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यूपी में दुनिया की सबसे बड़ी युवा वर्कफोर्स, योगी बोले- स्टार्टअप में प्रदेश की हिस्सेदारी को दोगुना करेंगे

यूपी में दुनिया की सबसे बड़ी युवा वर्कफोर्स, योगी बोले- स्टार्टअप में प्रदेश की हिस्सेदारी को दोगुना करेंगे सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में दुनिया की सबसे बड़ी युवा वर्कफोर्स है।देश के कुल स्टार्टअप में उत्तर प्रद…

Hindustan के अनुसार27 अगस्त 2026 को 02:27 pm बजे
यूपी में दुनिया की सबसे बड़ी युवा वर्कफोर्स, योगी बोले- स्टार्टअप में प्रदेश की हिस्सेदारी को दोगुना करेंगे

सौजन्य से:- Hindustan

यूपी में दुनिया की सबसे बड़ी युवा वर्कफोर्स, योगी बोले- स्टार्टअप में प्रदेश की हिस्सेदारी को दोगुना करेंगे

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में दुनिया की सबसे बड़ी युवा वर्कफोर्स है।देश के कुल स्टार्टअप में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत है। इसे 20 प्रतिशत तक ले जाकर दोगुना करेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया की सबसे प्रतिभाशाली, ऊर्जावान युवा वर्कफोर्स यूपी में है। इन्हें प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना सरकार का काम है। उन्होंने कहा कि आज यूपी उभरते नवाचार का केंद्र बन रहा है। देश के कुल स्टार्टअप में यूपी की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत है। इसे 20 प्रतिशत तक ले जाना है। मुख्यमंत्री गुरुवार को लोकभवन में स्टार्टअप नीति के तहत 107 स्टार्टअप्स को 3.42 करोड़ और 9 इनक्यूबेटर्स को 1.79 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित करने के बाद युवा उद्यमियों को संबोधित कर रहे थे।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति 2026 पुस्तिका का विमोचन किया तथा स्टार्टअप मिशन पोर्टल का शुभारंभ किया। उपस्थित उद्यमियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के राजदूत, उच्चायुक्त तथा विदेशी प्रतिनिधिमंडल मुझसे पूछते हैं कि उत्तर प्रदेश की आबादी 25 करोड़ से अधिक है, आपके सामने बड़ी चुनौती होगी। मैं उनसे कहता हूं कि जितनी बड़ी चुनौती, उतनी ही बड़ी संभावना है। यूपी की जिस आबादी को लोग चुनौती कहते हैं, हम उसे डेमोग्रॉफिक डेविडेंड मानते हैं।

2014 से पहले देश में 500 स्टार्टअप्स, अब ढाई लाख से अधिक

सीएम योगी ने 2014 से पहले और इसके बाद भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम की चर्चा की। उन्होंने बताया कि भारत में व्यापक बदलाव दिख रहा है। 2014 के पहले देश में मात्र 500 स्टार्टअप्स थे, अब इनकी संख्या ढाई लाख से ऊपर है। 2017 से पहले यही स्थिति उत्तर प्रदेश की भी थी। उस समय यहां कुल 120 स्टार्टअप थे, आज इनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो गई। इसमें 8 यूनिकॉर्न हैं। आज यूपी स्टार्टअप नीति के तहत 12 नए इन्क्यूबेटर्स को भी मान्यता प्रदान कर रहे हैं।

देश के स्टार्टअप में 20 प्रतिशत हो यूपी की हिस्सेदारी

सीएम ने उम्मीद जताई कि स्टार्टअप इकोसिस्टम में आबादी के अनुसार यूपी की उपस्थिति दर्ज होती दिखाई दे। भारत में आबादी के अनुरूप यूपी का हिस्सा 1/6 है, जबकि स्टार्टअप की तुलना में यह हिस्सा 1/10 है, यानी भारत के कुल स्टार्टअप का 20 प्रतिशत हिस्सा यूपी में होना चाहिए।

आधे स्टार्टअप का संचालन कर रही ‘आधी आबादी’

सीएम ने कहा कि आधे स्टार्टअप का संचालन ‘आधी आबादी’ कर रही है। सरकार ने आईआईटी कानपुर, बीएचयू, ट्रिपल आईटी, एकेटीयू, आईआईएम से आए हर प्रस्ताव को प्रोत्साहित करने के लिए फंड व सहयोग उपलब्ध कराया। स्टार्टअप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने के लिए 2019 में सरकार ने सिडबी के साथ फंड ऑफ फंड्स की व्यवस्था की थी। हालांकि बीच में कुछ गतिरोध आया था, लेकिन बाद में परिवर्तन कर इसे तेजी से बढ़ाया भी गया।

2017 से पहले रोजगार, शिक्षा, इनोवेशन की चर्चा एक सपना

सीएम ने कहा कि ‘भारत इनोवेट्स’ के कई स्टार्टअप्स का मैंने दौरा किया था। अपने कार्यों से उन्होंने यूपी की पहचान और धारणा को बदलने में बड़ी भूमिका का निर्वहन किया। सीएम ने 2017 से पहले धारणा यह थी कि जहां सड़कों में गड्ढे और बिजली के अभाव में अंधेरा दिखने लगे, समझों यूपी आ गया। उत्सव से पहले उपद्रव होता था। स्कूल-कॉलेज, बाजार महीनों बंद रहते थे। आमजन कर्फ्यू के साये में जीने को विवश था। उस समय 5 वर्ष में 700 से अधिक दंगे हुए। उन परिस्थितियों में उत्तर प्रदेश के अंदर रोजगार, इन्क्यूबेटर्स, शिक्षा, इनोवेशन की चर्चा करना एक सपना ही था।

‘नया यूपी’ पीछे हटने वाला नहीं

सीएम ने कहा कि हम लोगों ने 2017 व 2018-19 में जो प्रयास किए, उसके सकारात्मक परिणाम अब दिख रहे हैं। 2017 के पहले का ‘बीमारू यूपी’ बॉटम-3 से देश की टॉप-3 इकॉनमी में शामिल हुआ है। 9 वर्ष में उप्र की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय, महिला वर्कफोर्स की भागीदारी व बड़े उद्योगों की संख्या तीन गुनी हुई। ‘नया यूपी’ पीछे हटने वाला नहीं, बल्कि सबसे तेज उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में खुद को साबित कर रहा है। इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री सुनील कुमार शर्मा, अवस्थापना व औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव आलोक कुमार, एकेटीयू के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय आदि मौजूद रहे।

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