ब्लूटूथ से नकल कराने का खेल, नौकरी के नाम पर पांच लाख की डील, लखनऊ से प्रयागराज तक जुड़े तार
ब्लूटूथ से नकल कराने का खेल, नौकरी के नाम पर पांच लाख की डील, लखनऊ से प्रयागराज तक जुड़े तार एसटीएफ और महानगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पहले एक अभ्यर्थी को पकड़ा गया था. By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Published : A…

सौजन्य से:- ETV Bharat
ब्लूटूथ से नकल कराने का खेल, नौकरी के नाम पर पांच लाख की डील, लखनऊ से प्रयागराज तक जुड़े तार
एसटीएफ और महानगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पहले एक अभ्यर्थी को पकड़ा गया था.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 25, 2026 at 7:21 AM IST
लखनऊ: प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंध लगाने वाले गिरोह किस तरह अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और ब्लूटूथ का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसका खुलासा लखनऊ में हुआ है. यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा के दौरान महानगर क्षेत्र के परीक्षा केंद्र पर नकल कराने की कोशिश का मामला सामने आया. एसटीएफ और महानगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पहले एक अभ्यर्थी को पकड़ा गया था. पूछताछ के बाद जांच लखनऊ से प्रयागराज तक पहुंची और दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस के मुताबिक, बृजेश कुमार यादव उर्फ बब्लू परीक्षा केंद्र पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और ब्लूटूथ के जरिए नकल करने की तैयारी में था. उसके पकड़े जाने के बाद पुलिस ने उसके संपर्कों की पड़ताल शुरू की. जांच में प्रयागराज के रहने वाले रमेश चंद्र पटेल और सत्यप्रकाश यादव के नाम सामने आए.
होटल के रजिस्टर से मिला अहम सुराग: पुलिस को पता चला कि बृजेश कुमार यादव निशातगंज चौराहे के पास स्थित अमित होटल में अपने एक साथी के साथ ठहरा था. होटल का रजिस्टर खंगालने पर सीरियल नंबर 2098 में बृजेश के साथ सत्यप्रकाश यादव के ठहरने की जानकारी मिली. इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली.
सत्यप्रकाश को दयानंद इंटर कॉलेज के पास अपने साथी का इंतजार करते हुए खोज लिया गया. पूछताछ के बाद पुलिस उसे लेकर प्रयागराज पहुंची, जहां संगम रेलवे स्टेशन के सामने रमेश चंद्र पटेल को बुलाकर पूछताछ की गई.
13 लोगों के शैक्षणिक दस्तावेज मिले: पुलिस के अनुसार रमेश चंद्र पटेल के पास से अलग-अलग लोगों के नाम की 13 मार्कशीट और शैक्षणिक प्रमाणपत्र मिले. इसके अलावा पैन कार्ड, एटीएम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना कार्ड समेत कई दस्तावेज बरामद हुए.
आरोपियों के पास से कुल चार मोबाइल फोन, चार सिम, पांच ब्लैंक चेक, दो चेकबुक और 50 हजार रुपये नकद भी बरामद किए गए. इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से जुड़े सामान भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं.
पांच लाख में नौकरी की बातचीत का दावा: पुलिस की पूछताछ में नौकरी के नाम पर पैसे के लेनदेन की बात भी सामने आई है. पुलिस के मुताबिक, रमेश चंद्र पटेल ने बताया कि बृजेश कुमार यादव की नौकरी लगवाने के लिए पांच लाख रुपये में बातचीत हुई थी. इसमें उसे एक लाख रुपये कमीशन मिलने की बात कही गई.
पुलिस के अनुसार, बरामद 50 हजार रुपये वह सत्यप्रकाश को देने के लिए लेकर आया था. पुलिस अब इस पूरे लेनदेन की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि कथित नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लेने वाले नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
मोबाइल और दस्तावेजों की जांच से खुलेंगे और राज
जांच में आरोपियों के मोबाइल नंबरों के बीच लेनदेन और संपर्क की जानकारी मिलने की बात पुलिस ने कही है. अब पुलिस मोबाइल फोन, सिम, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और बरामद दस्तावेजों की जांच कर रही है. इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों का संपर्क किन अभ्यर्थियों और अन्य लोगों से था.
पुलिस के मुताबिक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कुछ लोग अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से पास कराने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और ब्लूटूथ का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस मामले में भी परीक्षा केंद्र के अंदर मौजूद अभ्यर्थी को बाहर से उत्तर उपलब्ध कराने की तैयारी की गई थी.
दो और लोगों की तलाश: मामले में बृजेश कुमार यादव के अलावा रमेश चंद्र पटेल और सत्यप्रकाश यादव को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के अनुसार विवेचना में दो अन्य वांछित लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है.
थाना महानगर में तहत बीएनएस की धारा 61(2), 318(4) और उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 की धारा 13(5) में मुकदमा दर्ज किया गया है. इंस्पेक्टर अलीगंज अखिलेश मिश्रा के मुताबिक, UPSSSC की स्नातक स्तरीय मुख्य परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और ब्लूटूथ के माध्यम से नकल कराने की कोशिश का मामला सामने आया था. परीक्षा केंद्र से एक अभ्यर्थी को गिरफ्तार करने के बाद उसकी निशानदेही और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों तक पहुंच बनाई गई.
पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से मोबाइल, सिम, शैक्षणिक दस्तावेज, ब्लैंक चेक, चेकबुक और 50 हजार रुपये बरामद किए हैं. मामले में दो अन्य वांछित आरोपियों की तलाश की जा रही है. बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच के साथ पूरे नेटवर्क की भूमिका की पड़ताल की जा रही है.
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