प्रयागराज में 25 वर्ष पुराना नाला और 70 साल पुरानी सीवर लाइन मिली, इसे सक्रिय करने पर तेजी से जलभराव समस्या दूर हुई - prayagraj city old huge drain and sewer line solved water logging issue
प्रयागराज में 25 वर्ष पुराना नाला और 70 साल पुरानी सीवर लाइन मिली, इसे सक्रिय करने पर तेजी से जलभराव समस्या दूर हुई प्रयागराज में भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या के समाधान के लिए 25 साल पुराना नाला और 70 साल पुरानी सी…

सौजन्य से:- Jagran
प्रयागराज में 25 वर्ष पुराना नाला और 70 साल पुरानी सीवर लाइन मिली, इसे सक्रिय करने पर तेजी से जलभराव समस्या दूर हुई
प्रयागराज में भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या के समाधान के लिए 25 साल पुराना नाला और 70 साल पुरानी सीवर लाइन सक्रिय की गई है। इन पुराने जल निकासी मार्गों को खोलने से एलआईसी कॉलोनी, सोहबतियाबाग और रौजा जैसे क्षेत्रों में तेजी से राहत मिली है।
HighLights
- वर्ष 2000 में 85 लाख रुपये की लागत से हुआ था नाला निर्माण
- 70 वर्ष पुरानी सीवर लाइन की गहराई 25 फीट से अधिक बता रहे
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। शहर में पिछले दिनों हुई झमाझम बारिश के बाद जार्ज टाउन, टैगोर टाउन समेत दर्जनों मुहल्लों में जलभराव ने लाखों लोगों की मुश्किल बढ़ा दी थी। करीब पांच दिन तक जलभराव से जूझने के बाद हाई कोर्ट की सख्ती ने नगर निगम के अधिकारियों को जल निकासी व्यवस्था की नए सिरे से पड़ताल करने को मजबूर किया।
जलनिकासी के मंथन में मिला नाला व सीवर लाइन
इसी मंथन में संगम क्षेत्र से करीब पांच किलोमीटर दूर सोहबतियाबाग में संगम पेट्रोल पंप के पास 25 वर्ष पुराना नाला और भरद्वाज आश्रम चौराहा (बालसन चौराहा) के निकट पार्वती हास्पिटल के आगे जवाहर लाल रोड के पास करीब 70 वर्ष पुरानी सीवर लाइन सामने आई।
बैकहो लोडर से खोदकर नाला सक्रिया किया गया
इन दोनों पुराने जल निकासी मार्गों को सक्रिय करने के बाद एलआइसी कालोनी, सोहबतियाबाग और रौजा के आसपास जलभराव से तेजी से राहत मिली। नाला को सक्रिय करने के लिए बैकहो लोडर (जेसीबी) से संगम पेट्रोल पंप के आगे सड़क को खोदा गया, इसके तेजी से जल निकासी होने लगी। आसपास के नालों का पानी तेजी से निकलने लगा। तब जाकर नगर निगम के अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
700 मीटर से अधिक लंबा है नाला
नगर निगम के अवर अभियंता राम सक्सेना ने बताया कि टैगोर टाउन में एलआइसी कॉलोनी से संगम पेट्रोल पंप के आगे तक वर्ष 2000 में आरसीसी नाले का निर्माण कराया गया था। 700 मीटर से अधिक लंबे इस नाले के निर्माण पर करीब 85 लाख रुपये खर्च हुए थे। यह नाला सड़क से लगभग चार फीट नीचे है। नाला सोहबतियाबाद स्थित रौजा तक जाता है और इससे तीन अन्य नाले भी जुड़े हैं।
सड़क से करीब 25 फीट नीचे है सीवर लाइन
क्षेत्रीय पार्षद ने बताया कि वर्षों इस नाले की उपयोगिता पर ध्यान नहीं दिया गया था। बारिश के दौरान जब जल निकासी बाधित हुई तो पुराने निकासी मार्गों की तलाश शुरू हुई। नाले को सक्रिय करने के बाद आसपास के क्षेत्रों का पानी तेजी से निकलने लगा। टैगोर टाउन के पार्षद आशीष द्विवेदी ने बताया कि जवाहर लाल नेहरू रोड के पास महर्षि भरद्वाज चौराहे पर करीब 70 वर्ष पुरानी सीवर लाइन मिली है। इसे खोलने पर पानी तेजी से निकलने लगा। यह सीवर लाइन सड़क से करीब 25 फीट नीचे है। इससे स्पष्ट है कि शहर में वर्षों पुरानी जल निकासी व्यवस्था अभी भी कई क्षेत्रों के लिए उपयोगी हो सकती है।
जल निकासी के पुराने नेटवर्क को सक्रिय किया जाए
पार्षद विनय मिश्र ने कहा कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम को अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह पुराने नालों और सीवर लाइनों की तलाश करनी चाहिए। शहर में जल निकासी के पुराने नेटवर्क को चिह्नित कर उसे सक्रिय किया जाए तो आने वाले समय में बारिश के दौरान जलभराव से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
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