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LDA ने 18 साल से लटकी लखनऊ की प्रबंध नगर योजना को दी हरी झंडी, 2 लाख लोगों का सपना होगा पूरा

LDA ने 18 साल से लटकी लखनऊ की प्रबंध नगर योजना को दी हरी झंडी, 2 लाख लोगों का सपना होगा पूरा बाई सर्कुलेशन प्रबंध नगर योजना को हरी झंडी, वशिष्ठ विहार योजना में स्टार्टअप्स के लिए जमीन. By ETV Bharat Uttar Pradesh Team Pu…

ETV Bharat के अनुसार19 अगस्त 2026 को 06:55 am बजे
LDA ने 18 साल से लटकी लखनऊ की प्रबंध नगर योजना को दी हरी झंडी, 2 लाख लोगों का सपना होगा पूरा

सौजन्य से:- ETV Bharat

LDA ने 18 साल से लटकी लखनऊ की प्रबंध नगर योजना को दी हरी झंडी, 2 लाख लोगों का सपना होगा पूरा

बाई सर्कुलेशन प्रबंध नगर योजना को हरी झंडी, वशिष्ठ विहार योजना में स्टार्टअप्स के लिए जमीन.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : August 19, 2026 at 12:09 PM IST

लखनऊ: LDA ने 18 साल से लटकी हुई प्रबंध नगर योजना को हरी झंडी दे दी है. परिचालन के माध्यम से पास हुए बोर्ड प्रस्तावों में यह निर्णय लिया गया. इसके अलावा वशिष्ठ विहार योजना में स्टार्टअप्स के लिए अलग से पूरी योजना को हरी झंडी दी गई.

एलडीए ने साल 2008 में हरदोई-सीतापुर रोड और आईआईएम रोड के पास करीब 1800 एकड़ में प्रबंध नगर योजना प्रस्तावित की थी लेकिन भूमि अधिग्रहण, मुआवजे की दर और किसानों से जुड़े कानूनी-अदालती विवादों के कारण यह योजना अटकी हुई थी. अब बोर्ड ने इसे धरातल पर उतारने का फैसला लिया है.अधिकारियों के मुताबिक योजना पूरी होने पर करीब दो लाख लोगों को मकान और भूखंड मिल सकेंगे। इससे शहर के पूर्वी हिस्से में आवासीय और व्यावसायिक विकास को नई गति मिलेगी.

बोर्ड ने तय किया है कि किसानों को मुआवजा बाजार दर के हिसाब से संशोधित करके दिया जाएगा. इसके लिए एक अलग समिति बनाई जाएगी। साथ ही पर्यावरण न्यायालय की आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद ही काम शुरू होगा. प्रबंध नगर योजना आईआईएम रोड और हरदोई-सीतापुर बाईपास के पास भैला, अल्लू नगर और मुक्तिकपुर जैसे गांवों के करीब बनेगी. इसमें आधुनिक आवासीय ब्लॉक, वाणिज्यिक क्षेत्र और हरित गलियारे विकसित किए जाएंगे.

बैठक में अन्य प्रस्ताव भी पास हुए. राजधानी में आवास की मांग देखते हुए नैमिष नगर और वरुण विहार में पहले चरण में 4000 प्लॉट का पंजीकरण खोला जाएगा. वरुण विहार में दर 28,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर और नैमिष नगर में 32,000 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय की गई है। इन योजनाओं में पार्क, सड़क, सीवर और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं होंगी.

बसंत कुंज योजना के सेक्टर-बी में आधुनिक बस अड्डा बनाने के लिए यूपीएसआरटीसी को जमीन दी जाएगी. इससे शहर के दक्षिणी क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी. सरदार पटेल औद्योगिक योजना के तहत 50 एकड़ में आईटीआई और अन्य तकनीकी संस्थान खोले जाएंगे ताकि युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण मिल सके.

इसके अलावा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के किनारे वशिष्ठनगर योजना और न्यू हैदराबाद में अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सेंटर को भी मंजूरी मिली है. एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने कहा कि प्राधिकरण का फोकस अब आवास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर है. सभी प्रस्ताव अब शासन को भेजे जाएंगे। अंतिम अनुमति के बाद काम शुरू कर दिया जाएगा.

वशिष्ठ नगर में स्टार्ट अप के लिए दी जाएगी 50 एकड़ जमीन

एलडीए की वशिष्ठ नगर आवासीय योजना में स्टार्ट अप के लिए एमएसएमई विभाग को 50 एकड़ जमीन दी जाएगी. योजना में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम स्थापित होने से आर्थिक विकास होगा और बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे. लखनऊ विकास प्राधिकरण की इस महत्वकांक्षी आवासीय योजना को शासन ने मंजूरी दे दी है.

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत आगरा एक्सप्रेस-वे पर 6,580 एकड़ क्षेत्रफल में वरूण विहार आवासीय योजना विकसित की जा रही है. इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर सृजित करने के उद्देश्य से वशिष्ठ नगर योजना का प्रस्ताव तैयार कराया गया है. जिसमें विशेष तौर से आर्थिक विकास को गति देने के लिए औद्योगिक, लॉजिस्टिक एवं व्यावसायिक क्लस्टर नियोजित किये जाएंगे.

उपाध्यक्ष ने बताया कि वशिष्ठ नगर योजना का प्रस्ताव शासन के समक्ष प्रस्तुत किया गया था. जिसे शासन ने मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के अंतर्गत स्वीकृत करते हुए मंजूरी प्रदान कर दी है. उन्होंने बताया कि आगरा एक्सप्रेस-वे के पास लगभग 1035 एकड़ क्षेत्रफल में वशिष्ठ नगर योजना विकसित की जाएगी. जिसके लिए ग्राम-रेवरी, भलिया, गहलवारा, आदमपुर इन्दवारा, बहरू एवं जलियामऊ की भूमि चिन्हित की गयी है.आने वाले समय में यह योजना उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन के विजन को साकार करते हुए राजधानी को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन से जोड़ेगी.

उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि वशिष्ठ नगर में औद्योगिक, लॉजिस्टिक एवं आर्थिक गतिविधियों के लिए नये जोन विकसित किये जाएंगे.जिसके लिए भारत सरकार के एमएसएमई विभाग को 50 एकड़ जमीन दी जाएगी. उन्होंने बताया कि एमएसएमई विभाग द्वारा संचालित सरदार वल्लभ भाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र योजना के अंतर्गत उक्त भूमि पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम स्थापित किये जाएंगे. इससे राजधानी में स्टार्ट अप को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और उद्यमिता के अवसर एक ही मंच पर मिलेंगे.

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