होमसेहत'कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही रहते हैं', सीएम योगी का अखिलेश यादव पर तीखा तंज - cm yogi slams akhilesh yadav and honors weavers on handloom day up
सेहत

'कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही रहते हैं', सीएम योगी का अखिलेश यादव पर तीखा तंज - cm yogi slams akhilesh yadav and honors weavers on handloom day up

'कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही रहते हैं', सीएम योगी का अखिलेश यादव पर तीखा तंज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर उत्कृष्ट बुनकरों को सम्मानित किया और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। ..…

Jagran के अनुसार7 अगस्त 2026 को 03:18 pm बजे
'कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही रहते हैं', सीएम योगी का अखिलेश यादव पर तीखा तंज - cm yogi slams akhilesh yadav and honors weavers on handloom day up

सौजन्य से:- Jagran

'कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही रहते हैं', सीएम योगी का अखिलेश यादव पर तीखा तंज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर उत्कृष्ट बुनकरों को सम्मानित किया और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। ...और पढ़ें

HighLights

- मुख्यमंत्री योगी ने उत्कृष्ट बुनकरों को संत कबीर पुरस्कार से नवाजा।

- योगी ने अखिलेश यादव पर 'बबुआ' कहकर तीखा राजनीतिक तंज कसा।

- पिछली सरकारों की कार्यशैली और विकास प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मंच से बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि ‘कुछ लोग जीवन भर बच्चे ही बने रहते हैं।’ ऐसे लोग प्रदेश के विकास की चिंता करने के बजाय अपने आराम में ही व्यस्त रहे।

पहले प्रदेश दंगों और असुरक्षा के लिए जाना जाता था, लेकिन आज सुशासन और विकास के जरिये सरकार हर वर्ग तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रही है। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट बुनकरों को संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार से सम्मानित किया, विभिन्न संस्थाओं के साथ सहयोग के लिए कई एमओयू कराए और सरकारी विभागों, अस्पतालों, होटलों व गेस्ट हाउसों से हथकरघा उत्पादों की खरीद बढ़ाने के साथ स्थानीय उत्पादों को उपहार के रूप में अपनाने की अपील भी की।

शुक्रवार को लोकभवन में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने बताया कि हथकरघा और पावरलूम उद्योग आज करीब 30 लाख लोगों की आजीविका का आधार है। नई संसद भवन में भदोही की कालीन का इस्तेमाल प्रदेश के कारीगरों की गुणवत्ता और हुनर का प्रमाण है।

वर्ष 2017 से पहले भदोही का कालीन उद्योग लगभग बंद होने की स्थिति में पहुंच गया था, लेकिन अब वहां से सैकड़ों करोड़ रुपये का कालीन निर्यात हो रहा है। वाराणसी में ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर और भदोही में कालीन एक्सपो सेंटर बनने से उद्योग को नई मजबूती मिली है। लखनऊ में एक हजार एकड़ क्षेत्र में पीएम मित्र टेक्सटाइल पार्क विकसित हो रहा है।

खबरें और भी

संत कबीर के नाम पर प्रदेश में पांच टेक्सटाइल पार्क भी स्थापित किए जा रहे हैं। कृषि के बाद टेक्सटाइल उद्योग सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र बन चुका है। कहा कि सात अगस्त, 1905 को शुरू हुए स्वदेशी आंदोलन ने देश को एकजुट करने और स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा देने का काम किया था।

इसी विरासत को सम्मान देने के लिए प्रधानमंत्री ने सात अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया। इस अवसर पर हैंडलूम एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, दमेरा टाटा ग्रुप, डीटीडीसी, इंटरनेशनल फैशन बिजनेस एक्सचेंज काउंसिल तथा अन्य संस्थाओं के साथ विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।

इन बुनकरों को मिला सम्मान

मुख्यमंत्री ने संत कबीर राज्यस्तरीय हथकरघा पुरस्कार के तहत साड़ी, ब्राकेड एवं ड्रेस मेटेरियल श्रेणी में वाराणसी के जमालुद्दीन, सूती दरी, ऊनी दरी, आसनी एवं दरेट श्रेणी में सीतापुर के अकील अहमद, बेडशीट, बेड कवर एवं होम फर्निशिंग श्रेणी में बिजनौर के कफील अहमद व स्टोल, अंगवस्त्र और अन्य पारंपरिक वस्त्र श्रेणी में वाराणसी के प्यारेलाल को प्रथम पुरस्कार दिया।

सभी को एक-एक लाख रुपये का चेक, प्रशस्ति पत्र और ट्राफी दिए गए। झलकारी बाई कोरी हथकरघा एवं पावरलूम विकास योजना के तहत मऊ के सुरेंद्र कुमार, इटावा की सोनी और झांसी की मीरा बाई को 93-93 हजार रुपये के चेक दिए गए।

मुख्यमंत्री हैंडलूम एवं पावरलूम उद्योग विकास योजना के तहत मुरादाबाद के गुलाम वारिस को 78 हजार रुपये, जबकि बरेली के मोहम्मद साजिद अंसारी और मेरठ के जय किशन राजपूत को 93-93 हजार रुपये के चेक प्रदान किए गए।

यह भी पढ़ें- नेशनल हैंडलूम डे पर सीएम योगी ने हस्तशिल्पियों को किया सम्मानित, बोले- हथकरघा हमारी सांस्कृतिक पहचान

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें