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Kanpur News: ग्रेटर कानपुर योजना से पहले जमीनें तीन गुना तक महंगी

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Amar Ujala के अनुसार18 अगस्त 2026 को 03:55 am बजे
Kanpur News: ग्रेटर कानपुर योजना से पहले जमीनें तीन गुना तक महंगी

सौजन्य से:- Amar Ujala

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Kanpur News: ग्रेटर कानपुर योजना से पहले जमीनें तीन गुना तक महंगी

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कानपुर। ग्रेटर कानपुर योजना की घोषणा के बाद से भीमसेन और आउटर रिंगरोड के आसपास की जमीनों के भाव सर्किल रेट से तीन गुने तक पहुंच गए हैं। प्राइवेट बिल्डर्स ऊंचे दामों पर जमीनें खरीद कर प्लाॅटिंग करा रहे हैं। इस तरह निर्माण कार्य होने से योजना का न्यू कानपुर सिटी की तरह हस्र होने का अंदेशा नजर आ रहा है। हालांकि, केडीए अधिकारी सितंबर शुरुआत में यहां जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने का दावा कर रहे हैं।

ग्रेटर कानपुर को केडीए सात गांवों की भूमि को शामिल कर पांच हजार एकड़ में बसाने की तैयारी में है। यह योजना तीन फेज में पूरी होनी है। पहले फेज में केडीए 1200 एकड़ जमीन पर योजना की नींव रखेगा। इस योजना की पिछले दिनों घोषणा होते ही भीमसेन, रायपुर खास और आउटर रिंग रोड से लगे इलाकों की जमीनों के भाव अचानक बढ़ गए। केडीए की ओर से चयनित कंपनी के सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि यहां तेजी से प्राइवेट सोसाइटी बन रही हैं और जमीनों की खरीद-फरोख्त भी हो रही है। भीमसेन में जमीनों का सरकारी सर्किल रेट 35 लाख बीघा है जो अब बिल्डर्स 70 से 90 लाख बीघा में खरीद रहे हैं। वहीं, सचेंडी के रामपुर खास में सर्किल रेट 13 लाख बीघा है जो अब 35 से 40 लाख बीघा में बिक रही है।

विरोध के स्वर भी उठने लगे

विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। रामपुर खास के काश्तकार सर्वेश कुशवाहा ने बताया कि सड़क के एक तरफ भीमसेन तो दूसरी ओर उनका गांव है। इसके बाद भी जमीनों के सर्किल रेट में अंतर है। इससे अच्छे दाम तो बिल्डर या निजी कंपनियां दे रही हैं। भीमसेन के विशाल पाल ने बताया कि अचानक जमीनों के भाव बढ़े हैं और क्षेत्र में कई जगह प्लाॅटिंग भी होने लगी है।

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दो से ढाई हजार किसानों की भूमि होगी अधिग्रहीत

ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर आधुनिक शहर बनाने की योजना है। इसके लिए प्राइवेट कंपनी मेसर्स टीला सर्वे के साथ ही भूमि अधिग्रहण का खाका तैयार करने का जिम्मा दिया गया है। करीब दो से ढाई हजार काश्तकारों की भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। पहले फेज के लिए टेक्नोलॉजी और भौगोलिक सर्वे कराया जा रहा है। काश्तकारों (किसानों) की सूची भी तैयार की जा रही है ताकि बातचीत कर सहमति के आधार पर भूमि अधिग्रहण की जा सके।

यह गांव हैं योजना में शामिल

सेन पश्चिम पारा, सेन पूरब पारा, गोपालपुर, गंभीरपुर, कैंथा, दुर्जनपुरा व इटारा गांव। केडीए की ग्रेटर कानपुर में पांच लाख लोगों को बसाने की तैयारी है। यह नया शहर भौंती से सिर्फ पांच और भीमसेन रेलवे स्टेशन से दो किमी की दूरी पर बसेगा। यह शहर से से नौ किमी दूर होगा।

ये होंगी सुविधाएं

योजना में हर वर्ग के लिए आवासीय, व्यावसायिक व औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। ईडब्ल्यूएस और एलआइजी श्रेणी के भूखंड व फ्लैट बनाए जाएगे। मध्य व उच्च आय वर्ग के लिए एमआईजी, एचआईजी प्लाट, ग्रुप हाउसिंग, मल्टीस्टोरी बनाई जाएगी। ग्रीनबेल्ट, पार्क, स्कूल-काॅलेज, अस्पताल, कन्वेंशन सेंटर, स्टेडियम, शापिंग काम्प्लेक्स, सामुदायिक केंद्र, आधुनिक कूड़ाघर, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण और सोलर लाइट लगाई जाएगी।

वर्जन

इन सात गांवों में आवासीय क्षेत्र छोड़कर बाकी जमीन चिह्नित की जा रही है। इन इलाकों में खाली जमीन पर जो भी निर्माण हो रहा है, उस पर रोक लगाई जाएगी, नक्शा नहीं पास किए जाएगे। जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए सितंबर में नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा - अभय कुमार पांडेय, केडीए सचिव

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30 साल में धरातल पर नहीं उतर सकी न्यू कानपुर सिटी योजना

कानपुर। मैनावती मार्ग से सिंहपुर और सिंहपुर से कल्याणपुर के बीच 151.31 हेक्टेयर जमीन में न्यू कानपुर सिटी योजना पर भी काम चल रहा है। यह योजना भी तीन फेज में पूरी होनी है। केडीए साल 1996 से योजना को धरातल पर लाने की तैयारी कर रहा है लेकिन यहां भी जमीनों के भाव इस कदर बढ़े हैं कि किसान मुआवजे की राशि को लेकर लगातार विरोध कर रहे हैं। अवैध निर्माण भी बाधा डाल रहे है जिससे योजना लटकी आ रही है। फिलहाल, अधिग्रहीत जमीन पर विकास कार्य शुरू हुए और पेयजल व सीवर लाइन डालने का कार्य शुरू कराया गया लेकिन बारिश में अभी यह भी बंद है। केडीए अधिकारियों का दावा है कि हर हाल में सितंबर तक योजना लाॅन्च कर दी जाएगी। बारिश थमते ही निर्माण कार्य शुरू होंगे।

