गोरखपुर में 'रौब' से नहीं, व्यवहार से पुलिस जीतेगी आमजन का भरोसा - gorakhpur police training improving public behavior and trust
गोरखपुर में 'रौब' से नहीं, व्यवहार से पुलिस जीतेगी आमजन का भरोसा पुलिसकर्मियों को जनता के साथ बेहतर संवाद और सम्मानजनक व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाएगा। गोरखपुर रेंज के 450 पुलिसकर्मी इसमें शामिल होंगे, जिसका लक्ष्य आमजन…

सौजन्य से:- Jagran
गोरखपुर में 'रौब' से नहीं, व्यवहार से पुलिस जीतेगी आमजन का भरोसा
पुलिसकर्मियों को जनता के साथ बेहतर संवाद और सम्मानजनक व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाएगा। गोरखपुर रेंज के 450 पुलिसकर्मी इसमें शामिल होंगे, जिसका लक्ष्य आमजन का भरोसा जीतना है।
HighLights
- पुलिसकर्मियों को जनता से बेहतर संवाद का प्रशिक्षण।
- गोरखपुर रेंज के 450 पुलिसकर्मी होंगे शामिल।
- त्योहारों, अपराध स्थलों पर व्यवहार सुधारने पर जोर।
जागरण संवाददाता, गोरखपुर। पुलिस की पहचान सिर्फ वर्दी और कार्रवाई से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार से भी बनती है। कार्य व्यवहार को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच अब पुलिसकर्मियों को जनता के साथ बेहतर संवाद और सम्मानजनक व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाएगा। बुधवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में गोरखपुर रेंज के चार जिलों के करीब 450 पुलिसकर्मी इस प्रशिक्षण में शामिल होंगे।
सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक चलने वाले प्रशिक्षण में डीआइजी ट्रेनिंग देव रंजन वर्मा पुलिसकर्मियों को व्यवहार और पुलिसिंग के अलग-अलग पहलुओं की जानकारी देंगे। इसमें त्योहारों के दौरान ड्यूटी करने, कांवड़ियों से पेश आने, अपराध की सूचना मिलने पर मौके पर पुलिसिंग करने और आम लोगों से संवाद के तरीके बताए जाएंगे।
कई बार थाने या पुलिस चौकी पर शिकायत लेकर पहुंचने वाले व्यक्ति के लिए पुलिसकर्मी का व्यवहार ही उसकी पहली अनुभूति होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण में शिकायतकर्ता की बात ध्यान से सुनने, समस्या समझने और कार्रवाई की जानकारी देने पर जोर रहेगा।पुलिसकर्मियों को यह भी बताया जाएगा कि कानून का पालन कराते समय अनावश्यक सख्ती और सामान्य स्थिति में व्यवहार के बीच अंतर कैसे रखा जाए।
संभ्रांत नागरिकों को सम्मान देने के साथ पीड़ित और जरूरतमंद के साथ संवेदनशील व्यवहार करने की जानकारी भी दी जाएगी। प्रशिक्षण का एक अहम हिस्सा त्योहारों के दौरान पुलिस की भूमिका से जुड़ा होगा। कांवड़ यात्रा और अन्य आयोजनों में भीड़ के बीच ड्यूटी करते समय श्रद्धालुओं से संवाद, यातायात नियंत्रण और विवाद की स्थिति में संयम बनाए रखने के तरीके बताए जाएंगे।
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अपराध होने पर घटनास्थल पर पहुंचने से लेकर शुरुआती पुलिसिंग, पीड़ित से बातचीत और कार्रवाई की प्रक्रिया पर भी चर्चा होगी। प्रशिक्षण में कम्युनिटी पुलिसिंग को बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। पुलिसकर्मियों को स्थानीय लोगों, व्यापारियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से बेहतर समन्वय बनाने के तरीके बताए जाएंगे।
इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर समस्याओं और अपराध की सूचनाओं को समय से जानना और उनका समाधान करना है। प्रशिक्षण में गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के पुलिस अधिकारी और 450 पुलिसकर्मी शामिल होंगे।
त्योहार के समय पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ प्रबंधन, यातायात और सुरक्षा के साथ लोगों से संवाद की होती है। प्रशिक्षण में पुलिसकर्मियों को बताया जाएगा कि श्रद्धालुओं से किस तरह व्यवहार करना है, भीड़ में किसी विवाद को बढ़ने से कैसे रोकना है और संवेदनशील स्थिति में संयम बनाए रखते हुए कार्रवाई कैसे करनी है।
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