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ट्रैकमेंटेनर, खलासी और सफाईकर्मी भी अब बन सकेंगे सहायक लोको पायलट, लखनऊ मंडल का बड़ा फैसला - lucknow div trackmen sweepers to become assistant loco pilots

ट्रैकमेंटेनर, खलासी और सफाईकर्मी भी अब बन सकेंगे सहायक लोको पायलट, लखनऊ मंडल का बड़ा फैसला पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने 174 सहायक लोको पायलट पदों को जीडीसीई के तहत भरने का निर्णय लिया है, जिससे ट्रैकमेंटेनर, खलासी और…

Jagran के अनुसार26 अगस्त 2026 को 06:18 am बजे
ट्रैकमेंटेनर, खलासी और सफाईकर्मी भी अब बन सकेंगे सहायक लोको पायलट, लखनऊ मंडल का बड़ा फैसला
 - lucknow div trackmen sweepers to become assistant loco pilots

सौजन्य से:- Jagran

ट्रैकमेंटेनर, खलासी और सफाईकर्मी भी अब बन सकेंगे सहायक लोको पायलट, लखनऊ मंडल का बड़ा फैसला

पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल ने 174 सहायक लोको पायलट पदों को जीडीसीई के तहत भरने का निर्णय लिया है, जिससे ट्रैकमेंटेनर, खलासी और सफाईकर्मी भी एएलपी ब ...और पढ़ें

HighLights

- लखनऊ मंडल ने 174 एएलपी पद जीडीसीई से भरने का निर्णय लिया।

- चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी अब सहायक लोको पायलट बन सकेंगे।

- रेलवे कर्मचारियों में खुशी, पदोन्नति के नए अवसर खुले।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। अब सामान्य विभागों के ट्रैकमेंटेनर, खलासी, हमाल और सफाईकर्मी आदि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी विभागीय पदोन्नति परीक्षा (कंप्यूटर आधारित परीक्षा) देकर सहायक लोको पायलट (एएलपी) बन सकेंगे। पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल प्रशासन ने लेवल-02, ग्रेड पे 1900 के 50 प्रतिशत विभागीय कोटा के 174 पद को जनरल डिपार्टमेंटल कंपेटेटिव इग्जामिनेशन (जीडीसीई) के तहत भरने का निर्णय लिया है।

इसके अंतर्गत 24 अगस्त को कार्मिक विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। इलेक्ट्रिक और मैकेनिकल के अलावा अन्य विभागों के योग्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी जीडीसीई में भाग ले सकते हैं। लखनऊ मंडल प्रशासन के इस फैसले से रेल कर्मचारियों में खुशी का माहौल है।

सहायक कार्मिक अधिकारी का कहना है कि 30 जून 2026 को जारी अधिसूचना के तहत 175 सहायक लोको पायलट (एएलपी) पद पर इलेक्ट्रिक और मैकेनिकल विभाग से सिर्फ एक आवेदन मिला था। 174 पद शेष रह गए थे। इन पदों को भरने के लिए ओपेन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) कराने का फैसला लिया गया है।

दरअसल, लखनऊ मंडल में सहायक लोको पायलटों की पदोन्नति पर शुरू से ही संकट के बादल मंडरा रहे हैं। छह माह में भी विभागीय पदोन्नति परीक्षा की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।

लखनऊ मंडल प्रशासन ने 02 फरवरी 2026 को 175 पद पर पदोन्नति के लिए प्रमोशनल इग्जाम की जगह जीडीसीई की अधिसूचना जारी कर दी थी। तीन माह बाद अधिकारियों को गलती का अहसास हुआ तो 24 जून 2026 को आनन-फानन प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए अधिसूचना निरस्त करने की चिट्ठी निकाल दी।

कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई। दैनिक जागरण ने मंडल प्रशासन की इस लापरवाही को मुद्दा बनाया। अब लखनऊ मंडल प्रशासन ने नियमानुसार प्रमोशनल के बाद जीडीसीई के लिए अधिसूचना जारी की है।

आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (एआइआरएफ) के जोनल सेक्रेटरी ओंकार नाथ सिंह लखनऊ मंडल प्रशासन के इस निर्णय का स्वागत करते हैं। कहते हैं कि, रेलवे प्रशासन ने रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देश के बाद भी जीडीसीई में 87 पदों की संख्या कम कर दी है। रेलवे रिक्रूटमेंट सेल गोरखपुर ने जीडीसीई की नोटिफिकेशन में 134 पदों की अधिसूचना जारी की है। जबकि, 2024 मे कुल पदों की संख्या 221 जारी किया गया था।

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एनई रेलवे मजदूर यूनियन (नरमू) ने पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक और प्रमुख मुख्य कर्मिक अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए जीडीसीई के लिए 2027 तक रिक्त पदों की गणना कराने की मांग की है। लखनऊ मंडल में जीडीसीई की नई अधिसूचना से योग्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

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