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प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर घटा: बड़े हनुमान मंदिर तक पहुंचा था पानी, प्रशासन बोला- सभी तटबंध सुरक्षित - Prayagraj (Allahabad) News

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Dainik Bhaskar के अनुसार24 अगस्त 2026 को 12:56 pm बजे
प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर घटा:  बड़े हनुमान मंदिर तक पहुंचा था पानी, प्रशासन बोला- सभी तटबंध सुरक्षित - Prayagraj (Allahabad) News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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प्रयागराज में गंगा-यमुना का जलस्तर घटा:बड़े हनुमान मंदिर तक पहुंचा था पानी, प्रशासन बोला- सभी तटबंध सुरक्षित

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प्रयागराज में पिछले कुछ दिनों से बढ़ रहा गंगा-यमुना का जलस्तर अब फिर घटने लगा है। सोमवार सुबह 8 बजे बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट में चारों प्रमुख गेज स्थलों पर पिछले 24 घंटे में पानी कम होने की जानकारी सामने आई। सबसे ज्यादा गिरावट छतनाग में दर्ज हुई, जहां गंगा का जलस्तर 63 सेंटीमीटर नीचे आया।

नैनी में यमुना 47 सेंटीमीटर, एसटीपी बक्सी बांध पर 49 सेंटीमीटर और फाफामऊ में गंगा 16 सेंटीमीटर घट गई। जलस्तर कम होने से नदी किनारे और बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है।

सोमवार सुबह नैनी में यमुना का जलस्तर 80.16 मीटर, फाफामऊ में गंगा 81.11 मीटर और छतनाग में 79.67 मीटर दर्ज किया गया। एसटीपी बक्सी बांध पर पानी 80.28 मीटर पर था। प्रयागराज में गंगा-यमुना के खतरे का निशान 84.734 मीटर है। फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे बह रही हैं। प्रशासन ने सभी तटबंधों को सुरक्षित बताया है।

संगम पर बड़े हनुमान मंदिर तक पहुंचा था पानी

पिछले दिनों जलस्तर बढ़ने के दौरान संगम स्थित श्री बड़े हनुमान मंदिर के आसपास गंगा का पानी पहुंच गया था। इसे लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा थी कि अगर पानी और बढ़ा तो मंदिर के गर्भगृह तक भी पहुंच सकता है। अब नदी का पानी कम होने के साथ ही मंदिर के आसपास से भी गंगा पीछे हटने लगी है।

चारों स्थलों पर दर्ज हुई गिरावट

बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक, छतनाग में 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा 63 सेंटीमीटर की कमी दर्ज हुई। इसके बाद एसटीपी बक्सी बांध पर 49 सेंटीमीटर और नैनी में 47 सेंटीमीटर पानी कम हुआ। फाफामऊ में जलस्तर 16 सेंटीमीटर नीचे आया।

जलस्तर में इस गिरावट के बाद नदी किनारे बसे इलाकों में लोगों की चिंता कुछ कम हुई है। पिछले दिनों लगातार बढ़ते पानी के कारण लोग अपने आसपास के हालात पर नजर रख रहे थे।

जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है

जलस्तर घटने के बावजूद प्रशासन ने निगरानी जारी रखी है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है। तटबंधों की स्थिति भी देखी जा रही है। फिलहाल किसी तटबंध को नुकसान की सूचना नहीं है।

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