'लापता नहीं हैं IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार , पारिवारिक इमरजेंसी के कारण उत्तर प्रदेश गए', प्रियांक खरगे ने दी जानकारी - ias gyanendra gangwar not missing on family emergency leave
'लापता नहीं हैं IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार , पारिवारिक इमरजेंसी के कारण उत्तर प्रदेश गए', प्रियांक खरगे ने दी जानकारी कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने स्पष्ट किया कि आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार लापता नह…

सौजन्य से:- Jagran
'लापता नहीं हैं IAS अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार , पारिवारिक इमरजेंसी के कारण उत्तर प्रदेश गए', प्रियांक खरगे ने दी जानकारी
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने स्पष्ट किया कि आईएएस ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार लापता नहीं हैं, बल्कि पारिवारिक आपात स्थिति के कारण अपने गृह नगर उत्तर प्रदेश गए हैं।
HighLights
- आईएएस ज्ञानेंद्र गंगवार लापता नहीं, पारिवारिक इमरजेंसी में यूपी गए।
- गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने गलतफहमी दूर की, फोन बंद था।
- केपीएससी ईडी छापेमारी से संबंध नहीं, जांच को तैयार।
डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक के आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार के लापता होने की खबर सामने आने के बाद शनिवार को हड़कंप मच गया, हालांकि कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने शनिवार को स्पष्ट किया कि ज्ञानेंद्र लापता नहीं हैं। वह अपने पिता की खराब तबीयत के कारण पारिवारिक आपात स्थिति (इमरजेंसी) के चलते उत्तर प्रदेश स्थित अपने गृह नगर गए थे। फोन बंद होने और संपर्क न हो पाने के कारण उनके लापता होने की गलतफहमी पैदा हुई।
प्रियांक ने यह भी कहा कि गंगवार ने अपनी गैर-मौजूदगी और कर्नाटक लोक सेवा आयोग में ईडी की हालिया छापेमारी के बीच किसी भी संबंध से इनकार किया है, और जरूरत पड़ने पर वह जांच के लिए भी तैयार हैं।
पहले आई थी लापता होने की खबर
इससे पहले खबरों में कहा गया था कि गंगवार 20 अगस्त से संपर्क में नहीं थे। सूत्रों के मुताबिक उन्होंने दिल्ली जाने के लिए विमान का टिकट बुक कराया था। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 2016 बैच के अधिकारी गंगवार उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के निदेशक हैं।
गंगवार इससे पहले कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्यरत थे। इस साल मार्च में उन्हें इस पद से हटा दिया गया था।
प्रियांक ने बताया कि गंगवार के परिवार में इमरजेंसी आ गई थी। उनके पिता दिल के मरीज हैं। पिता की खराब सेहत के कारण उन्हें अचानक जाना पड़ा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पत्र लिखा है। हाथ से लिखी छुट्टी के आवेदन में कहा गया था कि कुछ जरूरी वजहों से उन्हें एक सप्ताह के लिए अपने गृहनगर जाना है। त्योहार के कारण छुट्टी की अर्जी पर कार्रवाई नहीं हो सकी।
गंगवार का सरकारी फोन बंद था। उनके पास एक पर्सनल फोन भी था, लेकिन शुरू में उनसे संपर्क नहीं हो पाया क्योंकि वे यात्रा कर रहे थे और बाद में अपने पिता के घर पर थे। हमने उनसे संपर्क किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने छुट्टी के लिए आवेदन किया था। कहा कि कुछ दिनों में लौट आएंगे। साथ ही उन्होंने एक हफ्ते की छुट्टी का अनुरोध किया।
अन्य सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि राज्य मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को केपीएससी के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहूकार को निलंबित करने और उनके खिलाफ जांच शुरू करने की सिफारिश राज्यपाल थावरचंद गहलोत से करने का फैसला किया है। साहूकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
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