UP Ration Dealers: यूपी के कोटेदारों को अब हर क्विंटल पर मिलेगा ₹125 लाभांश, सरकार ने बढ़ाया पैसा
UP Ration Dealers: यूपी के कोटेदारों को अब हर क्विंटल पर मिलेगा ₹125 लाभांश, सरकार ने बढ़ाया पैसा Mansi | Aug 17, 2026, 16:48 IST उत्तर प्रदेश सरकार ने कोटेदारों के लिए लाभांश ₹90 से बढ़ाकर ₹125 प्रति क्विंटल किया है। य…

सौजन्य से:- Gaon Connection
UP Ration Dealers: यूपी के कोटेदारों को अब हर क्विंटल पर मिलेगा ₹125 लाभांश, सरकार ने बढ़ाया पैसा
Mansi | Aug 17, 2026, 16:48 IST
उत्तर प्रदेश सरकार ने कोटेदारों के लिए लाभांश ₹90 से बढ़ाकर ₹125 प्रति क्विंटल किया है। यह बढ़ोतरी केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से संभव हुई है। राशन वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने हेतु ई-पॉस आधारित फ़ीडबैक प्रणाली भी शुरू की गई है। सरकार 15 करोड़ लोगों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त राशन दे रही है।
उत्तर प्रदेश में कोटेदारों का लाभांश ₹90 से बढ़ाकर ₹125 प्रति क्विंटल किया गया, जिससे 78 हज़ार से अधिक राशन विक्रेताओं को फ़ायदा होगा
राशन की दुकान चलाने वाले कोटेदारों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फ़ैसला किया है। अब उचित दर विक्रेताओं को हर क्विंटल राशन पर पहले के मुकाबले ज़्यादा लाभांश मिलेगा। लखनऊ के लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाभांश बढ़ाने की घोषणा की। इसके साथ ही राशन वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए ई-पॉस आधारित फ़ीडबैक प्रणाली भी शुरू की गई।
नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के 78 हजार से अधिक कोटेदारों को अब ₹125 प्रति क्विंटल लाभांश मिलेगा। इससे पहले उन्हें ₹90 प्रति क्विंटल मिलते थे। यानी हर क्विंटल पर ₹35 का फ़ायदा बढ़ा है। सरकार का कहना है कि इस बढ़ोतरी में केंद्र की ओर से ₹10 और राज्य सरकार की ओर से ₹25 दिए जा रहे हैं। वहीं, राज्य सरकार लाभांश को और बढ़ाने के लिए केंद्र से अतिरिक्त ₹25 प्रति क्विंटल की मांग भी कर चुकी है।
कोटेदार लंबे समय से राशन वितरण व्यवस्था की अहम कड़ी रहे हैं। सरकार की ओर से अब उनके काम के बदले मिलने वाले लाभांश में बढ़ोतरी की गई है। ₹90 से बढ़ाकर ₹125 प्रति क्विंटल किए जाने से राशन वितरण करने वाले विक्रेताओं की आमदनी में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार सिर्फ़ मौजूदा बढ़ोतरी तक सीमित नहीं रहना चाहती। ₹25 प्रति क्विंटल की और बढ़ोतरी के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेजा गया है। अब इस प्रस्ताव पर केंद्र के फ़ैसले का इंतज़ार है।
कार्यक्रम में ई-पॉस आधारित उचित दर विक्रेता फ़ीडबैक प्रणाली की शुरुआत की गई। इसका मक़सद राशन वितरण से जुड़ी ज़मीनी परेशानियों और कोटेदारों की बात को व्यवस्था तक पहुँचाना है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 से राशन की दुकानों पर ई-पॉस मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे लाभार्थियों की पहचान और राशन वितरण की प्रक्रिया को डिजिटल बनाने में मदद मिली है। बाद में सिंगल स्टेज डोर-स्टेप डिलीवरी लागू की गई, जिसके तहत एफसीआई के गोदाम से राशन सीधे उचित दर की दुकानों तक पहुँचाया जाता है।
सरकार के मुताबिक़, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत प्रदेश में करीब 15 करोड़ लोगों को मुफ़्त राशन दिया जा रहा है। इसमें निराश्रित और दिव्यांग लोगों तक राशन पहुँचाने की व्यवस्था पर भी ज़ोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में सरकार की दूसरी योजनाओं का भी ज़िक्र किया। उनके मुताबिक़, करीब 2 करोड़ परिवारों को मुफ़्त रसोई गैस कनेक्शन और 1.53 करोड़ परिवारों को मुफ़्त बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं।
सरकार राशन की दुकानों को सिर्फ़ अनाज लेने की जगह के तौर पर नहीं देख रही है। इसी सोच के तहत करीब 10 हजार राशन दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया गया है। इन भवनों में दुकान के साथ गोदाम की सुविधा देने की योजना है। इसके लिए सरकार ने इस साल ₹500 करोड़ का प्रावधान किया है। इसके अलावा कोटेदार अब अपनी दुकानों से राशन के साथ 39 तरह की दूसरी वस्तुएँ भी बेच सकेंगे। हालांकि नशीले, ज्वलनशील या समाज और क़ानून के लिए नुकसानदायक सामान की बिक्री की अनुमति नहीं होगी।
