होमकृषिवाराणसी में उतरने लगा गंगा का पानी: 2cm प्रति घंटे की रफ्तार से घट हो रहा जलस्तर, 140 से ज्यादा लोग हो चुके विस्थापित - Varanasi News
कृषि

वाराणसी में उतरने लगा गंगा का पानी: 2cm प्रति घंटे की रफ्तार से घट हो रहा जलस्तर, 140 से ज्यादा लोग हो चुके विस्थापित - Varanasi News

- Hindi News - Local - Uttar pradesh - Varanasi - Varanasi Ganga Flood Update | Ghats Connectivity Snapped & Cremation Crisis वाराणसी में उतरने लगा गंगा का पानी:2cm प्रति घंटे की रफ्तार से घट हो रहा जलस्तर, 140 से ज्यादा…

Dainik Bhaskar के अनुसार24 अगस्त 2026 को 09:56 am बजे
वाराणसी में उतरने लगा गंगा का पानी:  2cm प्रति घंटे की रफ्तार से घट हो रहा जलस्तर, 140 से ज्यादा लोग हो चुके विस्थापित - Varanasi News

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Local

- Uttar pradesh

- Varanasi

- Varanasi Ganga Flood Update | Ghats Connectivity Snapped & Cremation Crisis

वाराणसी में उतरने लगा गंगा का पानी:2cm प्रति घंटे की रफ्तार से घट हो रहा जलस्तर, 140 से ज्यादा लोग हो चुके विस्थापित

- कॉपी लिंक

वाराणसी में गंगा का जलस्तर अब 2 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से घटने लगा है, लेकिन बाढ़ का असर अभी बरकरार है। 69.20 मीटर तक पहुंचा जलस्तर सोमवार को 68.62 मीटर पर आ गया। इसके बावजूद निचले इलाकों में पानी जमा है। अब तक 140 से ज्यादा लोग विस्थापित हो चुके हैं।

लगातार घट रहा गंगा का जलस्तर

गंगा में जलस्तर बढ़ने का सिलसिला 14 अगस्त से शुरू हुआ था। उस समय नदी का जलस्तर 63.59 मीटर दर्ज किया गया था। करीब दस दिन तक लगातार बढ़ाव के बाद जब जलस्तर में गिरावट शुरू हुई, तब यह 69.20 मीटर तक पहुंच चुका था। सोमवार को जलस्तर घटकर 68.62 मीटर पर आ गया। जलस्तर में लगातार गिरावट से प्रशासन और तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, बाढ़ का पानी अभी भी कई इलाकों में मौजूद है और इसका असर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक दिखाई दे रहा है।

वरुणा के तटवर्ती इलाकों से 140 से अधिक लोग विस्थापित

गंगा के साथ वरुणा नदी के तटवर्ती इलाकों में भी बाढ़ की स्थिति ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। वरुणा के किनारे रहने वाले 140 से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं। इनमें 80 से अधिक लोग बाढ़ राहत शिविरों में पहुंच चुके हैं, जबकि अन्य लोगों ने अपने रिश्तेदारों के घर या किराये के मकानों में शरण ली है।

कई बाढ़ प्रभावित परिवार अभी भी अपने घरों की छतों पर रहने को मजबूर हैं। रविवार शाम हुई बारिश ने इन लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। बारिश के कारण छतों पर डेरा डाले परिवारों को भीगने के साथ ही खाद्य सामग्री, पेयजल और अन्य जरूरी सामान को सुरक्षित रखने में कठिनाई हुई।

चार गांव बाढ़ की चपेट में, खेतों तक पहुंचा पानी

गंगा के जलस्तर में गिरावट के बावजूद बाढ़ का असर ग्रामीण क्षेत्रों में बना हुआ है। अब तक चार गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं और इन गांवों के खेतों तक पानी पहुंच गया है। ग्रामीणों को फसल और आवागमन को लेकर चिंता बनी हुई है।

प्रशासन का मानना है कि यदि गंगा के जलस्तर में गिरावट का क्रम आगे भी जारी रहता है तो तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का दबाव धीरे-धीरे कम होगा। आपदा विभाग के अनुसार प्रयागराज और मिर्जापुर में भी गंगा का जलस्तर अब नीचे जा रहा है। इससे वाराणसी में भी आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद बढ़ी है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सफाई और फॉगिंग पर जोर

बाढ़ का पानी घटने के साथ ही अब नगर निगम के सामने जलभराव वाले इलाकों में साफ-सफाई और संक्रमण रोकने की चुनौती है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने रविवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने, चूने का छिड़काव कराने और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नगर आयुक्त ने कोनिया वार्ड स्थित वैतरणी कुंड और धोबी घाट परिसर की विशेष रूप से सफाई कराने को कहा। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का समाधान कराने के निर्देश दिए, ताकि पानी उतरने के बाद गंदगी और जलभराव से लोगों को अतिरिक्त परेशानी न हो।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें