कानपुर में H1N1 को लेकर स्वास्थ्य विभाग Alert, रिजर्व किए बेड, 200 वैक्सीन मंगाई - health department on alert regarding h1n1 in kanpur beds reserved 200 vaccines ordered
कानपुर में H1N1 को लेकर स्वास्थ्य विभाग Alert, रिजर्व किए बेड, 200 वैक्सीन मंगाई कानपुर में स्वाइन फ्लू (H1N1) के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है, अस्पतालों में बेड आरक्षित किए गए हैं और 200 वैक्सीन…

सौजन्य से:- Jagran
कानपुर में H1N1 को लेकर स्वास्थ्य विभाग Alert, रिजर्व किए बेड, 200 वैक्सीन मंगाई
कानपुर में स्वाइन फ्लू (H1N1) के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है, अस्पतालों में बेड आरक्षित किए गए हैं और 200 वैक्सीन सुरक्षित क ...और पढ़ें
HighLights
- सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पांच-पांच बेड सुरक्षित, एलएलआर में बना 30 बेड का विशेष वार्ड
- लक्षण युक्त मरीज की जांच के साथ इलाज और वैक्सीनेशन की व्यवस्था, बचाव के लिए किया जागरूक
जागरण संवाददाता, कानपुर। स्वाइन फ्लू (एचवन एनवन) को लेकर शहर का स्वास्थ्य महकमा अलर्ट हो गया है। दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे मामलों को देखते हुए सीएमओ डा. हरिदत्त नेमी की ओर से सभी अस्पतालों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में पांच-पांच, कांशीराम चिकित्सालय, केपीएम में 10-10 व उर्सुला अस्पताल में 20 व एलएलआर अस्पताल में 30 बेड का विशेष वार्ड बनाया गया है।
सीएमओ ने कहा कि स्वाइन फ्लू संक्रमण से बचाव के लिए 200 वैक्सीन को सुरक्षित किया गया है। जिसका प्रयोग गंभीर मरीजों पर किया जाएगा। डा. हरिदत्त नेमी ने कहा कि स्वाइन फ्लू नाक, गले व फेफड़ों को संक्रमित करता है। स्वस्थ व्यक्ति में इसका असर हल्का होता है, जबकि कमजोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता वाले बुजुर्ग, बच्चें, गर्भवती महिलाओं तथा मधुमेह, हृदय, फेफड़े या अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित मरीजों में इसका जोखिम अधिक रहता है।
इसका संक्रमण संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने, बोलने व सांस लेने के दौरान निकलने वाली श्वसन बूंदों एवं सूक्ष्म कणों के माध्यम से होता है। संक्रमित व्यक्ति के निकट रहने, बंद एवं भीड़-भाड़ वाले स्थानों में लंबे समय तक संपर्क तथा दूषित हाथों से आंख, नाक, व मुंह छूने से भी संक्रमण फैल सकता है।
शुरुआती लक्षण
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की पूर्व अध्यक्ष डा. नंदिनी रस्तोगी ने बताया कि इसके लक्षण सामान्य फ्लू जैसे होते हैं। वायरस के संपर्क में आने के लगभग तीन से पांच दिनों के भीतर एचवन एनवन के लक्षण दिखते हैं। अधिक थकान, बुखार, मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना, सिरदर्द, गले में खरास, खांसी के साथ दिखते हैं। जिसका सबसे ज्यादा खतरा पांच वर्ष से छोटे बच्चे, कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले, डायबिटीक, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग में बना रहता है।
ऐसे करें बचाव
माइक्रोबायोलाजिस्ट डा. विकास मिश्रा ने बताया कि भीड़भाड़ वाले स्थान में जाने बचना चाहिए। खांसते-छींकते समय मुंह और नाक को रुमाल से ढक लेना चाहिए। इसकी जांच के लिए रैपिड इंफ्लूएंजा डायग्नोस्टिक टेस्ट, वायरल कल्चर की जांच से स्वाइन फ्लू की जांच की जाती है। बचाव के लिए पर्याप्त आराम, शरीर में पर्याप्त तरल की मात्रा, बुखार में डाक्टर की सलाह पर दवा व गंभीर लक्षण दिखने पर अस्पताल में भर्ती होना चाहिए।
खान-पान में इन्हें शामिल करें
- खाने में प्रोबायोटिक दही लें।
- मौसमी फल व सब्जियों लें।
- सूप व तरल पदार्थ अधिक लें।
- हल्का और सुपाच्य भोजन करें।
- विटामिन सी यानी खट्टे फल व नींबू का सेवन करें।
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