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वाराणसी में हल्की हवाओं के साथ हुई बारिश: अंतिम दौर में हुई तेज बारिश ने 576.2mm तक पहुंचाया आंकड़ा, जलभराव से मुसीबत - Varanasi News

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Dainik Bhaskar के अनुसार28 अगस्त 2026 को 01:27 am बजे
वाराणसी में हल्की हवाओं के साथ हुई बारिश:  अंतिम दौर में हुई तेज बारिश ने 576.2mm तक पहुंचाया आंकड़ा, जलभराव से मुसीबत - Varanasi News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

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वाराणसी में हल्की हवाओं के साथ हुई बारिश:अंतिम दौर में हुई तेज बारिश ने 576.2mm तक पहुंचाया आंकड़ा, जलभराव से मुसीबत

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काशी में मानसून के अंतिम दौर में हुई तेज बारिश ने सीजन का कोटा पूरा कर दिया है। 1 जून से 26 अगस्त तक 576.2 MM बारिश हो चुकी है, जबकि सामान्य आंकड़ा 577.2 MM है। यानी अंतर महज 1 MM रह गया है। बुधवार को ही 24 घंटे में 157 मिलीमीटर बारिश हुई।

गुरुवार को शाम 8 बजे अचानक मौसम बदला और महज 2 घंटे में 10 MM बारिश दर्ज की गई। बारिश के बीच वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती हुई। वहीं काशीवासियों को उमसभरी गर्मी से राहत मिली।

गंगा का जलस्तर स्थिर, चेतावनी बिंदु से 2.36 मीटर नीचे

लगातार बढ़ने के बाद गंगा के जलस्तर में अब ठहराव आ गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गुरुवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर 67.90 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर से करीब 2.36 मीटर नीचे है। फिलहाल जलस्तर स्थिर रहने से तटवर्ती इलाकों में राहत है।

हालांकि, बारिश का दौर पूरी तरह थमा नहीं है। ऐसे में गंगा के जलस्तर पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन और केंद्रीय जल आयोग की ओर से नदी के जलस्तर की नियमित निगरानी की जा रही है।

सावन के अंतिम दिनों की बारिश ने बदला आंकड़ा

इस बार मानसून के दौरान शुरुआती दिनों में वाराणसी में बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे चल रहा था। लेकिन सावन के अंतिम दिनों में हुई झमाझम बारिश ने इस कमी को तेजी से पूरा कर दिया। एक जून से 26 अगस्त तक वाराणसी में सामान्य तौर पर 577.2 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी। बुधवार तक 576.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की जा चुकी थी।

इस तरह सामान्य बारिश के मुकाबले अंतर महज एक मिलीमीटर रह गया था। अंतिम दिनों में हुई बारिश के साथ अब वाराणसी में औसत बारिश का कोटा पूरा होने की स्थिति बन गई है। लगातार बारिश ने जहां मौसम का आंकड़ा सुधारा है, वहीं शहर की जलनिकासी और सड़कों की बदहाल स्थिति की भी पोल खोल दी है।

12 करोड़ लेने के बाद भी सड़कें नहीं बनीं

शहर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आरडीएसएस योजना के तहत भूमिगत केबल बिछाने का काम चल रहा है। इसके लिए अलग-अलग इलाकों में सड़कों की खुदाई की गई थी। करीब 30 स्थानों पर भूमिगत केबल बिछाने का काम पूरा हो चुका है, लेकिन केबल डालने के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई।

बारिश के कारण इन स्थानों पर स्थिति और खराब हो गई है। सड़क पर बने गड्ढों में पानी भरने से उनकी गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है। इससे दोपहिया वाहन चालकों के साथ ही पैदल राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। कई स्थानों पर जलभराव के कारण सड़क और गड्ढे का अंतर तक दिखाई नहीं देता।

बिजली विभाग ने चार बार लिखा पत्र

सड़क निर्माण में हो रही देरी को लेकर नगरीय विद्युत वितरण खंड-पंचम के अधिशासी अभियंता बीबी राय ने नगर निगम के मुख्य अभियंता को चार बार पत्र भेजा है। पत्रों के माध्यम से भूमिगत केबल बिछाने के बाद खोदी गई सड़कों की मरम्मत कराने का अनुरोध किया गया है। इसके बावजूद अब तक नगर निगम की ओर से सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं कराया गया है।

बिजली विभाग की ओर से सड़क निर्माण के लिए नगर निगम को करीब 12 करोड़ रुपये दिए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद भी सड़कें दुरुस्त नहीं होने से सवाल उठ रहे हैं कि धनराशि उपलब्ध होने के बावजूद मरम्मत कार्य क्यों लंबित है।

बारिश ने बढ़ाई मुश्किल

मानसून के दौरान लगातार बारिश होने से पहले से खराब सड़कों की स्थिति और गंभीर हो गई है। भूमिगत केबल के लिए खोदी गई सड़कों पर मिट्टी धंसने, गड्ढों में पानी भरने और कीचड़ होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। रात के समय इन स्थानों पर दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है।

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