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यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट पर जोर: तकनीक, कृषि और ग्लोबल मार्केट को जोड़ने का लक्ष्य; उपमुख्यमंत्री केशव ने जापानी निवेशकों को दिया भरोसा

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Dainik Bhaskar के अनुसार25 अगस्त 2026 को 01:55 am बजे
यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट पर जोर:  तकनीक, कृषि और ग्लोबल मार्केट को जोड़ने का लक्ष्य; उपमुख्यमंत्री केशव ने जापानी निवेशकों को दिया भरोसा

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट में फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट पर जोर:तकनीक, कृषि और ग्लोबल मार्केट को जोड़ने का लक्ष्य; उपमुख्यमंत्री केशव ने जापानी निवेशकों को दिया भरोसा

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उत्तर प्रदेश की विशाल कृषि संपदा और जापान की अत्याधुनिक तकनीक के मेल से प्रदेश को बड़े फूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूपी-जापान इन्वेस्टमेंट मीट के सेक्टोरल प्रोग्राम ‘फ्रॉम फॉर्म गेट टू ग्लोबल प्लेट’ में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जापानी निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश का न्योता दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में निवेश का नया दौर शुरू हुआ है। अब लक्ष्य कृषि उत्पादों को सिर्फ खेत से बाजार तक पहुंचाना नहीं, बल्कि प्रोसेसिंग, वैल्यू एडिशन और एक्सपोर्ट के जरिए उन्हें ग्लोबल प्लेट तक पहुंचाना है।

यूपी की कृषि ताकत, जापान की तकनीक से बनेगा नया मॉडल

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश के पास उपजाऊ जमीन, पर्याप्त जल संसाधन, मेहनती किसान और बड़ा युवा कार्यबल है। दूसरी ओर जापान के पास आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रोसेसिंग, क्वालिटी कंट्रोल और वैश्विक बाजार का अनुभव है। दोनों की क्षमताओं को जोड़कर यूपी के कृषि उत्पादों को दुनिया के बाजारों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि दुनिया की किसी भी बड़ी डाइनिंग टेबल पर उत्तर प्रदेश का कोई न कोई कृषि या खाद्य उत्पाद जरूर मौजूद हो।

65% आबादी कृषि पर निर्भर, प्रोसेसिंग से बढ़ेगी किसानों की आय

उपमुख्यमंत्री के मुताबिक प्रदेश की करीब 65% आबादी कृषि पर निर्भर है। ऐसे में सरकार का जोर केवल उत्पादन बढ़ाने पर नहीं, बल्कि कृषि उपज की प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर है। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

उन्होंने बताया कि 2017 के बाद खाद्य प्रसंस्करण नीति लागू की गई, जिसे 2023 में और व्यावहारिक बनाया गया। सरकार खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों के लिए कैपिटल सब्सिडी, मंडी शुल्क में छूट और अन्य वित्तीय प्रोत्साहन दे रही है। महिलाओं के नेतृत्व वाली इकाइयों को सोलर पावर पर 90% तक सब्सिडी देने की व्यवस्था भी की गई है। सरकार का लक्ष्य हर ब्लॉक और तहसील स्तर पर आधुनिक प्रसंस्करण इकाइयां विकसित करना है। इसके लिए लैंड बैंक, बिजली और एक्सप्रेसवे-लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को निवेश के लिए आधार बनाया जा रहा है।

एयरपोर्ट और एक्सप्रेसवे से ग्लोबल बाजार तक पहुंच

केशव मौर्य ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी, कुशीनगर और जेवर स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के साथ प्रदेश की कनेक्टिविटी लगातार मजबूत हो रही है। एक्सप्रेसवे और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के विस्तार से यहां बनने वाले उत्पादों को देश और विदेश के बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश के काला नमक चावल का उदाहरण देते हुए कहा कि यह प्रदेश की विशिष्ट कृषि विरासत है, जिसे ‘बुद्ध राइस’ के नाम से भी पहचान मिलती है। साथ ही प्रदेश में एक करोड़ से अधिक ग्रामीण महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से विभिन्न उत्पादों के निर्माण से जुड़ी हैं।

जापानी निवेशकों को सुरक्षा और सिंगल विंडो का भरोसा

उपमुख्यमंत्री ने जापानी निवेशकों को प्रदेश में कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और पारदर्शी सिंगल-विंडो सिस्टम उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की कृषि संपदा और जापान की तकनीक को जोड़कर प्रदेश को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के बड़े फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में विकसित किया जा सकता है।

जापानी कंपनियों के लिए यूपी में स्थानीय विनिर्माण और एक्सपोर्ट की संभावना

भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची ने खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक और मानव संसाधन विकास में जापान-यूपी सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यूपी की कृषि शक्ति, औद्योगिक आधार और मानव संसाधन जापानी कंपनियों के लिए महत्वपूर्ण अवसर उपलब्ध कराते हैं।

किक्कोमन इंडिया के निदेशक हैरी हकुई कोसाटो ने कहा कि जापानी कंपनियों को भारतीय उपभोक्ताओं की पसंद और जरूरतों के अनुरूप अपने उत्पाद विकसित करने होंगे। उन्होंने भारत में जापानी और पैन-एशियन व्यंजनों की बढ़ती स्वीकार्यता का उल्लेख करते हुए उत्तर प्रदेश में स्थानीय विनिर्माण और यहां से पड़ोसी देशों व अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों को निर्यात की संभावनाएं बताईं। कार्यक्रम में गोल्डी ग्रुप के निदेशक सुदीप गोयनका और अमूल (बनास डेयरी) के यूपी ऑपरेशंस प्रमुख दिनेश कुमार चौधरी समेत उद्योग जगत के अन्य प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।

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