पति पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली IIT कानपुर की असिस्टेंट प्रोफेसर बर्खास्त, संस्थान को भेजा लीगल नोटिस
पति पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली IIT कानपुर की असिस्टेंट प्रोफेसर बर्खास्त, संस्थान को भेजा लीगल नोटिस कानपुर आईआईटी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अन्वेषणा श्रीवास्तव की सेवा समाप्त कर दी गई है। उन्होंने संस्थान में ही प्र…

सौजन्य से:- Hindustan
पति पर उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली IIT कानपुर की असिस्टेंट प्रोफेसर बर्खास्त, संस्थान को भेजा लीगल नोटिस
कानपुर आईआईटी की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अन्वेषणा श्रीवास्तव की सेवा समाप्त कर दी गई है। उन्होंने संस्थान में ही प्रोफेसर पति पर उत्पीड़न समेत कई आरोप लगाए थे। अब सेवा समाप्ति के खिलाफ उन्होंने आईआईटी कानपुर के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, निदेशक समेत संबंधित अधिकारियों को लीगल नोटिस भेजा है।
UP News: आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर पति पर प्रताड़ना का आरोप लगाने वाली संस्थान की ही असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अन्वेषणा श्रीवास्तव की सेवा समाप्त कर दी गई है। संस्थान ने शोध प्रदर्शन, जर्नल प्रकाशन और बाहरी फंडिंग को अपेक्षित स्तर का नहीं बताते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी है।
संज्ञानात्मक विज्ञान विभाग (Department of Cognitive) की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर अन्वेष्णा ने संस्थान के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, निदेशक समेत संबंधित अधिकारियों को कानूनी नोटिस भेजकर सेवा समाप्ति को वापस लेने और नियुक्ति की पुष्टि करने की मांग की है। 21 सितंबर को भेजे नोटिस में सेवा समाप्ति को अनुचित बताते हुए कई शिकायतों की जांच की भी मांग की है। नोटिस के अनुसार डॉ. अन्वेषणा को जनवरी 2025 में संज्ञानात्मक विज्ञान विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर ग्रेड-I के पद पर नियमित नियुक्ति का प्रस्ताव मिला था।
प्रोबेशन पीरियड को साजिश टाला गया
डॉक्टर अन्वेष्णा ने आरोप लगाया कि जनवरी 2026 में उनका प्रोबेशन पीरियड पूरा होना था, लेकिन साजिशन उसे टाला गया। जबकि उन्होंने संस्थान में शिक्षण और शोध से जुड़े कार्य किए और विभिन्न परियोजनाओं में योगदान भी दिया। नोटिस में यह भी कहा गया कि उन्हें निदेशक की ओर से उनके शिक्षण कार्य के लिए प्रशंसा पत्र मिले और अप्रैल 2026 में उन्हें 22 लाख रुपये की इनिशिएशन ग्रांट भी स्वीकृत हुई थी।
पति पर लगाया था उत्पीड़न का आरोप
डॉक्टर अन्वेषणा ने कहा कि कुछ समय पहले अपने पति और संस्थान के कुछ अधिकारियों पर उत्पीड़न समेत कई आरोप लगाए थे। 28 जुलाई 2026 को एफआईआर भी दर्ज हुई, जिसकी जांच चल रही है। उनका आरोप है कि इसी प्रकरण के बाद संस्थान के अधिकारियों का रवैया बदलता गया। 20 अगस्त को विभागीय फैकल्टी एडवाइजरी कमेटी ने उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर पुष्टि के लिए रेकमेंड नहीं किया। इसके बाद 27 अगस्त को स्टैंडिंग कमेटी और छह सितंबर को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने भी इस निर्णय को स्वीकार किया। 17 सितंबर को उन्हें सेवा समाप्ति का लेटर दे दिया गया। इसमें उनके शोध प्रदर्शन, जर्नल प्रकाशन और बाहरी फंडिंग को अपेक्षित स्तर का नहीं बताया गया है।
2012 में हुई थी शादी
कल्याणपुर थाने में दर्ज केस के मुताबिक पीड़िता अन्वेष्णा श्रीवास्तव की शादी 14 दिसंबर 2012 में आईआईटी कानपुर में कार्यरत प्रोफेसर निशीथ श्रीवास्तव से हुई थी। निशीथ भी डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस और इंजीनियरिंग में प्रोफेसर हैं। उनके दो बच्चे भी हैं। अन्वेष्णा ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से वह और उनके बच्चे लगातार मानसिक तनाव और भय के माहौल में रह रहे हैं। उन्हें पति के अवैध संबंधों की जानकारी हुई। दावा किया कि दिसंबर 2025 में पति ने अफेयर की बात खुद स्वीकार भी की थी।
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