राशन वितरण को लेकर पहले मिलने वाली शिकायतों का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब स्थिति में सुधार आया है। उनके मुताबिक़, वर्ष 2017 में जनता दर्शन में करीब 1,000 शिकायतें आती थीं, जिनमें लगभग 300 राशन वितरण से जुड़ी होती थीं। सरकार का दावा है कि अब राशन वितरण से जुड़ी शिकायतों में काफ़ी कमी आई है। ई-पॉस मशीन और डिजिटल व्यवस्था को भी इसी बदलाव का हिस्सा बताया गया।
मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के समय राशन विक्रेताओं के काम की भी सराहना की। उस दौरान जब कई सेवाएँ प्रभावित थीं, राशन की दुकानों के ज़रिए ज़रूरतमंद परिवारों तक खाद्य सामग्री पहुँचाने का काम जारी रहा। सरकार के मुताबिक़, उस समय दाल, नमक और तेल जैसी चीज़ें भी लोगों को उपलब्ध कराई गई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुश्किल दौर में राशन विक्रेताओं ने ज़रूरतमंदों तक सामान पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा में किए गए कामों का भी ज़िक्र किया। उन्होंने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत सरकारी स्कूलों में फर्श, शौचालय, पेयजल, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और फ़र्नीचर जैसी सुविधाएँ विकसित किए जाने की बात कही। सरकार के अनुसार, करीब 1.60 करोड़ बच्चों को बैग, किताबें, दो यूनिफॉर्म, जूते-मोज़े और स्वेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं, निपुण भारत अभियान के तहत बच्चों की पढ़ने-लिखने की क्षमता पर भी काम किया जा रहा है।
फ़िलहाल कोटेदारों के लिए ₹90 से बढ़ाकर ₹125 प्रति क्विंटल लाभांश करने की घोषणा हो चुकी है। लेकिन राज्य सरकार इससे आगे भी लाभांश बढ़ाना चाहती है। इसके लिए केंद्र को ₹25 अतिरिक्त प्रति क्विंटल देने का प्रस्ताव भेजा गया है।अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर क्या फ़ैसला करती है। अगर मंज़ूरी मिलती है, तो प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं को मौजूदा बढ़े हुए लाभांश के ऊपर भी अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के 78 हजार से अधिक कोटेदारों को अब ₹125 प्रति क्विंटल लाभांश मिलेगा। इससे पहले उन्हें ₹90 प्रति क्विंटल मिलते थे। यानी हर क्विंटल पर ₹35 का फ़ायदा बढ़ा है। सरकार का कहना है कि इस बढ़ोतरी में केंद्र की ओर से ₹10 और राज्य सरकार की ओर से ₹25 दिए जा रहे हैं। वहीं, राज्य सरकार लाभांश को और बढ़ाने के लिए केंद्र से अतिरिक्त ₹25 प्रति क्विंटल की मांग भी कर चुकी है।
कोटेदारों के लिए क्या बदला?
राशन वितरण में फ़ीडबैक भी होगा अहम
15 करोड़ लोगों को मुफ़्त राशन देने का दावा
सरकार राशन की दुकानों को सिर्फ़ अनाज लेने की जगह के तौर पर नहीं देख रही है। इसी सोच के तहत करीब 10 हजार राशन दुकानों को अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया गया है। इन भवनों में दुकान के साथ गोदाम की सुविधा देने की योजना है। इसके लिए सरकार ने इस साल ₹500 करोड़ का प्रावधान किया है। इसके अलावा कोटेदार अब अपनी दुकानों से राशन के साथ 39 तरह की दूसरी वस्तुएँ भी बेच सकेंगे। हालांकि नशीले, ज्वलनशील या समाज और क़ानून के लिए नुकसानदायक सामान की बिक्री की अनुमति नहीं होगी।
शिकायतें कम होने का सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के समय राशन विक्रेताओं के काम की भी सराहना की। उस दौरान जब कई सेवाएँ प्रभावित थीं, राशन की दुकानों के ज़रिए ज़रूरतमंद परिवारों तक खाद्य सामग्री पहुँचाने का काम जारी रहा। सरकार के मुताबिक़, उस समय दाल, नमक और तेल जैसी चीज़ें भी लोगों को उपलब्ध कराई गई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुश्किल दौर में राशन विक्रेताओं ने ज़रूरतमंदों तक सामान पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सरकारी स्कूलों की सुविधाओं पर भी बात
फ़िलहाल कोटेदारों के लिए ₹90 से बढ़ाकर ₹125 प्रति क्विंटल लाभांश करने की घोषणा हो चुकी है। लेकिन राज्य सरकार इससे आगे भी लाभांश बढ़ाना चाहती है। इसके लिए केंद्र को ₹25 अतिरिक्त प्रति क्विंटल देने का प्रस्ताव भेजा गया है।अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर क्या फ़ैसला करती है। अगर मंज़ूरी मिलती है, तो प्रदेश के 78 हजार से अधिक उचित दर विक्रेताओं को मौजूदा बढ़े हुए लाभांश के ऊपर भी अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिल सकेगा।
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