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यूपी में उफनाई नदियां, संगम से बलिया तक बढ़ा 'गंगा' का जलस्तर; कई जिलों में बाढ़ का खतरा - uttar pradesh rivers overflow flood alert in prayagraj varanasi

यूपी में उफनाई नदियां, संगम से बलिया तक बढ़ा 'गंगा' का जलस्तर; कई जिलों में बाढ़ का खतरा उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे प्रयागराज, वाराणसी और बलिया जैसे कई जिलों में बाढ़ क…

Jagran के अनुसार22 अगस्त 2026 को 02:55 am बजे
यूपी में उफनाई नदियां, संगम से बलिया तक बढ़ा 'गंगा' का जलस्तर; कई जिलों में बाढ़ का खतरा
 - uttar pradesh rivers overflow flood alert in prayagraj varanasi

सौजन्य से:- Jagran

यूपी में उफनाई नदियां, संगम से बलिया तक बढ़ा 'गंगा' का जलस्तर; कई जिलों में बाढ़ का खतरा

उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे प्रयागराज, वाराणसी और बलिया जैसे कई जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है ...और पढ़ें

HighLights

- गंगा-यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ा, बाढ़ का खतरा।

- प्रयागराज, वाराणसी, बलिया में नदियां खतरे के निशान पर।

- कई जिलों में जनजीवन प्रभावित, बचाव कार्य जारी है।

जागरण टीम, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रयागराज में गंगा और यमुना करीब दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही हैं। शुक्रवार शाम चार बजे फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 80.81 मीटर और छतनाग में 80.11 मीटर दर्ज किया गया।

नैनी में यमुना 80.51 मीटर पर पहुंच गई। दोनों नदियों का खतरे का निशान 84.73 मीटर है। जलस्तर 81 मीटर पहुंचने पर बंधवा स्थित बड़े हनुमानजी के महास्नान की मान्यता है। इसी रफ्तार से पानी बढ़ा तो सोमवार तक मंदिर में बाढ़ का पानी पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए संगम क्षेत्र में नावों के परिचालन पर रोक लगा दी गई है।

वाराणसी में भी गंगा दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। शुक्रवार शाम चार बजे जलस्तर 68.90 मीटर रहा, जो खतरे के निशान 71.262 मीटर से 2.34 मीटर नीचे है। राजेंद्र प्रसाद घाट की फर्श और दशाश्वमेध स्थित जल पुलिस कार्यालय तक पानी पहुंच गया है। मणिकर्णिका घाट पर छत और हरिश्चंद्र घाट की गलियों में शवदाह कराया जा रहा है। दशाश्वमेध की गंगा आरती भी छत पर हो रही है।

पुलिस कमिश्नरेट और एनडीआरएफ ड्रोन से निगरानी कर रहे हैं। बलिया में गंगा खतरे के निशान से 80 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गायघाट गेज पर जलस्तर 58.41 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 57.61 मीटर है। कई बस्तियों में पानी घुस गया है। गाजीपुर में जलस्तर 61.890 मीटर पहुंच गया है, जो चेतावनी बिंदु से महज 21 सेंटीमीटर नीचे है।

मीरजापुर में गंगा तीन सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। 12 घंटे में 32 सेंटीमीटर बढ़कर जलस्तर 74.140 मीटर हो गया। उधर, फर्रुखाबाद में गंगा 136.95 मीटर पर है, जो खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर नीचे है। यहां बाढ़ से 63 गांवों की 50 हजार से अधिक आबादी प्रभावित है। चित्रकूट में मंदाकिनी खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जबकि उन्नाव में गंगा चेतावनी बिंदु से 29 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है।

बांदा में 32 मिलीमीटर बारिश के दौरान बिजली गिरने से 40 वर्षीय पशुपालक सतीश की मौत हो गई। बिजनौर में गंगा की तेज धारा 40 करोड़ रुपये की लागत से एसीबीएम तकनीक से बने रावली-बैराज तटबंध से टकरा रही है। करीब 100 मीटर हिस्से में तटबंध बैठने से खतरा बढ़ गया है।

सिंचाई विभाग रेत की बोरियों और सीमेंट के पिंजरों की मदद से बचाव कार्य कर रहा है। अमरोहा में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर और संभल में 55 सेंटीमीटर नीचे है। जलस्तर बढ़ने से कई गांवों के संपर्क मार्गों पर पानी भर गया है।

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