अंतिम पल में भाजपा की नेशनल टीम से कटे यूपी के दो नाम, राष्ट्रीय पदाधिकारी का फोन आने पर नाम बदलने की चर्चा - bjp national team 2 up leaders cut at last moment
अंतिम पल में भाजपा की नेशनल टीम से कटे यूपी के दो नाम, राष्ट्रीय पदाधिकारी का फोन आने पर नाम बदलने की चर्चा भाजपा की राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश से आठ नेताओं को मौका मिला, लेकिन अंतिम क्षणों में दो नामों को सूची से हट…

सौजन्य से:- Jagran
अंतिम पल में भाजपा की नेशनल टीम से कटे यूपी के दो नाम, राष्ट्रीय पदाधिकारी का फोन आने पर नाम बदलने की चर्चा
भाजपा की राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश से आठ नेताओं को मौका मिला, लेकिन अंतिम क्षणों में दो नामों को सूची से हटा दिया गया। कई प्रमुख नेताओं को इस बार राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिल पाई, जिससे उन्हें निराशा हुई।
HighLights
- यूपी से भाजपा की राष्ट्रीय टीम में आठ सदस्य।
- अंतिम समय में दो नामों को सूची से हटाया गया।
- महेंद्र सिंह, श्रीकांत शर्मा को राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं।
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। भाजपा की राष्ट्रीय टीम में उत्तर प्रदेश से आठ चेहरों को मौका मिला है, लेकिन 10 नामों पर सहमति बन गई थी। राष्ट्रीय नेतृत्व ने सूची टाइप होने से पहले दो नामों पर कैंची चला दी। राष्ट्रीय संगठन की दावेदारी की रेस में रहे कई नामों को झटका भी लगा है। इससे पहले जेपी नड्डा की सितंबर 2020 की टीम में यूपी के 11, जबकि जुलाई 2023 की टीम में छह चेहरों को राष्ट्रीय टीम में जगह मिली थी।
उत्तर प्रदेश के पूर्व जलशक्ति मंत्री एवं संगठन के कुशल रणनीतिकार महेंद्र सिंह का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में था। माना जा रहा था कि उन्हें क्षत्रिय समीकरण बरकरार रखते हुए अरुण सिंह की जगह महामंत्री बनाया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वह कई राज्यों के प्रभारी भी रहे हैं।
मथुरा से विधायक एवं प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री श्रीकांत शर्मा पहले राष्ट्रीय टीम में रहे हैं। इस बार उनकी वापसी की उम्मीद थी, जिसे झटका लगा है। किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर का नाम राष्ट्रीय मंत्री के रूप में चर्चा में था, लेकिन उन्हें अवसर नहीं मिला।
जेपी नड्डा की टीम में 2023 में राष्ट्रीय मंत्री बनाए गए गुर्जर चेहरा सुरेंद्र नागर के प्रमोट किए जाने की चर्चा थी, लेकिन वह दोबारा अवसर नहीं पा सके। मेरठ की रहने वाली पूर्व राज्यसभा सदस्य कांता कर्दम दलित कोटे से राष्ट्रीय टीम में दावा जता रही थीं, लेकिन वह प्रदेश और राष्ट्रीय दोनों में कहीं स्थान नहीं बना सकीं।
मेरठ के लक्ष्मीकांत वाजपेयी जुलाई 2023 में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए गए थे। वह भी दूसरी पारी पाने में असफल रहे। प्रयागराज के पूर्व सांसद संगमलाल गुप्ता का नाम अंतिम क्षण तक चर्चा में रहा।
इस बार यूपी से दलित समाज के विद्यासागर सोनकर व विनोद सोनकर की भी उम्मीदें परवान नहीं चढ़ीं। एमएलसी अशोक कटारिया, अश्विनी त्यागी एवं गोविंद नारायण शुक्ला का भी नाम राष्ट्रीय टीम के लिए चर्चा में रहा। क्षेत्रवार देखें तो ब्रज एवंं कानपुर क्षेत्र से राष्ट्रीय टीम में कोई पदाधिकारी नहीं स्थान बना पाया।
महामंत्री हरीश द्विवेदी, उपाध्यक्ष रेखा वर्मा व ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष अमरपाल मौर्य अवध क्षेत्र से हैं, जबकि अमेठी की वजह से स्मृति ईरानी काशी क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करती हैं।
पश्चिम क्षेत्र से बुलंदशहर के सांसद भोला सिंह को राष्ट्रीय मंत्री का पद एवं बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चा मिला। गोरखपुर क्षेत्र से राज्यसभा सदस्य संगीता यादव राष्ट्रीय टीम में पहुंची हैं।
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