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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के घटिया निर्माण की जांच रिपोर्ट पर हो रहा मंथन, लैब में अभी चल रही जांच - deliberations are underway regarding the investigation report on the substandard construction of the lucknowkanpur expressway laboratory testing is still in progress

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के घटिया निर्माण की जांच रिपोर्ट पर हो रहा मंथन, लैब में अभी चल रही जांच Lucknow-Kanpur Expressway: प्राधिकरण के अफसरों के मुताबिक दिल्ली व खड़गपुर से आई जांच टीम ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में जो…

Jagran के अनुसार19 अगस्त 2026 को 11:55 am बजे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के घटिया निर्माण की जांच रिपोर्ट पर हो रहा मंथन, लैब में अभी चल रही जांच - deliberations are underway regarding the investigation report on the substandard construction of the lucknowkanpur expressway laboratory testing is still in progress

सौजन्य से:- Jagran

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के घटिया निर्माण की जांच रिपोर्ट पर हो रहा मंथन, लैब में अभी चल रही जांच

Lucknow-Kanpur Expressway: प्राधिकरण के अफसरों के मुताबिक दिल्ली व खड़गपुर से आई जांच टीम ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में जो सुझाव दिए थे उसी पर काम किया गया है, जिससे काफी हद तक समस्याएं खत्म हो चुकी हैं।

HighLights

- कार्रवाई नहीं, सुधारात्मक सुझावों पर होगा प्राधिकरण का फोकस

- आईआईटी खड़गपुर की लैब में अभी जांच नहीं हुई पूरी

जागरण संवाददाता, लखनऊ। बेहद चर्चित लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के घटिया निर्माण और ग्रीन फील्ड पर धंस रही सड़क पर हंगामा लगातार जारी है। इसी दौरान एनएचएआई के एक्शन के बीच निर्माण की जांच भी की गई है। इस जांच की रिपोर्ट की अभी प्रतीक्षा है।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अफसर का तर्क है जांच रिपोर्ट आईआईटी खड़गपुर से आने में अभी काम से कम एक माह का समय लग सकता है क्योंकि जो सैंपल लिए गए थे, उनमें से कई जांच प्रक्रिया से गुजर रहे हैं जिनमें समय लगता है। यही नहीं जो रिपोर्ट सामने आएगी, उसमें कार्रवाई नहीं ग्रीन फील्ड के सुधारात्मक कार्य कराने पर ज्यादा फोकस होगा।

घटिया निर्माण को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पांच अगस्त को पहले ही कार्रवाई की है। जिसमें पूर्व परियोजना निदेशक व निवर्तमान परियोजना निदेशक को चार्जशीट दी गई है। इसके साथ ही स्वतंत्र एजेंसी के साथ ही कार्यदाई संस्था के अभियंताओं को दो वर्ष तक प्रतिबंधित किया जा चुका है।

प्राधिकरण के अफसरों के मुताबिक दिल्ली व खड़गपुर से आई जांच टीम ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में जो सुझाव दिए थे उसी पर काम किया गया है, जिससे काफी हद तक समस्याएं खत्म हो चुकी हैं। उन्नाव के कोरारी में जहां सबसे पहले सड़क धंसी थी, उसके नीचे से एक नहर निकली हुई है।

इस नहर के ऊपर से कंक्रीट के स्लैब डाली गई थी और स्लैब के दोनों तरफ कंक्रीट की दीवार खड़ी कर दी गई थी। इसी दीवार में मिट्टी, कंक्रीट और डामर डालकर सड़क बनाई गई थी। यहां पर ड्रेनेज सिस्टम सही नहीं था, जिसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अभियंताओं ने ठीक करवाने का दावा किया है। अभियंताओं का तर्क है जो वी पोल नहीं थे यानी बरसाती पानी की निकासी के लिए छिद्र, उसे बना दिया गया है।

उधर एक्सप्रेस वे के साथ ही बनाए गए शोल्डर को भी अभी पक्का किया जाएगा या नहीं उसे पर भी कोई निर्णय नहीं हुआ है। प्राधिकरण के अफसर का कहना है कि शोल्डर को मजबूत करने के साथ ही ड्रेनेज सिस्टम और बेहतर किया जाएगा। जिससे भविष्य में स्लिपेज यानी डामर उखड़ने और सड़क धंसने की संभावनाएं शून्य हों।

वही टोल वसूली को लेकर कोई निर्णय नहीं हुआ है। अभी टोल सस्पेंड रहेगा जो पांच अगस्त से चल रहा है । इसकी पूरी भरपाई कार्यदाई संस्था से की जाएगी।अधिकारियों के मुताबिक प्रतिदिन 40 लाख रुपए के हिसाब से कार्य दायी संस्था से लिया जाएगा। इसको लेकर पीएनसी कंपनी को नोटिस भी दी जा चुकी है।

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