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वाराणसी में एफएचआरएआई सम्मेलन का समापन, पर्यटन मंत्री शेखावत बोले- 'हास्पिटैलिटी है अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन' - fhrai conference concludes in varanasi tourism minister shekhawat says hospitality is the growth engine of the economy

वाराणसी में एफएचआरएआई सम्मेलन का समापन, पर्यटन मंत्री शेखावत बोले- 'हास्पिटैलिटी है अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन' वाराणसी में एफएचआरएआई का 56वां वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन 'अनंत काशी' थीम पर संपन्न हुआ, जिसमें केंद्रीय पर्य…

Jagran के अनुसार23 अगस्त 2026 को 12:55 pm बजे
वाराणसी में एफएचआरएआई सम्मेलन का समापन, पर्यटन मंत्री शेखावत बोले- 'हास्पिटैलिटी है अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन'
 - fhrai conference concludes in varanasi tourism minister shekhawat says hospitality is the growth engine of the economy

सौजन्य से:- Jagran

वाराणसी में एफएचआरएआई सम्मेलन का समापन, पर्यटन मंत्री शेखावत बोले- 'हास्पिटैलिटी है अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन'

वाराणसी में एफएचआरएआई का 56वां वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन 'अनंत काशी' थीम पर संपन्न हुआ, जिसमें केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हॉस्पिटैल ...और पढ़ें

HighLights

- एफएचआरएआई का 56वां वार्षिक सम्मेलन वाराणसी में संपन्न।

- केंद्रीय मंत्री शेखावत ने हॉस्पिटैलिटी को ग्रोथ इंजन बताया।

- उद्योग को पूर्ण इंडस्ट्री स्टेटस देने की मांग पर जोर।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। देश के होटल और रेस्तरां उद्योग के शीर्ष संगठन फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशंस आफ इंडिया (एफएचआरएआई) के 56वें वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन का तीन दिवसीय आयोजन रविवार को ताज होटल में भव्य समापन सत्र के साथ संपन्न हुआ।

‘अनंत काशी: अध्यात्म, संस्कृति, व्यंजन और शिल्प से पर्यटन के भविष्य का नेतृत्व’ थीम पर आयोजित इस महाधिवेशन के वैलेडिक्टरी सेशन और एफएचआरएआई एक्सीलेंस अवार्ड फार हास्पिटैलिटी स्टूडेंट्स एंड हास्पिटैलिटी इंडस्ट्री के मुख्य अतिथि केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत रहे।

मंच पर एफएचआरएआई अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार जायसवाल और उदयपुर के पूर्व राजपरिवार के सदस्य एवं पर्यटन उद्यमी लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। समापन सत्र की शुरुआत कन्वेंशन आयोजन समिति के अध्यक्ष गरिश ओबेराय के स्वागत भाषण से हुई।

1500 प्रतिनिधि, होटल फुल, अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति

गरिश ओबेराय ने कहा कि केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भारत सरकार के सबसे लोकप्रिय मंत्रियों में से एक हैं। बेंगलुरु में हुए पिछले कन्वेंशन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वाराणसी को यह ऐतिहासिक आयोजन दिलाने में मंत्री का आशीर्वाद मिला। उन्होंने कहा, इस बार सबसे ज्यादा करीब 1500 डेलिगेट्स का रजिस्ट्रेशन हुआ और रजिस्ट्रेशन बंद करना पड़ा।

वाराणसी के सभी होटल भरे हुए थे। देशभर के साथ-साथ थाईलैंड की राजदूत और श्रीलंका सहित विदेशों से भी प्रतिनिधि पहुंचे। इतने बड़े पैमाने पर कभी किसी कन्वेंशन में लोग नहीं आए होंगे। उन्होंने मंत्री के लिए स्टैंडिंग ओवेशन का आग्रह किया और पिछले दो वर्षों से मिल रही निरंतर प्रेरणा और सकारात्मक सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। ओबेराय ने कहा कि सम्मेलन में पर्यटन को वैश्विक स्तर पर कैसे ले जाया जाए, निवेश, ऊर्जा, तकनीक, मार्केटिंग और उपभोक्ता मांग जैसे विषयों पर गहन चर्चा हुई।

