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यूपी चुनाव 2027:विनोद तावड़े के सामने होगी BJP के विजय रथ को आगे बढ़ाने की चुनौती, चुनाव प्रबंधन का रहा है लंबा अनुभव

बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को अब यूपी का नया प्रभारी बनाया गया है। अब देखना यह है कि वह 2027 में यूपी में भाजपा का रथ आगे बढ़ा पाएंगे या नहीं? लखनऊ: बिहार में बतौर प्रभारी अभूतपूर्व सफलता दिलाने वाले बीजे…

Navbharat Times के अनुसार19 अगस्त 2026 को 03:55 am बजे
यूपी चुनाव 2027:विनोद तावड़े के सामने होगी BJP के विजय रथ को आगे बढ़ाने की चुनौती, चुनाव प्रबंधन का रहा है लंबा अनुभव

सौजन्य से:- Navbharat Times

बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को अब यूपी का नया प्रभारी बनाया गया है। अब देखना यह है कि वह 2027 में यूपी में भाजपा का रथ आगे बढ़ा पाएंगे या नहीं?

लखनऊ: बिहार में बतौर प्रभारी अभूतपूर्व सफलता दिलाने वाले बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े को अब यूपी की जिम्मेदारी दी गई है। वह 2027 से पहले यूपी के नए प्रभारी बनाए गए है। उनको बिहार के अलावा कई राज्यों के चुनाव प्रबंधन का अनुभव है।

यूपी के प्रदेश संगठन से भी वह जुड़े रहे हैं। इसी को ध्यान में रखकर उनको यह जिम्मा दिया गया है। अब देखना यह है कि वह 2027 में यूपी में बीजेपी का रथ आगे बढ़ा पाएंगे या नहीं? विधानसभा चुनाव 2027 जिताने के लिए उनके सामने क्या-क्या चुनौतियां होंगी और वे इनसे कैसे निपटेंगे?

कई राज्यों में संभाला चुनाव प्रबंधन

विनोद तावड़े के पास भाजपा संगठन और चुनाव प्रबंधन का लंबा अनुभव है। वह बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और राज्यसभा सदस्य हैं। इससे पहले वह बिहार के प्रभारी भी थे। उनकी अगुआई में बीजेपी ने पहली बार बिहार में बड़े स्तर पर जीत हासिल की है। इसके अलावा वह गुजरात, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, उत्तराखंड, कर्नाटक, केरल, त्रिपुरा, महाराष्ट्र और राजस्थान में विभिन्न चुनावों के प्रबंधन में अहम भूमिका में रहे हैं।

महाराष्ट्र बीजेपी के महामंत्री रहे हैं तावड़े

महाराष्ट्र की राजनीति में पकड़ रखने वाले तावड़े ने अपनी राजनीति की शुरुआत अखिल भारतीय परिषद से की थी। वह पहली बार 1988 में परिषद के महामंत्री बने। 1995 से 1999 और फिर 2002 से 2014 तक महाराष्ट्र बीजेपी के महामंत्री रहे। वह 2021 से अब तक भाजपा में राष्ट्रीय महामंत्री है।

यूपी संगठन से जुड़े रहे

तावड़े को यूपी के प्रभारी की जिम्मेदारी दिए जाने की अहम वजह यह भी है कि वह प्रदेश संगठन से जुड़े रहे है। हाल ही में प्रदेश संगठन चुनाव में उनको पर्यवेक्षक बनाया गया था। इस दौरान उन्होंने प्रदेश संगठन को नजदीक से समझा। संगठन तैयार करने में उनकी अहम भूमिका रही। प्रदेश पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ कई बैठकें की और लगातार उनके संपर्क में रहे है।

ये होगी 2027 की चुनौतियां

तावड़े के सामने कई चुनौतियां भी हैं। बीजेपी 2022 में विधानसभा चुनाव जीती थी लेकिन 2017 के मुकाबले सीटें कम हुई थे। ऐसे में परिणाम को बेहतर करने का जिम्मा उनका होगा। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को सबसे बड़ा झटका यूपी से ही लगा था। परिणाम बेहद निराशाजनक रहे थे। ऐसे में बेहतर परिस्थितियां तैयार करके 2027 के लिए अच्छा माहौल तैयार करना होगा।

सरकार और संगठन में समन्वय को लेकर सवाल

संगठन में आपसी मतभेद के साथ ही सरकार और संगठन में समन्वय को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। बेहतर समन्वय स्थापित कर इस चुनौती से निपटना होगा। पिछले दो चुनावों में विपक्ष ने संविधान और पीडीए को मुद्दा बनाया है। इसमें 2024 में विपक्ष काफी हद तक कामयाब भी रहा। इस मुद्दे की काट उनको तलाशनी होगी। वहीं एनडीए गठबंधन में सहयोगी दलों की भी अपेक्षाएं है। हाईकमान के सहयोग से उनका भी निराकरण करना होग। पार्टी में जातीय गोलबंदी जैसे मुद्दे भी उठते रहे हैं। इससे ऊपर उठकर सबको एकजुट रखने की चुनौती भी तावड़े के समक्ष होगी।

लेखक के बारे मेंप्रशांत सिंहप्रशांत सिंह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कंसल्टेंट राइटर हैं। पत्रकारिता में उनका 1.5 साल का अनुभव है। वह अभी उत्तर-प्रदेश और उत्तराखंड टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, आंध्र-प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब-हरियाणा, गोवा समेत नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों की खबरों पर काम किया। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत नवभारत टाइम्स अखबार से की थी।प्रशांत सिंह को देश-विदेश की राजनीति के बारे में लिखना बेहद पसंद है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को अपनी टीम के साथ कवर किया है। इसके साथ ही उन्हें हिंद-प्रशांत महासागर और वेस्ट एशिया की जियोपॉलिटिक्स को समझने और उस पर लिखने में गहरी दिलचस्पी है।प्रशांत सिंह ने दिल्ली की गुरु गोबिंद सिंह इन्द्रप्रस्थ युनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की साउथ एशियन यूनिवर्सिटी से अंतर्राष्ट्रीय संबंध में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने अपनी मास्टर्स खत्म होने के बाद मीडिया जगत में कदम रखा।... और पढ़ें

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