नोएडा में पर्थला चौक पर बनेगा सिक्स लेन अंडरपास; लोगों को जाम से मिलेगी राहत, योजना जानिए
Noida Parthala Chowk Underpass News: नोएडा में पार्थला चौक पर अंडरपास बनाने की योजना तैयार की गई है। अंडरपास के निर्माण लोगों को इलाके में लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी। नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में जाम से रा…

सौजन्य से:- Navbharat Times
Noida Parthala Chowk Underpass News: नोएडा में पार्थला चौक पर अंडरपास बनाने की योजना तैयार की गई है। अंडरपास के निर्माण लोगों को इलाके में लगने वाले ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी।
नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा में जाम से राहत की योजना पर लगातार काम चल रहा है। इस क्रम में नोएडा शहर के सबसे व्यस्त और महत्वपूर्ण चौराहों में शामिल पर्थला चौक पर बढ़ते यातायात दबाव को कम करने के लिए सिक्स लेन अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित किया गया है। फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद (एफएनजी) कॉरिडोर पर बनने वाला यह अंडरपास नोएडा की यातायात व्यवस्था को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना साबित होगा। नोएडा में लगातार बढ़ते आवासीय और व्यावसायिक विकास के बीच इस परियोजना को भविष्य की यातायात आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से आधुनिक और सुरक्षित यातायात व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों के तहत नोएडा प्राधिकरण इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रहा है। परियोजना का उद्देश्य पर्थला चौक पर लगने वाले जाम को कम करने के साथ-साथ एफएनजी कॉरिडोर पर वाहनों की आवाजाही को निर्बाध बनाना है।
बड़ी संख्या में रहती है ट्रैफिक
पर्थला चौक एफएनजी कॉरिडोर और विकास मार्ग के महत्वपूर्ण जंक्शन पर स्थित है। एफएनजी कॉरिडोर के जरिए गाजियाबाद, एनएच-9, मेरठ एक्सप्रेसवे, नोएडा, ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे और भविष्य में फरीदाबाद के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। इस मार्ग पर दिनभर बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही रहती है। खासकर सुबह और शाम के पीक आवर्स में पर्थला चौक पर यातायात का दबाव काफी बढ़ जाता है और वाहन चालकों को लंबे जाम का सामना करना पड़ता है।
नोएडा वेस्ट और आसपास के क्षेत्रों में तेजी से हो रहे आवासीय एवं व्यावसायिक विकास के कारण आने वाले वर्षों में वाहनों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। ऐसे में प्रस्तावित अंडरपास को दीर्घकालिक यातायात समाधान के तौर पर देखा जा रहा है। प्रस्तावित अंडरपास छह लेन का होगा, जिसमें दोनों दिशाओं में तीन-तीन लेन उपलब्ध रहेंगी।
710 मीटर होगी लंबाई
पार्थला अंडरपास की कुल लंबाई करीब 710 मीटर निर्धारित की गई है। प्रत्येक दिशा में लगभग 110 मीटर लंबा आरसीसी बॉक्स बनाया जाएगा। इसके अलावा 20 मीटर का खुला आकाश वाला हिस्सा तथा दोनों ओर करीब 280-280 मीटर लंबे पहुंच मार्ग प्रस्तावित किए गए हैं। बारिश के दौरान अंडरपास में पानी जमा न हो, इसके लिए जल निकासी की विशेष व्यवस्था की जाएगी।
बेहतरीन होगी पंपिंग व्यवस्था
परियोजना में दो सम्प और पर्याप्त पंपिंग व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। इससे बारिश और रिसाव के पानी को तेजी से बाहर निकालने में मदद मिलेगी। अंडरपास का निर्माण डायफ्राम वॉल तकनीक और मौके पर आरसीसी निर्माण के माध्यम से किया जाना प्रस्तावित है। इस तकनीक का इस्तेमाल खुदाई के दौरान आसपास की जमीन और मौजूदा अवस्थापना की स्थिरता बनाए रखने में मददगार माना जाता है।
परियोजना के निर्माण के दौरान आसपास की सड़कों और यातायात व्यवस्था को प्रभावित न करने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए जाने की उम्मीद है। प्रस्तावित परियोजना की अनुमानित निर्माण लागत करीब 80 करोड़ रुपये बताई गई है। अंडरपास के निर्माण की प्रस्तावित अवधि 18 महीने निर्धारित की गई है।
जाम में आएगी कमी
परियोजना के पूरा होने के बाद पर्थला चौक पर वाहनों के रुकने और चौराहे पर जाम लगने की स्थिति में कमी आने की उम्मीद है। अंडरपास बनने से सेक्टर-66, सेक्टर-71, सेक्टर-121, सेक्टर-122, किसान चौक, छिजारसी और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
यात्रा का समय होगा कम
एफएनजी कॉरिडोर पर यातायात क्षमता बढ़ने के साथ ही वाहन चालकों का यात्रा समय भी कम हो सकता है। नोएडा प्राधिकरण के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद यातायात का निर्बाध संचालन, जाम में कमी, यात्रा समय में बचत और सड़क सुरक्षा में सुधार जैसे कई फायदे मिलने की उम्मीद है। तेजी से विकसित हो रहे नोएडा वेस्ट क्षेत्र को देखते हुए यह अंडरपास भविष्य की यातायात जरूरतों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
लेखक के बारे मेंराहुल पराशरराहुल पराशर नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर (Senior Digital Content Producer) हैं। वे नवभारत टाइम्स की यूपी-उत्तराखंड टीम में काम करते हैं। प्रिंट, न्यूज एजेंसी और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 22 साल लंबा का अनुभव है, जिसमें उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। राहुल पराशर ने अक्टूबर 2021 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने पिछले 4 वर्षों में यूपी विधानसभा चुनाव, यूपी निकाय चुनाव, उत्तराखंड विधानसभा चुनाव, यूपी में एसआईआर प्रक्रिया जैसे बड़े घटनाक्रम का विस्तृत कवरेज किया है। राजनीति गतिविधियों से लेकर प्रशासनिक हलचल और क्राइम की घटनाओं पर उनका फोकस रहता है।
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पत्रकारिता अनुभव: अखबार और डिजिटल मीडिया में 22 साल से कार्यरत
राहुल पराशर ने साल 2004 में प्रभात खबर, पटना से अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सहारा, हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में जूनियर रिपोर्टर से लेकर प्रधान संवाददाता के पद पर काम किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा, राजद, जदयू और लोजपा जैसे दलों को कवर किया। उन्होंने शिक्षा विभाग की लंबे समय तक रिपोर्टिंग की। नवभारत टाइम्स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया है।
शिक्षा:
राहुल पराशर ने वर्ष 2004 में भारतीय विद्या भवन के पीके इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से जर्नलिज्म का कोर्स किया है। मूल रूप से बिहार के मुजफ्फरपुर से आने वाले राहुल पराशर ने नेतरहाट, झारखंड से स्कूली शिक्षा ग्रहण की। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर से वर्ष 2002 में स्नातक की डिग्री हासिल की है।... और पढ़ें
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