Nepal UP Flood: घट-बढ़ रहा गंडक का जलस्तर, गोरखपुर-बस्ती मंडल के सात जिले प्रभावित
Nepal UP Flood: घट-बढ़ रहा गंडक का जलस्तर, गोरखपुर-बस्ती मंडल के सात जिले प्रभावित Nepal UP Flood: गंडक का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। गोरखपुर-बस्ती मंडल के सात जिले प्रभावित हो गए हैं। महराजगंज में वाल्मीकिनगर बैराज पर पल-पल…

सौजन्य से:- Hindustan
Nepal UP Flood: घट-बढ़ रहा गंडक का जलस्तर, गोरखपुर-बस्ती मंडल के सात जिले प्रभावित
Nepal UP Flood: गंडक का जलस्तर घट-बढ़ रहा है। गोरखपुर-बस्ती मंडल के सात जिले प्रभावित हो गए हैं। महराजगंज में वाल्मीकिनगर बैराज पर पल-पल जलस्तर बदल रहा है। फिलहाल बाढ़ का खतरा टल गया है।
नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ के बाद बुधवार रात वाल्मीकिनगर गंडक बैराज पर हर आधे घंटे में उतार-चढ़ाव और जलस्तर में हुई तेज वृद्धि ने अधिकारियों की सांसें अटका दीं। महराजगंज जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग के लिए बीते छह घंटे किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं रहे। रातभर बंधों और बैराज पर अधिकारी डटे रहे। वहीं कुशीनगर में बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट से कुशीनगर जिले के खड्डा रेता क्षेत्र में फिलहाल बाढ़ का खतरा टल गया है। दोनों जिलों में तटीय गांवों में सतर्कता-निगरानी और बढ़ा दी गई है।
रात 8.30 बजे से 11 बजे तक लगातार बढ़ता गया दबाव: वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक बुधवार की रात 8.30 बजे गंडक नदी का डिस्चार्ज 1 लाख 14 हजार क्यूसेक दर्ज किया गया था। ऊपरी इलाकों से आ रहे पानी के भारी दबाव के कारण महज आधे घंटे में रात 9 बजे डिस्चार्ज बढ़कर 1 लाख 26 लाख हजार 500 क्यूसेक पहुंच गया। इसके बाद जलस्तर में तेज बढ़ोतरी का सिलसिला शुरू हुआ और रात 9.30 बजे डिस्चार्ज 1 लाख 36 हजार 700 क्यूसेक पहुंच गया।
रात 10 बजे डिस्चार्ज बढ़कर 1 लाख 42 हजार 100 क्यूसेक रिकॉर्ड हुआ। रात 11 बजे डिस्चार्ज अपने चरम पर पहुंचते हुए 1 लाख 50 हजार 200 क्यूसेक दर्ज किया गया। 1.50 लाख क्यूसेक का आंकड़ा पार करते ही बैराज और गंडक के तटीय इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई तथा प्रशासनिक अमले की धड़कनें तेज हो गईं।
जलप्रलय से सहमे लोग, बाढ़ की चिंता
नेपाल में जलप्रलय से उफनाई गंडक का असर फिलहाल गोरखपुर-बस्ती मंडल की नदियों के जलस्तर पर नहीं दिख रहा है। राप्ती और रोहिन नदी का जलस्तर घटा है। वहीं, सरयू नदी का जलस्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है। हालांकि जल प्रलय को देखते हुए सिंचाई विभाग और प्रशासन एलर्ट मोड में हैं। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता का दावा है कि डेढ़ लाख क्यूसेक पानी तेज रफ्तार से निकल गए हैं। फिलहाल, गोरखपुर में बाढ़ से प्रभावित होने वाले इलाकों में किसी प्रकार का खतरा नहीं दिख रहा है।
पूर्व के अनुभवों को आधार पर ही राप्ती और रोहिन नदी के किनारे बसे गांव के लोग सहमे हुए हैं। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता विकास सिंह ने कहा कि नेपाल में जल प्रलय के बाद डेढ़ लाख क्यूसेक पानी निकल गया है। गोरखपुर में नदियों का जलस्तर सामान्य है। सम्भावित खतरे को लेकर विभाग पूरी तरह एलर्ट है।
आपदा हेल्पलाइन : 1077
महराजगंज
लैंडलाइन नंबर: 05523-222162
मोबाइल नंबर: 9628819145, 9621333537
कुशीनगर
कंट्रोल रूम : 05564-240590
महराजगंज-कुशीनगर में बहकर आए सात शव
बाढ़ के पानी में शव भी बहकर आ रहे हैं। महराजगंज में तीन महिलाओं और एक पुरुष के शव नारायणी गंडक नदी से बरामद किए गए। इनमें से एक शव नारायणी नदी के बनकेसिया के पास और तीन शव को टेलफाल ठोकर संख्या एक के पास एसडीआरएफ की टीम ने नदी में बहते हुए देखा। वहीं कुशीनगर में गुरुवार को छितौनी तटबंध के भेड़ियारी ठोकर नंबर तीन के समीप नदी किनारे लोगों ने एक महिला का शव दिखा।
जिलाधिकारी, दीपक मीणा ने कहा कि नेपाल में जल प्रलय के बाद गंडक नदी में पानी का दबाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। गोरखपुर में फिलहाल खतरे जैसी कोई स्थिति नहीं है। राप्ती नदी का जलस्तर फिलहाल काफी नीचे है, जबकि घाघरा में भी पानी लगातार कम हो रहा है। ऐसे में जिले में वर्तमान समय में किसी तरह की गंभीर चिंता की स्थिति नहीं है। पहले से बाढ़ प्रभावित गांवों में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
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