों की मौत हुई है. FIR में यात्री सुनील कुमार ने आरोप लगाया है कि आग लगने से पहले बस में जलने की बदबू आ रही थी और यात्रियों ने चालक-परिचालक को इसकी जानकारी दी थी, लेकिन बस समय रहते नहीं रोकी गई.
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि पीछे की सीट पर था, धुएं के बीच धक्का देकर निकला
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वह दिल्ली से महोबा जा रहा था. उसके मुताबिक, वह बस में सो रहा था. अचानक उसे पता चला कि बस में आग लग गई है. इसके बाद वह अपनी जान बचाने के लिए बस से बाहर निकलने की कोशिश करने लगा.
उसने बताया कि बाहर निकलते समय बस के अंदर बहुत ज्यादा धुआं भर गया था. हालात ऐसे थे कि ठीक से कुछ दिखाई नहीं दे रहा था. बस यात्रियों से पूरी तरह भरी हुई थी और आग लगने के बाद सभी लोग एक साथ बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे. भीड़ और घबराहट के बीच जिसे जहां जगह मिली, वह उसी रास्ते से बाहर निकलने लगा.
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि वह बस की सबसे पीछे वाली सीट पर बैठा था. आग बस के आगे की तरफ लगी थी. उसने कहा कि बस से निकलते समय लोगों को धक्का देते हुए बाहर आना पड़ा. धुएं और अफरा-तफरी के बीच किसी तरह वह बस से बाहर निकल पाया.
Advertisement
रिंकी राजपूत की आपबीती: जूते तक नहीं पहन पाई, सिर्फ फोन लेकर निकली
दूसरी प्रत्यक्षदर्शी रिंकी राजपूत ने बताया कि वह रात में अपने घर जा रही थीं. वह बस में सो रही थीं. इसी दौरान किसी ने गेट बजाया, जिसके बाद वह उठीं और बाहर निकलने की कोशिश की.
यह भी पढ़ें: ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस बनी आग का गोला, 9 यात्रियों की दर्दनाक मौत
रिंकी ने बताया कि जब वह बाहर निकलने लगीं, तब तक बस में काफी भीड़ हो चुकी थी. हालात इतने खराब थे कि वह अपना सामान तक नहीं उठा पाईं. यहां तक कि उन्होंने जूते भी नहीं पहने और सिर्फ अपना फोन लेकर बस से बाहर निकलने की कोशिश की.
उन्होंने बताया कि बस के अंदर लोग एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे. धुआं इतना ज्यादा था कि कुछ दिखाई नहीं दे रहा था और अंदर घुटन हो रही थी. रिंकी ने कहा कि वह खुद धक्के के बीच बाहर निकलीं और किसी ने उन्हें खींचकर बाहर निकाला. इसके बाद उन्हें ज्यादा कुछ याद नहीं है.
रिंकी के मुताबिक, आग बस के आगे वाले हिस्से में, ड्राइवर के पास लगी थी. उन्होंने बताया कि बहुत कम लोग बाहर निकल पाए और कई लोग अंदर ही फंस गए. उनके मुताबिक, हादसे में मौतें भी हुई हैं. उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस करीब आधे घंटे के आसपास मौके पर पहुंची थी.
Advertisement
FIR में सुनील कुमार का दावा: पहले ही आ रही थी जलने की बदबू
बस में सवार सुनील कुमार की शिकायत के आधार पर दर्ज FIR में घटना को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं. सुनील के मुताबिक, बस में करीब 30 से 35 यात्री सवार थे. उन्होंने बताया कि करीब 11:30 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंचने के दौरान ड्राइवर कैबिन की ओर से जलने की बदबू आने लगी.
शिकायत के मुताबिक, कुछ यात्रियों ने चालक और परिचालक को बस में जलने जैसी बदबू आने की जानकारी दी. आरोप है कि चालक ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और कहा कि बस में इस तरह की बदबू आती रहती है. FIR में यह भी आरोप लगाया गया है कि चालक और परिचालक कैबिन में बीड़ी और सिगरेट पी रहे थे.
सुनील के मुताबिक, कुछ ही देर बाद ड्राइवर की सीट के पास से तेज आग की लपटें निकलने लगीं. यात्रियों ने शोर मचाकर बस रोकने के लिए कहा. शिकायत में आरोप है कि चालक और परिचालक ने यात्रियों की बात नहीं मानी और बस रोकने में देर हुई. इसके बाद आग तेजी से फैल गई और बस के अंदर धुआं भर गया.
सुनील ने बताया: 9 लोग अंदर फंस गए
Advertisement
सुनील के मुताबिक, बस रुकने के बाद उन्होंने और दूसरे यात्रियों ने बाहर निकलने की कोशिश की. कुछ लोग किसी तरह बस से कूदकर बाहर निकल गए, लेकिन कई यात्री आग और धुएं के कारण अंदर ही फंस गए.
शिकायत के मुताबिक, 9 लोगों को इलाज के लिए कैलाश अस्पताल, जेवर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. सुनील का कहना है कि अगर बस समय पर सड़क किनारे रोक दी जाती तो यात्रियों को बाहर निकलने के लिए ज्यादा समय मिल सकता था. उन्होंने यह भी बताया कि कई यात्रियों के बैग, मोबाइल और अन्य सामान जलकर राख हो गए.
मौके पर क्या हुआ?
घटना के बाद ड्राइवर और कंडक्टर के मौके से भाग जाने की बात भी सामने आई है. लोगों ने आग बुझाने वाले सिलेंडर की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की. बस के अंदर से आवाजें आने पर कुछ लोगों ने इन्हीं सिलेंडरों से खिड़की के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन कई लोग अंदर फंसे रह गए.
फायर विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया. इसके बाद बस को पूरी तरह ठंडा करने के लिए कूलडाउन की प्रक्रिया की गई. पुलिस और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचकर जांच में जुटे रहे. आग लगने की सही वजह अभी जांच का विषय है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए घायलों के बेहतर इलाज और मृतकों के परिजनों को जरूरी मदद देने के निर्देश दिए हैं.
---- समाप्त ----
TOPICS:
Latest News in Hindi »
Advertisement
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

कानपुर: नगर निगम के मुख्य अभियंता पर गाज गिरना तय, चहेते ठेकेदारों और फर्जी फर्मों को दिया फायदा, पढ़ें मामला

Yogi Adityanath Launches Bharat Taxi In Uttar Pradesh; Service Goes Live In Lucknow, Gorakhpur, Varanasi, Kanpur And Prayagraj

ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती बस में लगी भीषण आग, 9 लोगों की मौत


