लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की जांच में ड्रेनेज सिस्टम में मिली खामियां, IIT खड़गपुर और NHAI की टीम ने किया इंस्पेक्शन - lucknowkanpur expressway drainage flaws found by joint team
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की जांच में ड्रेनेज सिस्टम में मिली खामियां, IIT खड़गपुर और NHAI की टीम ने किया इंस्पेक्शन लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की प्रारंभिक जांच में ड्रेनेज सिस्टम में खामियां सामने आई हैं, जिसके लिए आईआईटी ख…

सौजन्य से:- Jagran
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की जांच में ड्रेनेज सिस्टम में मिली खामियां, IIT खड़गपुर और NHAI की टीम ने किया इंस्पेक्शन
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की प्रारंभिक जांच में ड्रेनेज सिस्टम में खामियां सामने आई हैं, जिसके लिए आईआईटी खड़गपुर, स्वतंत्र लेबोरेटरी और एनएचएआई की संयु ...और पढ़ें
HighLights
- लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के ड्रेनेज सिस्टम में खामियां मिलीं।
- आईआईटी खड़गपुर, एनएचएआई टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया।
- खराब अर्थवर्क से सड़क धंसने और पानी जमा होने की समस्या।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की प्रारंभिक जांच में ड्रेनेज सिस्टम में खामियां सामने आई हैं। आइआइटी खडगपुर, स्वतंत्र लेबोरेटरी व दिल्ली से आई एनएचएआइ अधिकारियों की संयुक्त टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया। करीब चार घंटे से अधिक चले निरीक्षण में टीम ने अप व डाउन यानी 126 किलोमीटर एक्सप्रेसवे का सफर किया। टीम ने कई जगह फोटोग्राफ लिए।
आइआइटी खडगपुर से आए प्रोफेसर केएस रेड्डी ने हर बिन्दु को अपनी डायरी में लिखा और दिल्ली से आई एनएचएआइ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ निरीक्षण करने के दौरान चर्चा करते हुए कहा कि ग्रीन फील्ड पर लखनऊ से कानपुर जाते वक्त कर्व ज्यादा है। अफसरों ने बताया कि कोई नदी नीचे से निकली है। इसलिए कर्व है। यहां टीम को कानपुर से लखनऊ आने वाले एक्सप्रेसवे पर ढाल ज्यादा दिखी।
टीम ने पाया कि बरसात का पानी दाएं व बाएं दोनों तरफ से बराबर निकलना चाहिए लेकिन अधिकांश पानी कर्व वाले स्थान पर ज्यादा आ रहा था। यह स्थान उन्नाव के कोरारी, किलोमीटर 64 व आसपास मिला। यहां टीम को ड्रेनेज में भी थोड़ी खामी प्रारंभिक जांच में मिली। हालांकि अभी यह जांच चार दिन चलेगी और संयुक्त टीम ने कोई रिपोर्ट सार्वजनिक न करने का दावा किया है।
ग्रीन फील्ड में नीचे चला गया पानी
टीम ने स्वतंत्र लेबोरेटरी के सदस्यों की मदद से उन स्थानों के डामर भी लिया, जहां सड़क धंस रही थी। इसके अलावा मिट्टी खोदाई कराकर ली गई। टीम ने पाया कि मिट्टी में कई फीट नीचे तक नमी है। सूत्रों के मुताबिक बरसात का पानी ग्रीन फील्ड में नीचे तक चला गया है। अर्थ वर्क बेहतर तरीके से न होने के कारण जब भारी वाहन निकले तो सड़क धंस गई।
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यही नहीं, ग्रीन फील्ड के नीचे ड्रेनेज लेयर सही न होना भी पाया गया। हालांकि यह सभी चीजें ठीक होने वाली हैं लेकिन डामर की गुणवत्ता प्रारंभिक जांच में ठीक मिली। स्वतंत्र लेबोरेटरी टीम के सदस्यों ने जो सैंपल लिए हैं, उनकी जांच आइआइटी खडगपुर के प्रोफेसर कराएंगे या फिर किसी निजी एजेंसी से कराई जाएगी, इस पर अभी निर्णय नहीं किया गया है।
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बता दें लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता एन राम और सेतु निगम के सेवानिवृत्त महाप्रबंधक संदीप गुप्ता ने दैनिक जागरण से एक्सप्रेसवे के अर्थ वर्क और ड्रेनेज सही न होने की बात कही थी। जो जांच में सामने आई है।
जो भी नमूने लिए जाएंगे, उसे आइआइटी खडगपुर अपनी लैब में जांच करेगी या फिर किसी स्वतंत्र लेबोरेटरी में कराया जाएगा। इस पर अभी निर्णय नहीं हुआ है। हां पीएनसी की लैब में कोई जांच नहीं होगी। आज संयुक्त टीम ने पूरे 126 किमी. का निरीक्षण किया और फोटोग्राफ लिए। प्रारंभिक जांच कह सकते आज हो गई, अभी कोई ठोस कारण सामने नहीं आए हैं। अभी तीन से चार दिन तक जांच चलने की संभावना है। जांच के बाद जो सैंपल लिए जाएंगे, उनमें कुछ की रिपोर्ट तीन से चार दिन में और कुछ की एक सप्ताह तक आएगी। तभी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। -नवरतन, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ, लखनऊ।
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