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राज्यसभा में फिर बढ़ जाएगा NDA की कुनबा, यूपी-बंगाल की 11 सीटों पर किसकी जीत?

राज्यसभा में फिर बढ़ जाएगा NDA की कुनबा, यूपी-बंगाल की 11 सीटों पर किसकी जीत? उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की 12 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होंगे। उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक सीट पर…

livehindustan.com के अनुसार23 सितंबर 2026 को 04:04 pm बजे
राज्यसभा में फिर बढ़ जाएगा NDA की कुनबा, यूपी-बंगाल की 11 सीटों पर किसकी जीत?

सौजन्य से:- livehindustan.com

राज्यसभा में फिर बढ़ जाएगा NDA की कुनबा, यूपी-बंगाल की 11 सीटों पर किसकी जीत?

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की 12 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होंगे। उत्तर प्रदेश की 10 और उत्तराखंड की एक सीट पर चुनाव होगा। वहीं बंगाल की एक सीट पर उपचुनाव होने को है।

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से 11 सीटों पर राज्यसभा चुनाव और बंगाल की एक सीट के उपचुनाव की घोषणा के बाद अब राजनीतिक रस्साकशी और उम्मीदवारी की दावेदारी शुरू हो गई है। नंबर गेम की बात करें तो राज्यसभा में भाजपा की कुल संख्या में एक सीट का इजाफा होने की संभावना है। इससे राज्यसभा में NDA का कुनबा और बढ़ जाएगा।

दरअसल पश्चिम बंगाल की एकमात्र सीट भाजपा के खाते में जाने की संभावना है। यह सीट अभिनेत्री रुक्मिणी मलिक के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई थी। कोयल के नाम से मशहूर रुक्मिणी को तृणमूल कांग्रेस ने राज्यसभा भेजा था, लेकिन इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी के सत्ता से बाहर होने के बाद उन्होंने सदन से इस्तीफा दे दिया था। इधर उत्तर प्रदेश में विधानसभा में मौजूदा दलगत स्थिति के आधार पर भाजपा नीत गठबंधन के आठ सीटें बरकरार रखने की संभावना है, जबकि सपा की संख्या बढ़कर दो होने की संभावना है।

इससे पहले चुनाव आयोग ने मंगलवार को राज्यसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से राज्यसभा की 12 सीटों के लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होंगे। चुनाव आयोग ने बताया कि चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी की जाएगी, छह अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे और 16 अक्टूबर को मतगणना होगी।

यूपी का नंबर गेम

यूपी की खाली हो रही दस सीटों में अभी भाजपा के पास आठ, सपा और बसपा के पास एक-एक सीट है। विधानसभा की सदस्य संख्या को देखते हुए एक सीट के लिए 37 वोट जरूरी हैं। भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए के पास 294 विधायक हैं। उसे रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया की पार्टी के दो विधायकों का समर्थन भी हासिल है। ऐसे में उसके पास आठ सीटों के लिए पूरा आंकड़ा है। सपा के पास भी दो सीटों के लिए पर्याप्त विधायक हैं। हालांकि बसपा के पास जरूरी संख्या नहीं है।

इधर उत्तराखंड की एक सीट पर चुनाव भाजपा के नरेश बंसल का कार्यकाल पूरा होने से हो रहा है। राज्य में भाजपा की बहुमत की सरकार होने से यह सीट उसी के पास रहेगी। बंगाल में भाजपा की सरकार होने से उपचुनाव वाली सीट भाजपा के पास जाएगी। इससे राज्यसभा में भाजपा के सांसदों की संख्या एक बढ़कर 117 हो जाएगी, वहीं एनडीए के पास 155 सांसद होंगे।

नए चेहरे को लाएगी भाजपा

इन चुनावों का सबसे अहम पहलू उम्मीदवारों का चयन होगा। अगले साल होने वाले यूपी के चुनावों को देखते हुए भाजपा जातिगत समीकरणों को साधते हुए नए चेहरों पर ज्यादा दांव लगा सकती है। केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी और बीएल वर्मा का मंत्री रहना भी उनकी उम्मीदवारी पर निर्भर करेगा। सूत्रों के अनुसार पार्टी अपने रिटायर हो रहे सदस्यों में केवल दो या तीन को फिर से मौका दे सकती है।

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