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ग्रेटर कानपुर को केडीए सात गांवों की भूमि को शामिल कर पांच हजार एकड़ में बसाने की तैयारी में है। यह योजना तीन फेज में पूरी होनी है। पहले फेज में केडीए 1200 एकड़ जमीन पर योजना की नींव रखेगा। इस योजना की पिछले दिनों घोषणा होते ही भीमसेन, रायपुर खास और आउटर रिंग रोड से लगे इलाकों की जमीनों के भाव अचानक बढ़ गए। केडीए की ओर से चयनित कंपनी के सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि यहां तेजी से प्राइवेट सोसाइटी बन रही हैं और जमीनों की खरीद-फरोख्त भी हो रही है। भीमसेन में जमीनों का सरकारी सर्किल रेट 35 लाख बीघा है जो अब बिल्डर्स 70 से 90 लाख बीघा में खरीद रहे हैं। वहीं, सचेंडी के रामपुर खास में सर्किल रेट 13 लाख बीघा है जो अब 35 से 40 लाख बीघा में बिक रही है।

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विरोध के स्वर भी उठने लगे

विरोध के स्वर भी उठने लगे हैं। रामपुर खास के काश्तकार सर्वेश कुशवाहा ने बताया कि सड़क के एक तरफ भीमसेन तो दूसरी ओर उनका गांव है। इसके बाद भी जमीनों के सर्किल रेट में अंतर है। इससे अच्छे दाम तो बिल्डर या निजी कंपनियां दे रही हैं। भीमसेन के विशाल पाल ने बताया कि अचानक जमीनों के भाव बढ़े हैं और क्षेत्र में कई जगह प्लाॅटिंग भी होने लगी है।

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दो से ढाई हजार किसानों की भूमि होगी अधिग्रहीत

ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर आधुनिक शहर बनाने की योजना है। इसके लिए प्राइवेट कंपनी मेसर्स टीला सर्वे के साथ ही भूमि अधिग्रहण का खाका तैयार करने का जिम्मा दिया गया है। करीब दो से ढाई हजार काश्तकारों की भूमि अधिग्रहीत की जाएगी। पहले फेज के लिए टेक्नोलॉजी और भौगोलिक सर्वे कराया जा रहा है। काश्तकारों (किसानों) की सूची भी तैयार की जा रही है ताकि बातचीत कर सहमति के आधार पर भूमि अधिग्रहण की जा सके।

यह गांव हैं योजना में शामिल

सेन पश्चिम पारा, सेन पूरब पारा, गोपालपुर, गंभीरपुर, कैंथा, दुर्जनपुरा व इटारा गांव। केडीए की ग्रेटर कानपुर में पांच लाख लोगों को बसाने की तैयारी है। यह नया शहर भौंती से सिर्फ पांच और भीमसेन रेलवे स्टेशन से दो किमी की दूरी पर बसेगा। यह शहर से से नौ किमी दूर होगा।

ये होंगी सुविधाएं

योजना में हर वर्ग के लिए आवासीय, व्यावसायिक व औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। ईडब्ल्यूएस और एलआइजी श्रेणी के भूखंड व फ्लैट बनाए जाएगे। मध्य व उच्च आय वर्ग के लिए एमआईजी, एचआईजी प्लाट, ग्रुप हाउसिंग, मल्टीस्टोरी बनाई जाएगी। ग्रीनबेल्ट, पार्क, स्कूल-काॅलेज, अस्पताल, कन्वेंशन सेंटर, स्टेडियम, शापिंग काम्प्लेक्स, सामुदायिक केंद्र, आधुनिक कूड़ाघर, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण और सोलर लाइट लगाई जाएगी।

वर्जन

इन सात गांवों में आवासीय क्षेत्र छोड़कर बाकी जमीन चिह्नित की जा रही है। इन इलाकों में खाली जमीन पर जो भी निर्माण हो रहा है, उस पर रोक लगाई जाएगी, नक्शा नहीं पास किए जाएगे। जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने के लिए सितंबर में नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा - अभय कुमार पांडेय, केडीए सचिव

30 साल में धरातल पर नहीं उतर सकी न्यू कानपुर सिटी योजना

कानपुर। मैनावती मार्ग से सिंहपुर और सिंहपुर से कल्याणपुर के बीच 151.31 हेक्टेयर जमीन में न्यू कानपुर सिटी योजना पर भी काम चल रहा है। यह योजना भी तीन फेज में पूरी होनी है। केडीए साल 1996 से योजना को धरातल पर लाने की तैयारी कर रहा है लेकिन यहां भी जमीनों के भाव इस कदर बढ़े हैं कि किसान मुआवजे की राशि को लेकर लगातार विरोध कर रहे हैं। अवैध निर्माण भी बाधा डाल रहे है जिससे योजना लटकी आ रही है। फिलहाल, अधिग्रहीत जमीन पर विकास कार्य शुरू हुए और पेयजल व सीवर लाइन डालने का कार्य शुरू कराया गया लेकिन बारिश में अभी यह भी बंद है। केडीए अधिकारियों का दावा है कि हर हाल में सितंबर तक योजना लाॅन्च कर दी जाएगी। बारिश थमते ही निर्माण कार्य शुरू होंगे।

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