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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की घटनाएं कम, अब उखड़ रही तारकोल की परत

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की घटनाएं कम, अब उखड़ रही तारकोल की परत लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर अब एक किमी तक तारकोल की परत उखड़ गई। इसकी मरम्मत करवाई गई। एक्सप्रेसवे पर 48 से 49 तक एक किमी सड़क पर फिर तारकोल बि…

Hindustan के अनुसार22 अगस्त 2026 को 02:55 am बजे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की घटनाएं कम, अब उखड़ रही तारकोल की परत

सौजन्य से:- Hindustan

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर सड़क धंसने की घटनाएं कम, अब उखड़ रही तारकोल की परत

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर अब एक किमी तक तारकोल की परत उखड़ गई। इसकी मरम्मत करवाई गई। एक्सप्रेसवे पर 48 से 49 तक एक किमी सड़क पर फिर तारकोल बिछाया गया है। इसके अलावा टोल प्लाजा के रैम्प का हिस्सा भी ढहा।

यूपी में विश्वस्तरीय सड़क के दावे के साथ शुरू किए गए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब भी कई स्थानों पर सड़क की तारकोल उखड़ने का सिलसिला जारी है। अब कानपुर से लखनऊ वाली लेन में किमी 48 से 49 और किमी 46.9 से 47 तक सड़क पर नए सिरे से तारकोल का लेपन किया गया। कई स्थानों पर तारकोल हल्का सा दबा है। संभावना है कि यहां भी नए सिरे से इसे बिछाया जाएगा।

एक्सप्रेसवे पर सबसे ज्यादा समस्या कानपुर से लखनऊ वाले लेन में आ रही है। 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के 42 किमी वाले ग्रीनफील्ड हिस्से में लोकार्पण के बाद से ही खामियां सामने आ रही हैं। 26 जुलाई को किलोमीटर 64 पर सड़क धंसने का पहला मामला आया था।

हालांकि अब सड़क धंसने की घटनाएं कम हुई हैं, लेकिन तीन लेन वाले हिस्से की तीसरी लेन में तारकोल उखड़ने की समस्या जारी है। किमी 46.9 से 47 और किमी 48 से 49 पर तारकोल उखड़ने की पेट्रोलिंग टीम को जानकारी मिलते ही यहां पर तुरंत नए सिरे से लेपन कार्य कराया गया। वहीं, जल निकासी के लिए नालियों को चौड़ा करने का काम भी अधिकांश स्थानों पर पूरा कर लिया गया है।

त्वरित मरम्मत के लिए गिट्टी के ढेर और मशीनें तैनात

भविष्य में सड़क खराब होने पर तत्काल मरम्मत के लिए निर्माणदायी संस्था ने तैयारी कर रखी है। कानपुर-लखनऊ लेन पर कई स्थानों पर तारकोल-मिक्स गिट्टी के ढेर, रोलर और बुलडोजर किनारे खड़े नजर आए। कर्मचारियों के अनुसार, बारिश के दौरान कहीं भी तारकोल उखड़ने पर तुरंत पेचवर्क करने के उद्देश्य से इन संसाधनों को मौके पर रखा गया है।

धंसी मिट्टी भरी गई

बारिश के कारण क्रैश बैरियर के पास धंसी मिट्टी में दोबारा भराव कर कर दिया गया है। पानी से मिट्टी फिर न बहे, इसके लिए वहां एक हिस्से को सीमेंट से पक्का भी किया गया है। इसके साथ ही किलोमीटर 58.5 पर भी उखड़े तारकोल को सही कर दिया गया है। एनएचएआई का कहना है कि प्रभावित हिस्सों को ठीक कर दिया गया है और पूरे एक्सप्रेसवे पर लगातार गश्त की जा रही है, ताकि किसी भी समस्या को तुरंत दूर किया जा सके।

शिवपुरा टोल प्लाजा के रैम्प का कुछ हिस्सा ढहा

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर लखनऊ क्षेत्र के शिवपुरा (खंडदेव) में स्थित टोल प्लाजा के रैम्प का कुछ हिस्सा ढह गया। हालांकि इससे यातायात तो बाधित नहीं हुआ पर गुणवत्ता की पोल एक बार फिर खुल गई। शुक्रवार शाम को कुछ घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश को रैम्प का एक हिस्सा झेल नहीं पाया और ढह गया। तकरीबन चार से पांच फिट तक इस हिस्से में रैम्प के सड़क का टुकड़ा टूट कर गिर गया। शिवपुरा टोल प्लाजा एक्सप्रेसवे पर लखनऊ से कानपुर की तरफ जाने पर शुरुआत में ही बना हुआ है।

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