दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0 में योगी सरकार की बड़ी सफलता, 11 दिन में 1559 दिव्यांगों को मिला रोजगार - ups divyangjan rojgar abhiyan 30 1559 persons get jobs
दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0 में योगी सरकार की बड़ी सफलता, 11 दिन में 1559 दिव्यांगों को मिला रोजगार योगी सरकार के 'दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0' के तहत 11 दिनों में 1,559 दिव्यांगजनों को रोजगार और स्वरोजगार मिला। यह अभि…

सौजन्य से:- Jagran
दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0 में योगी सरकार की बड़ी सफलता, 11 दिन में 1559 दिव्यांगों को मिला रोजगार
योगी सरकार के 'दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0' के तहत 11 दिनों में 1,559 दिव्यांगजनों को रोजगार और स्वरोजगार मिला। यह अभियान दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं से भी जोड़ रहा है।
HighLights
- 1,559 दिव्यांगजनों को रोजगार एवं स्वरोजगार मिला।
- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से 538 लाभार्थी जुड़े।
- कानपुर नगर में सर्वाधिक 149 दिव्यांगजन चयनित हुए।
डिजिटल डेस्क, लखनऊ। योगी सरकार दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा मिशन निदेशक पुलकित खरे के निर्देशन में 3 से 13 अगस्त तक चलाए गए ‘दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0’ ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
75 जिलों में 11 दिन तक चले विशेष अभियान के दौरान प्रदेशभर में आयोजित रोजगार मेलों, प्लेसमेंट ड्राइव और स्वरोजगार गतिविधियों के माध्यम से 1,559 दिव्यांगजन रोजगार और स्वरोजगार से जुड़े। अभियान के जरिए दिव्यांगजनों को नौकरी के अवसर देने के साथ-साथ उन्हें अपना रोजगार शुरू करने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं से भी जोड़ा गया।
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि योगी सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी दिव्यांगजन रोजगार से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन रोजगार अभियान केवल नौकरी देने का माध्यम नहीं, बल्कि दिव्यांग युवाओं को आत्मविश्वास, सम्मान और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ने का अवसर देने की पहल है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से जोड़कर हम उन्हें नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बना रहे हैं।
स्वरोजगार पर विशेष फोकस
अभियान में रोजगार के साथ-साथ स्वरोजगार पर विशेष फोकस किया गया। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 538 से अधिक दिव्यांगजन लाभान्वित हुए। विभिन्न जिलों में दिव्यांगजनों को छोटे उद्यम शुरू करने के लिए ऋण और योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई गई तथा पात्र लाभार्थियों को ऋण स्वीकृति दिलाने की दिशा में भी कार्रवाई की गई। दिव्यांगजनों को मोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिशियन, सिलाई-कढ़ाई, जन सेवा केंद्र, डेयरी और पशुपालन जैसे विभिन्न स्वरोजगार गतिविधियों से जोड़ा गया।
अभियान के तहत विभिन्न जनपदों में रोजगार कैंप, प्लेसमेंट ड्राइव और रोजगार मेलों का आयोजन किया गया। इनमें निजी क्षेत्र की कंपनियों ने भाग लेकर दिव्यांगजनों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए। कई कंपनियों ने मौके पर ही अभ्यर्थियों का चयन कर उन्हें जॉइनिंग लेटर प्रदान किए। हेल्थकेयर, फाइनेंस, इंश्योरेंस, टेलीकॉम सहित विभिन्न क्षेत्रों में डाटा एंट्री ऑपरेटर, कस्टमर सपोर्ट एक्जीक्यूटिव, हेल्थकेयर असिस्टेंट, ड्रेसर, टेलीकॉलर, मशीन ऑपरेटर, तकनीकी सहायक और हेल्पर जैसे पदों पर रोजगार के अवसर दिए गए। चयनित अभ्यर्थियों को लगभग 10,000 से 18,000 रुपये तक का मासिक वेतन ऑफर किया गया।
अभियान में एमएसएमई प्रमोशनल काउंसिल, वी मार्ट, फ्लिपकार्ट, मल्टी स्किल्स वेलफेयर सोसाइटी, एचडीएफसी फाइनेंस, ग्लोबल मैनपावर एंड प्लेसमेंट सर्विस, आरोग्य हॉस्पिटल और आरके इंडस्ट्रीज सहित विभिन्न कंपनियों ने सहयोग किया। अभियान के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले जनपदों में कानपुर नगर सबसे आगे रहा, जहां 149 दिव्यांगजनों का चयन किया गया। इसके अलावा आजमगढ़ में 77, अमरोहा में 69, बरेली में 63 और सुलतानपुर में 56 दिव्यांगजन रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़े।
दिव्यांगजनों की वर्तमान स्थिति की हो रही ट्रैकिंग
अभियान को प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों ने जरूरत पड़ने पर लाभार्थियों के घर तक पहुंचकर व्यक्तिगत काउंसिलिंग की। जिन दिव्यांगजनों से मोबाइल बंद होने या संपर्क न हो पाने के कारण बात नहीं हो सकी, उनसे होम विजिट के माध्यम से संपर्क किया गया। अधिकारियों ने उनकी रुचि, योग्यता और आवश्यकता के आधार पर रोजगार एवं स्वरोजगार के विकल्पों की जानकारी दी। मिशन द्वारा दिव्यांगजन रोजगार अभियान 1.0 और 2.0 के दौरान रोजगार से जुड़े 2000 से अधिक दिव्यांगजनों की वर्तमान स्थिति की ट्रैकिंग भी की जा रही है।
मिशन निदेशक पुलकित खरे ने कहा कि अभियान 3.0 में 75 जिलों में 1,559 दिव्यांगजनों का रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ना मिशन की बड़ी उपलब्धि है। हमारा प्रयास है कि दिव्यांगजनों को उनकी क्षमता और रुचि के अनुरूप बेहतर अवसर मिलें। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन भविष्य में भी ऐसे प्रयासों को और मजबूत करते हुए अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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अभियान के जरिए 1,021 दिव्यांगजनों को नौकरी के अवसर देने के साथ-साथ 538 दिव्यांगजनों को अपना रोजगार शुरू करने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं और ऋण सुविधाओं से भी जोड़ा गया।
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