मेवाड़ और काशी का ऐतिहासिक नाता

उदयपुर के लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने अपने संबोधन में मेवाड़ और काशी के सदियों पुराने संबंध को याद किया। उन्होंने बताया कि 1912 में महाराणा फतेह सिंह जी ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) की स्थापना में डेढ़ लाख रुपये का योगदान दिया था, जो आज के मूल्य में लगभग 11 करोड़ रुपये के बराबर है। उन्होंने कहा, तब शिक्षा और महिलाओं को आगे बढ़ाने का यह कदम ऐतिहासिक था। आज के इस मंच पर एफएचआरएआई अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार जायसवाल, सचिव महोदय और रेनू के नेतृत्व में पूरे परिवार ने इस सम्मेलन को सफल बनाया है। मंत्री जी के अनुभव और विचार हम सभी के लिए प्रेरणादायी हैं।

हास्पिटैलिटी केवल व्यवसाय या प्रोफेशन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कारों की अभिव्यक्ति

केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सभी पदाधिकारियों, होटल-रेस्तरां उद्योग के प्रतिनिधियों, उद्यमियों, विद्यार्थियों, युवा पेशेवरों और हास्पिटैलिटी परिवार का हृदय से धन्यवाद किया। उन्होंने भारत की प्राचीन आतिथ्य परंपरा ‘अतिथि देवो भव’ का उल्लेख करते हुए कहा कि हास्पिटैलिटी केवल व्यवसाय या प्रोफेशन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और संस्कारों की अभिव्यक्ति है। काशी हजारों वर्षों की सभ्यता का प्रतीक है, जहां आने वाले हर यात्री का आत्मीयता और सत्कार के साथ स्वागत होता है।

हास्पिटैलिटी पर्यटन अर्थव्यवस्था का असली ग्रोथ इंजन है। यह यात्रा को यादगार अनुभव में बदलती है, स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देती है और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करती है। उन्होंने बताया कि पर्यटन क्षेत्र भारत की जीडीपी में महत्वपूर्ण योगदान देता है और सबसे अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने वाले उद्योगों में से एक है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम कंप्यूटिंग के युग में भी हास्पिटैलिटी के कई रोजगार स्थानीय स्तर पर बने रहेंगे, जिन्हें आसानी से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता।

उद्योग को इंडस्ट्री स्टेटस और वित्त सुविधा की मांग

शेखावत ने उद्योग की मांगों पर गंभीरता से ध्यान देते हुए कहा कि होटल उद्योग को पूर्ण इंडस्ट्री स्टेटस मिलना चाहिए। कम लागत वाला दीर्घकालिक वित्त, सस्ती भूमि उपलब्धता, राज्य सरकारों से सहयोग और ईज आफ डूइंग बिजनेस सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि कई राज्यों ने ब्याज पर सब्सिडी, प्रापर्टी टैक्स, बिजली शुल्क और अन्य करों में छूट दी है, लेकिन अभी आदर्श स्थिति नहीं पहुंची है।

सरकार का दायित्व है कि निवेश को सुरक्षित बनाया जाए और व्यावहारिक नीतियां लागू की जाएं। 50 पर्यटन स्थलों पर होटलों को विशेष दर्जा दिलाने और बेहतर वित्त सुविधाओं पर काम जारी है। मंत्री ने सभी को एक परिवार के सदस्य की तरह मिलकर उद्योग को आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा, हम सब मिलकर अपनी इंडस्ट्री को कैसे आगे बढ़ा सकते हैं, इसके लिए सरकार पूरी ताकत के साथ आपके साथ खड़ी है।

तीन दिनों का मंथन और अवार्ड

सम्मेलन के तीन दिनों में आध्यात्मिक एवं वेलनेस पर्यटन, एमआईसीई, वेडिंग टूरिज्म, सस्टेनेबल हॉस्पिटैलिटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व डिजिटल ट्रांसफार्मेशन, ओडीओपी के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा और ईज आफ डूइंग बिजनेस जैसे विषयों पर गंभीर चर्चा हुई। समापन सत्र में हास्पिटैलिटी क्षेत्र के मेधावी छात्रों और उद्योग के उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं को एफएचआरएआई एक्सीलेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया।

देशभर से आए 1400 से अधिक प्रतिनिधियों ने काशी की सांस्कृतिक विरासत का भी अनुभव किया। इस ऐतिहासिक आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि काशी न केवल आध्यात्मिक राजधानी है, बल्कि भारत के पर्यटन और आतिथ्य उद्योग के भविष्य की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण मंच भी बन चुका है।

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