होमशिक्षा-करियरयोगी सरकार ने 25 लाख Gen-Z को दी खुशखबरी, जल्द मिलेंगे टैबलेट; कैबिनेट से मंजूरी
शिक्षा-करियर

योगी सरकार ने 25 लाख Gen-Z को दी खुशखबरी, जल्द मिलेंगे टैबलेट; कैबिनेट से मंजूरी

योगी सरकार ने 25 लाख Gen-Z को दी खुशखबरी, जल्द मिलेंगे टैबलेट; कैबिनेट से मंजूरी योगी सरकार ने जेन-जी को बड़ी खुशखबरी देते हुए 25 लाख टैबलेट खरीद के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। मंगलवार को हुई योगी कैबिनेट की बैठक मे…

Hindustan के अनुसार25 अगस्त 2026 को 06:55 pm बजे
योगी सरकार ने 25 लाख Gen-Z को दी खुशखबरी, जल्द मिलेंगे टैबलेट; कैबिनेट से मंजूरी

सौजन्य से:- Hindustan

योगी सरकार ने 25 लाख Gen-Z को दी खुशखबरी, जल्द मिलेंगे टैबलेट; कैबिनेट से मंजूरी

योगी सरकार ने जेन-जी को बड़ी खुशखबरी देते हुए 25 लाख टैबलेट खरीद के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है। मंगलवार को हुई योगी कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। टैबलेट्स की खरीद के लिए करंंट फाइनेंशियल ईयर में 2,374.60 करोड़ रुपये के बजट की व्यवस्था की गई है।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने यूपी के 25 लाख युवाओं यानी Gen-Z को बड़ी खुशखबरी दी है। राज्य मंत्रिपरिषद ने स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीद प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता हुई कैबिनेट बैठक में टेंडर प्रक्रिया में चयनित संस्थाओं को परचेज आर्डर जारी किए जाने का फैसला लिया गया। प्रदेश के युवाओं को डिजिटल संसाधनों से जोड़ने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ये टैबलेट पात्र युवाओं को निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। टैलबेट खरीद पर चालू वित्तीय वर्ष में 2,374.60 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।

उच्च शिक्षा से लेकर कौशल विकास तक मिलेगा डिजिटल सपोर्ट

योजना के तहत स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा, कौशल विकास समेत विभिन्न शिक्षण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अध्ययनरत पात्र युवाओं को निशुल्क टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। टैबलेट मिलने से युवाओं को सरकारी और गैर-सरकारी योजनाओं, ऑनलाइन प्रशिक्षण, रोजगार एवं स्वरोजगार से जुड़ी सेवाओं तक पहुंच बनाने में भी मदद मिलेगी। योगी सरकार का उद्देश्य केवल युवाओं को उपकरण उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर शिक्षा, रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ना है।

आईटीआई और कौशल प्रशिक्षण से जुड़े युवाओं को भी मिलेगा लाभ

वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कैबिनेट के इस निर्णय से उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, स्वास्थ्य शिक्षा, कौशल विकास प्रशिक्षण और आईटीआई से जुड़े पंजीकृत कुशल युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने में मदद मिलेगी। डिजिटल संसाधनों तक आसान पहुंच से प्रशिक्षण की गुणवत्ता बेहतर होने के साथ युवाओं की रोजगारपरक दक्षता भी बढ़ेगी। तकनीकी रूप से सक्षम युवा वर्ग रोजगार सृजन और सेवा क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

यूपी में 81 कोर्ट मैनेजर की होगी तैनाती, सैलरी भी बढ़ेगी

इसके साथ ही सीएम योगी की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक में इलाहाबाद हाईकोर्ट और प्रदेश के जनपदीय न्यायालयों में कार्यरत कोर्ट मैनेजर्स की सेवा व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए ‘द इलाहाबाद हाईकोर्ट (कोर्ट मैनेजर्स सेंट्रलाइज्ड सर्विस) रूल्स- 2026 के मसौदे को मंजूरी दी गई है। नई व्यवस्था के तहत इलाहाबाद हाईकोर्ट तथा प्रदेश के जनपदीय न्यायालयों में कुल 81 कोर्ट मैनेजर्स की तैनाती होगी। उनके वेतन व सेवा संबंधी ढांचे को भी पुनरीक्षित किया गया है। कोर्ट मैनेजर्स का वेतनमान ₹56,100 से ₹1,77,500 तक निर्धारित किया गया है। नई नियमावली लागू करने से राज्य सरकार पर लगभग 3.97 करोड़ रुपये का वार्षिक अतिरिक्त व्यय भार पड़ने का अनुमान है।

प्रदेश की न्यायिक व्यवस्था में कोर्ट मैनेजर्स को अधिक सुसंगठित, स्पष्ट और संस्थागत सेवा ढांचा प्रदान करने के लिए यह कदम उठाया गया है। इससे न्यायालयों के प्रशासनिक कामकाज को गति मिलेगी। न्यायिक संस्थानों के प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। यह नियमावली सर्वोच्च न्यायालय के 16 मई, 2025 को दिए गए निर्देशों के अनुपालन में तैयार की गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों व निष्कर्षों के आधार पर नियमावली का मसौदा तैयार कर राज्य सरकार को उपलब्ध कराया गया था, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दी है। कोर्ट मैनेजर्स के माध्यम से न्यायालयों में मानव संसाधन, आधारभूत सुविधाओं, केस-फ्लो मैनेजमेंट, प्रशासनिक समन्वय और अन्य प्रबंधकीय कार्यों की निगरानी व बेहतर संचालन में सहायता मिलेगी। सेवा नियम स्पष्ट होने से कोर्ट मैनेजर्स की जिम्मेदारियों और सेवा शर्तों में भी एकरूपता आएगी।

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें