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Kanpur News: प्रयागराज में यमुना उफनाई, कानपुर में बाढ़ का खतरा

Kanpur News: प्रयागराज में यमुना उफनाई, कानपुर में बाढ़ का खतरा Kanpur News: प्रयागराज में यमुना नदी उफना रही है जिससे कानपुर से प्रयागराज के बीच गंगा किनारे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हरिद्वार और नरोरा बैराज से बड़ी मात्र…

Hindustan के अनुसार19 अगस्त 2026 को 11:56 am बजे
Kanpur News: प्रयागराज में यमुना उफनाई, कानपुर में बाढ़ का खतरा

सौजन्य से:- Hindustan

Kanpur News: प्रयागराज में यमुना उफनाई, कानपुर में बाढ़ का खतरा

Kanpur News: प्रयागराज में यमुना नदी उफना रही है जिससे कानपुर से प्रयागराज के बीच गंगा किनारे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हरिद्वार और नरोरा बैराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे गंगा का प्रवाह बाधित हो रहा है। कानपुर बैराज से भी पानी छोड़ा जा रहा है और इस स्थिति से बाढ़ की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

Kanpur News: प्रयागराज में यमुना नदी उफना रही है। लिहाजा, कानपुर से प्रयागराज के बीच गंगा किनारे गांवों और शहरों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। क्योंकि, प्रयागराज में पानी ज्यादा होने से कानपुर से छोड़े जा रहे पानी को रास्ता नहीं मिल रहा है। असर यह हुआ कि गंगा में पानी का बहाव धीमा पड़ने लगा है। अगले दो-तीन दिन में गंगा का पानी गांवों की ओर होगा। पहाड़ों में बारिश के चलते हरिद्वार और नरोरा बैराज से रोजाना एक-एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा जा रहा है। यही वजह है कि कानपुर स्थित गंगा बैराज से रोजाना करीब तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। यमुना के उफान पर न आने तक कानपुर बैराज से छोड़ा जा रहा पानी प्रयागराज से आगे निकल जा रहा था, लेकिन अब गंगा के प्रवाह को प्रयागराज में यमुना नदी का जलस्तर बाधित कर रहा है।

हरिद्वार और नरोरा बैराज से पानी का प्रवाह

गंगा बैराज के ऑपरेटर राजाराम पाल उत्तम का कहना है कि जब भी प्रयागराज में यमुना उफान पर होती है। इससे कानपुर में बाढ़ आती है। हरिद्वार और नरोरा बैराज से भारी मात्रा में पानी आ रहा है, जिसे रास्ता नहीं मिलेगा तो गंगा किनारे के शहर और गांवों में बाढ़ आनी तय है। मंगलवार को हरिद्वार बैराज से 1,10,194 और नरोरा बैराज से 1,15,137 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी कानपुर 22 अगस्त तक पहुंच जाएगा।

कानपुर में गंगा का जलस्तर

बैराज अप स्ट्रीम (बिठूर से बैराज) 113.57 मीटर

बैराज डाउन स्ट्रीम (बैराज से नीचे अटल घाट तक) 113.42 मीटर

शुक्लागंज गेज 112.21 मीटर

एक नजर में

बैराज पर चेतावनी बिंदु 114 मीटर

बैराज पर खतरे का निशान 115 मीटर

शुक्लागंज गेज पर चेतावनी बिंदु 113 मीटर

शुक्लागंज गेज पर खतरे का निशान 114 मीटर

सामान्य प्रश्न

लेखक के बारे में

Ajeet Pratap Singhशॉर्ट बायो: अजीत प्रताप सिंह पिछले 20 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में चीफ कंटेंट क्रिएटर के पद पर कार्य कर रहे हैं।

परिचय एवं अनुभव

अजीत प्रताप सिंह भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक प्रतिष्ठित नाम हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों से अधिक समय से काम करने का अनुभव है। इस दौरान उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और झारखंड में देश के प्रतिष्ठित अखबारों में काम किए हैं। वर्तमान में ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में चीफ कंटेंट क्रिएटर हैं। 2022 से इस भूमिका में रहते हुए उन्होंने डिजिटल कंटेंट के बदलते ट्रेंड्स और पाठकों की रुचि पर मजबूत पकड़ बनाई है।

करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)

अजीत ने अपने करियर की शुरुआत 2005 में जनमोर्चा, राष्ट्रीय सहारा, दैनिक जागरण आई नेक्स्ट, दैनिक भास्कर व दैनिक जागरण जैसे प्रमुख अखबारों से की, जहां प्रिंट पत्रकारिता की बुनियादी समझ विकसित करने के साथ टीम का नेतृत्व भी किया। अजीत ने 2007 में राष्ट्रीय सहारा में देहरादून में काम शुरू किया। उनकी खबरों की समझ और लेखन शैली को सराहते हुए उन्हें सिटी रिपोर्टिंग की बीटों पर स्टेट लेवल तक काम करने का मौका दिया गया। वर्ष 2011 से नवंबर 2014 तक उन्होंने राष्ट्रीय सहारा वाराणसी में काम किया। 2014 में दैनिक जागरण आई नेक्स्ट में टीम लीडर के तौर पर डिजिटल का भी अनुभव उन्हें मिला था। अजीत ने आई नेक्स्ट बरेली में तीन माह कार्यकारी संपादकीय प्रभारी के तौर पर भी काम किया था। इस दौरान अखबार के बरेली एडिशन को नूर-ए-आई नेक्स्ट अवॉर्ड भी मिला था। अजीत ने 2018-19 तक दैनिक भास्कर में रिजनल हेड के तौर पर 10 जिलों की टीम को लीड किया। 2019 से 2022 तक दैनिक जागरण में खबरों के साथ डिजिटल के लिए भी काम किया। धनबाद में सिटी हेड की जिम्मेदारी भी अजीत ने बखूबी निभाई थी। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान के लिए कार्य कर रहे हैं।

शैक्षणिक पृष्ठभूमि

ग्रेजुएशन और पीजी डिप्लोमा इन फोटो जर्नलिज्म एंड विजुअल कम्युनिकशन की पढ़ाई इलाहाबाद विश्वविद्यालय से किए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के अनुभव का लाभ अजीत पत्रकारिता में भी उठा रहे हैं। इसी वजह से अजीत गंगा, श्रम और जल निगम की बीट पर एक्सपर्ट वेरिफाइड और रिसर्च ड्रिवेन स्टोरीज लिख रहे हैं।

डाटा बेस्ड और सॉफ्ट खबरों के साथ डिफरेंशिएटर पर जोर

अजीत की रुचि डाटा बेस्ड खबरों में है। डाटा पर आधारित रोचक खबरें लिखते हैं। बीट पर सॉफ्ट स्टोरी पर भी काम करते रहते हैं। रूटीन खबरों में डिफरेंशिएटर क्रिएट करना अजीत की हावी है।

विशेषज्ञता

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