होमक्राइमयूपी में बाढ़-बारिश से बिगड़े हालात, जलभराव से प्रयागराज में डूबे पांच पुल तो मणिकर्णिका में छत पर हो रहा शवदाह - up floods rivers overflow varanasi cremations on roofs
क्राइम

यूपी में बाढ़-बारिश से बिगड़े हालात, जलभराव से प्रयागराज में डूबे पांच पुल तो मणिकर्णिका में छत पर हो रहा शवदाह - up floods rivers overflow varanasi cremations on roofs

यूपी में बाढ़-बारिश से बिगड़े हालात, जलभराव से प्रयागराज में डूबे पांच पुल तो मणिकर्णिका में छत पर हो रहा शवदाह उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से गंगा, यमुना सहित कई नदियां उफान पर हैं, जिससे बाढ़ के हालात बिगड़ गए हैं। व…

Jagran के अनुसार19 अगस्त 2026 को 12:55 am बजे
यूपी में बाढ़-बारिश से बिगड़े हालात, जलभराव से प्रयागराज में डूबे पांच पुल तो मणिकर्णिका में छत पर हो रहा शवदाह
 - up floods rivers overflow varanasi cremations on roofs

सौजन्य से:- Jagran

यूपी में बाढ़-बारिश से बिगड़े हालात, जलभराव से प्रयागराज में डूबे पांच पुल तो मणिकर्णिका में छत पर हो रहा शवदाह

उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से गंगा, यमुना सहित कई नदियां उफान पर हैं, जिससे बाढ़ के हालात बिगड़ गए हैं। वाराणसी में घाट जलमग्न होने से शवदाह छतों पर हो रहा है, जबकि प्रयागराज में पांच पुल डूबने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है।

HighLights

- वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ा, घाट डूबे।

- प्रयागराज में बेलन नदी खतरे के निशान से ऊपर।

- कई जिलों में पुल डूबे, गांवों का संपर्क टूटा।

जागरण टीम, लखनऊ। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही वर्षा से उत्तर प्रदेश में गंगा, यमुना समेत कई नदियां उफान पर हैं। वाराणसी में गंगा का जलस्तर महज 10 घंटे में करीब 42 सेंटीमीटर बढ़कर मंगलवार शाम छह बजे 67.14 मीटर पहुंच गया। खतरे का निशान 70.212 मीटर है।

गंगा का पानी घाटों और तटवर्ती क्षेत्रों में तेजी से फैलने से सभी घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है। प्रयागराज के कोरांव में बेलन नदी खतरे के निशान के पार पहुंच गई है। पांच छोटे पुल डूबने से करीब 45 गांवों का संपर्क टूट गया और 62 हजार लोगों का आवागमन प्रभावित है।

वाराणसी में गंगा के रास्ते श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर जाने वाला द्वार बंद कर दिया गया है। जलबहाव तेज होने के कारण नौका संचालन भी रोक दिया गया है। मणिकर्णिका महाश्मशान की गलियों तक पानी पहुंच गया है।

शवदाह स्थल के ऊपरी हिस्से के करीब पानी पहुंचने से छतों पर चिताएं जलाई जा रही हैं। हरिश्चंद्र घाट पहले से जलमग्न है और सीढ़ियों के ऊपर शवदाह किया जा रहा है। दशाश्वमेध और शीतला घाट पर सांध्य गंगा आरती का स्थान बदलकर छत पर कर दिया गया है।

पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें घाटों पर निगरानी कर लोगों और पर्यटकों को पानी से दूर रहने की चेतावनी दे रही हैं। वरुणा नदी में पलट प्रवाह से तटवर्ती इलाकों में पानी भर गया है। प्रयागराज में गंगा 36 घंटे में 50 सेंटीमीटर और यमुना 76 सेंटीमीटर बढ़ी हैं।

कोरांव में बेलन के अलावा टुड़ियारी, सेवटी और गोरमा नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। इससे पांच छोटे पुल डूब गए हैं। मीरजापुर में अदवा बांध के छह गेट खोलकर 21 हजार क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया। इससे 51 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है। बकहर नदी का पानी धुरकर पुल पर पहुंचने से मीरजापुर-सोनभद्र मार्ग बाधित है। गाजीपुर और मीरजापुर में गंगा की रफ्तार लगातार बढ़ रही है।

गोंडा में घाघरा एल्गिन ब्रिज पर खतरे के निशान से 54 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। करीब नौ हजार लोग प्रभावित हैं। पांच ग्राम पंचायतों के 25 मजरों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है। प्रशासन ने 60 नावें लगाई हैं।

अयोध्या में सरयू खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बैराजों से घाघरा में 3.26 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बहराइच में बैराजों से पानी छोड़ने की मात्रा घटने के बाद जलस्तर कम होने लगा है, जिससे 20 बाढ़ प्रभावित गांवों में राहत की उम्मीद जगी है।

फर्रुखाबाद में गंगा चेतावनी बिंदु से 25 सेंटीमीटर ऊपर स्थिर है, लेकिन कटान तेज है। दौली की मड़ैया में एक और कटरी तौफीक में चार पक्के मकान गंगा में बह गए।

बिजनौर में गंगा और पहाड़ी नदियों के उफान से करीब दर्जनभर गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। पीलीभीत के तीन गांवों में शारदा का पानी घुस गया, जबकि बदायूं में गंगा का पानी कदमनगला तक पहुंच गया है।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें