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यूपी: धार्मिक नगरों वाराणसी-मथुरा बनी रियल स्टेट की पहली पसंद, पिछड़ी अयोध्या; छह महीने से नहीं आई परियोजना

यूपी: धार्मिक नगरों वाराणसी-मथुरा बनी रियल स्टेट की पहली पसंद, पिछड़ी अयोध्या; छह महीने से नहीं आई परियोजना Invest in Ayodhya: वाराणसी में 2025 की पहली छमाही में चार परियोजनाओं की लागत 205.09 करोड़ रुपये थी। 2026 में छह…

Amar Ujala के अनुसार18 अगस्त 2026 को 01:55 am बजे
यूपी: धार्मिक नगरों वाराणसी-मथुरा बनी रियल स्टेट की पहली पसंद, पिछड़ी अयोध्या; छह महीने से नहीं आई परियोजना

सौजन्य से:- Amar Ujala

यूपी: धार्मिक नगरों वाराणसी-मथुरा बनी रियल स्टेट की पहली पसंद, पिछड़ी अयोध्या; छह महीने से नहीं आई परियोजना

Invest in Ayodhya: वाराणसी में 2025 की पहली छमाही में चार परियोजनाओं की लागत 205.09 करोड़ रुपये थी। 2026 में छह परियोजनाओं की लागत बढ़कर 943.99 करोड़ रुपये हो गई।

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विस्तार

अयोध्या, मथुरा, वाराणसी और प्रयागराज समेत सात धार्मिक नगरों में रियल एस्टेट निवेश का रुख बदल रहा है। 2026 की पहली छमाही में इन शहरों में 16 परियोजनाओं के लिए 1,631.31 करोड़ रुपये का निवेश आया। इसके मुकाबले 2025 की पहली छमाही में 19 परियोजनाओं के लिए 982.26 करोड़ रुपये का निवेश आया था। यानी परियोजनाओं की संख्या करीब 16 फीसदी घटी, जबकि निवेश 66.1 फीसदी बढ़ गया। वाराणसी 943.99 करोड़ रुपये के निवेश के साथ सबसे आगे रहा, जबकि आवासीय इकाइयों के मामले में मथुरा शीर्ष पर रहा। वहीं, अयोध्या में कोई निवेश नहीं आया।

यूपी रेरा के आंकड़ों के मुताबिक 2025 की पहली छमाही में सात धार्मिक नगरों में कुल 19 परियोजनाओं के तहत 2,481 आवासीय और व्यावसायिक इकाइयां प्रस्तावित थीं। 2026 की पहली छमाही में इनकी संख्या बढ़कर 3,867 हो गई। इससे स्पष्ट है कि कम परियोजनाओं के बावजूद उनका आकार और निवेश क्षमता बढ़ी है।

वाराणसी में निवेश की छलांग

वाराणसी में 2025 की पहली छमाही में चार परियोजनाओं की लागत 205.09 करोड़ रुपये थी। 2026 में छह परियोजनाओं की लागत बढ़कर 943.99 करोड़ रुपये हो गई। परियोजनाओं की संख्या 50 फीसदी बढ़ी, जबकि इकाइयां 355 से बढ़कर 708 हो गईं। निवेश में करीब 739 करोड़ रुपये यानी लगभग 3.6 गुना की वृद्धि हुई। वहीं, मथुरा में 2025 की पहली छमाही में आठ परियोजनाओं में 1,298 इकाइयां और 461.21 करोड़ रुपये का निवेश था। 2026 में परियोजनाएं घटकर छह रह गईं, लेकिन इकाइयां बढ़कर 2,819 हो गईं। इससे धार्मिक नगरियों में बड़ी और अधिक इकाइयों वाली परियोजनाओं की बढ़ती हिस्सेदारी का संकेत मिलता है।

प्रयागराज में भी तेज बढ़ोतरी

प्रयागराज में 2025 की पहली छमाही में तीन परियोजनाओं में 187 इकाइयां प्रस्तावित थीं और 83.36 करोड़ रुपये का निवेश था। 2026 में चार परियोजनाओं के साथ इकाइयां बढ़कर 340 और निवेश 363.52 करोड़ रुपये हो गया। निवेश में यह करीब 4.4 गुना उछाल है। इसके विपरीत मिर्जापुर में 2025 की पहली छमाही में एक परियोजना, 88 इकाइयां और 26.42 करोड़ रुपये का निवेश था, जबकि 2026 में कोई नई परियोजना दर्ज नहीं हुई। चित्रकूट और सीतापुर में दोनों वर्षों की पहली छमाही में कोई नई परियोजना नहीं आई।

अयोध्या में छह महीने नई परियोजना नहीं

राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या धार्मिक पर्यटन के साथ रियल एस्टेट निवेश का प्रमुख केंद्र बनी है लेकिन 2026 की पहली छमाही में यहां नई परियोजनाओं का आंकड़ा शून्य रहा। 2025 की पहली छमाही में तीन परियोजनाओं में 553 इकाइयां और 206.18 करोड़ रुपये की लागत थी। इस साल नई परियोजनाएं, इकाइयां और निवेश, तीनों शून्य रहे। यूपी रेरा की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार पूरे वर्ष अयोध्या में पांच, मथुरा में 23, वाराणसी में नौ और प्रयागराज में सात परियोजनाएं पंजीकृत हुईं। यूपी रेरा ने धार्मिक और तीर्थ नगरों में रियल एस्टेट गतिविधि बढ़ने के पीछे धार्मिक पर्यटन, बेहतर संपर्क व्यवस्था, शहरी पुनर्विकास और बुनियादी ढांचे के विकास को प्रमुख कारण माना है।

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