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​लखनऊ में युवक को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने वाले को उम्रकैद, 50 हजार जुर्माना

लखनऊ में युवक को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने वाले को उम्रकैद, 50 हजार जुर्माना जुर्माना अदा न करने पर दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास होगा. By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published : August 16, 2026 at 8:11 AM IST लखनऊ…

ETV Bharat के अनुसार16 अगस्त 2026 को 03:55 am बजे
​लखनऊ में युवक को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने वाले को उम्रकैद, 50 हजार जुर्माना

सौजन्य से:- ETV Bharat

लखनऊ में युवक को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने वाले को उम्रकैद, 50 हजार जुर्माना

जुर्माना अदा न करने पर दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कारावास होगा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 16, 2026 at 8:11 AM IST

लखनऊ: राजधानी लखनऊ की विशेष अदालत ने पारिवारिक विवाद व रंजिश के चलते युवक को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने के सनसनीखेज मामले में अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने विजय बहादुर को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50,000 के अर्थदंड की सजा सुनाई है. जुर्माना अदा न करने पर दोषी को 6 माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा.

साल 2021 में ससुराल में दिया गया था वारदात को अंजाम: अभियोजन के अनुसार, नगराम के दुल्हापुर हुसैनाबाद निवासी नन्हू प्रसाद ने मोहनलालगंज कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. उनके बेटे संगम कुमार की शादी वर्ष 2013 में शीला के साथ हुई थी. विवाह के बाद से संगम अपनी पत्नी व बेटे के साथ ससुराल में ही रहकर जीवन यापन कर रहा था. आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग पारिवारिक विवाद और रंजिश के चलते संगम को लगातार प्रताड़ित करते थे और आए दिन उसके साथ मारपीट की जाती थी.

पीट-पीटकर पेट्रोल छिड़का और लगा दी थी आग: 24 अगस्त 2021 को विवाद ने उग्र रूप ले लिया. ससुराल पक्ष के महादीन, रामरुचि उर्फ रामू, सुमन और महादीन के दामाद विजय बहादुर ने एकराय होकर संगम को बेरहमी से पीटा. इसके बाद विजय बहादुर ने संगम के ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी. इस साजिश में मृतक की पत्नी और साली की भूमिका भी सामने आई थी. आग से बुरी तरह झुलसे संगम को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 27 अगस्त 2021 को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.

ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत पुख्ता साक्ष्यों ने दिलाई सजा: पुलिस ने मामले में हत्या की धारा के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था. ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मोहनलालगंज के प्रभारी निरीक्षक राम बाबू सिंह और पैरोकार आरक्षी प्रदीप आनंद ने अभियोजन पक्ष के साथ मिलकर अदालत में चश्मदीद गवाहों के बयान और ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य पेश किए.

विशेष न्यायाधीश आयुर्वेद घोटाला प्रकरण/सीबीआई, लखनऊ की अदालत ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद विजय बहादुर को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई.

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