कानपुर: नगर निगम के मुख्य अभियंता पर गाज गिरना तय, चहेते ठेकेदारों और फर्जी फर्मों को दिया फायदा, पढ़ें मामला
कानपुर: नगर निगम के मुख्य अभियंता पर गाज गिरना तय, चहेते ठेकेदारों और फर्जी फर्मों को दिया फायदा, पढ़ें मामला Kanpur News: कानपुर नगर निगम के बहुचर्चित टेंडर घोटाले में अब अभियंत्रण विभाग के मुख्य अभियंता मोहम्मद एसएफए ज…

सौजन्य से:- Amar Ujala
कानपुर: नगर निगम के मुख्य अभियंता पर गाज गिरना तय, चहेते ठेकेदारों और फर्जी फर्मों को दिया फायदा, पढ़ें मामला
Kanpur News: कानपुर नगर निगम के बहुचर्चित टेंडर घोटाले में अब अभियंत्रण विभाग के मुख्य अभियंता मोहम्मद एसएफए जैदी पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। सीडीओ के नेतृत्व में गठित समिति की जांच में खुलासा हुआ है कि उन्होंने बिना अभिलेखों का भौतिक सत्यापन किए ही चहेती फर्मों का पंजीकरण किया और टेंडर आवंटित किए।
विस्तार
कानपुर नगर निगम के टेंडर घोटाले में अब अभियंत्रण विभाग के मुख्य अभियंता मो. एसएफए जैदी पर गाज गिरना लगभग तय है। सीडीओ के नेतृत्व में बनी समिति की जांच में पता चला है कि उन्होंने अभिलेखों का बिना परीक्षण या भौतिक सत्यापन किए ही फर्माें के पंजीकरण किए और विभिन्न कार्य भी आवंटित कर दिए। मंडलायुक्त ने नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव और नगर आयुक्त को मुख्य अभियंता का स्थानांतरण और विभागीय कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
नगर निगम में भ्रष्टाचार की परत दर परत खुलने के बाद मंडलायुक्त के निर्देश पर 29 अगस्त को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) की निगरानी में तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। समिति ने नगर निगम में पंजीकृत फर्मों के दस्तावेज, ठेकेदारी की प्रक्रिया और विभिन्न टेंडरों में शामिल अफसरों-कर्मियों की भागीदारी की पड़ताल की। मंडलायुक्त ने पत्र में कहा है कि नगर निगम में विभिन्न कार्यों के लिए ठेकेदारों के पंजीयन प्रक्रिया, वित्तीय वर्ष 2024-25 से अब तक उनके किए गए सभी कार्यों की गुणवत्ता को लेकर आईं विभिन्न शिकायतों की जांच की गई।
दायित्वों के निर्वहन और शासकीय कार्यों में उदासीनता बरती
नगर निगम में विभिन्न कार्यों को कराने के लिए कुछ कर्मियों और ठेकेदारों के पास पूरे कागजात न होने के बाद भी उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए पंजीकृत किया गया। फर्मों के पंजीकरण और उनके कार्यों की निष्पक्ष जांच कराने का प्रमुख दायित्व मुख्य अभियंता का होता है, लेकिन उन्होंने फर्माें के अभिलेखों का बिना परीक्षण या भौतिक सत्यापन किए ही विभिन्न कार्य आवंटित कराए। मुख्य अभियंता ने पंजीकरण कराने व पूर्व से पंजीकृत फर्मों के प्रपत्रों की जांच न कर अपने दायित्वों के निर्वहन और शासकीय कार्यों में उदासीनता बरती है।
पांच कंपनियां ब्लैकलिस्टेड की गई थीं
इसलिए मुख्य अभियंता एसएफए जैदी का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए। जांच रिपोर्ट मंडलायुक्त के साथ शासन को भी भेजी गई है। अब तक इन पर हो चुकी कार्रवाई नगर निगम के टेंडर घोटाले में 25 अगस्त को पांच ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही पांच कंपनियां ब्लैकलिस्टेड की गई थीं। इसमें दो ठेकेदार संदीप जैन व रज्जन बाजपेई को गिरफ्तार किया गया था जबकि सरगना गोविंद शर्मा हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे लेकर गायब है। मामले में ठेकेदार फर्म दिलीप बाजपेई एंटरप्राइजेज, अजय एंटरप्राइजेज, पारसनाथ बिल्डर, तिरुपति और कैला एंटरप्राइजेज पर कार्रवाई हुई थी।
दो जेई सहित तीन का हो चुका निलंबन
अब तक फर्म पंजीकरण मामले में निगरानी न करने, बिना सत्यापन पंजीकरण करने में अभियंत्रण विभाग के वरिष्ठ लिपिक भूपेंद्र सिंह, दो जेई अमनदीप सिंह और बालेंद्र कुमार का निलंबन किया जा चुका है। वर्षों से एक ही विभाग में डटे लिपिक संजय कटियार, रहमान व दिनेश प्रसाद को इधर से उधर किया गया है। एसआईटी के साथ ही मंडलायुक्त के निर्देश पर सीडीओ के नेतृत्व में गठित कमेटी भी अलग-अलग जांच कर रही है।
मुख्य अभियंता साथ लाए थे चहेते ठेकेदार
नगर निगम में भ्रष्टाचार उजागर होने के बाद से ही मुख्य अभियंता एसएफए जैदी पर आरोप लग रहे हैं। आरोप है कि लखनऊ से तबादला होकर कानपुर आने पर वह तीन ठेकेदारों को साथ लाए थे और यहां कई कार्य आवंटित किए। इसके अलावा कुछ फर्माें को लाभ देते हुए टेंडर भी दिलाए। इसे लेकर नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय भी पूर्व में शासन को पत्र भेजा था, इसमें मुख्य अभियंता स्तर के दूसरे अधिकारी को जांच के लिए नियुक्त करने की मांग की थी। इसके बाद ही शासन के निर्देश पर मंडलायुक्त कार्यालय से जांच समिति का गठन किया गया था।
Powered by CM Sarkar Geeta Reporter
संबंधित ख़बरें

Yogi Adityanath Launches Bharat Taxi In Uttar Pradesh; Service Goes Live In Lucknow, Gorakhpur, Varanasi, Kanpur And Prayagraj

ग्रेटर नोएडा: यमुना एक्सप्रेसवे पर चलती बस में लगी भीषण आग, 9 लोगों की मौत

ग्रेटर नोएडा बस अग्निकांड... 'जूते तक नहीं पहन पाई, सिर्फ फोन लेकर निकली', प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई खौफनाक रात की आपबीती


