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वाराणसी में 10 घंटे में 17 सेमी गंगा का जलस्‍तर घटा, बार‍िश के बाद फिर वृद्धि होने की संभावना ने डराया - ganga water level in varanasi dropped by 17 cm in 10 hours fear arises over the possibility of a renewed rise following rainfall

वाराणसी में 10 घंटे में 17 सेमी गंगा का जलस्तर घटा, बारिश के बाद फिर वृद्धि होने की संभावना ने डराया वाराणसी में गंगा का जलस्तर 10 घंटे में 17 सेमी घटा है, लेकिन पहाड़ों और मैदानों में बारिश से फिर बढ़ने की आशंका है। निच…

Jagran के अनुसार23 अगस्त 2026 को 03:55 pm बजे
वाराणसी में 10 घंटे में 17 सेमी गंगा का जलस्‍तर घटा, बार‍िश के बाद फिर वृद्धि होने की संभावना ने डराया
 - ganga water level in varanasi dropped by 17 cm in 10 hours fear arises over the possibility of a renewed rise following rainfall

सौजन्य से:- Jagran

वाराणसी में 10 घंटे में 17 सेमी गंगा का जलस्तर घटा, बारिश के बाद फिर वृद्धि होने की संभावना ने डराया

वाराणसी में गंगा का जलस्तर 10 घंटे में 17 सेमी घटा है, लेकिन पहाड़ों और मैदानों में बारिश से फिर बढ़ने की आशंका है। निचले इलाकों में बाढ़ का पानी गलियों तक पहुंच गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था अलर्ट पर है और 96 लोगों की जान बचाई गई है।

HighLights

- वाराणसी में गंगा का जलस्तर 17 सेमी घटा।

- बारिश के कारण जलस्तर फिर बढ़ने की आशंका।

- सुरक्षा व्यवस्था अलर्ट पर, 96 लोगों की जान बचाई।

जागरण संवाददाता, वाराणसी। काशी में खतरे के निशान के करीब पहुंच रहीं गंगा के जलस्तर में अब गिरावट शुरू हो गई है, रविवार की सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 69.15 मीटर दर्ज किया गया, जिसमें लगभग दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की दर से घटने का ट्रेंड देखा गया। हालांकि बारिश के बाद माना जा रहा है कि दोबारा जलस्तर में इजाफा हो सकता है।

शाम के छह बजे तक 10 घंटों में जलस्तर में 17 सेमी की कमी आई और यह 69.98 मीटर पर पहुंच गया था। हालांकि पहाड़ों और मैदानों में हो रही वर्षा से इसमें पुन: वृद्धि शुरू होने की आशंका बनी हुई है, बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। निचले इलाकों में पानी भर चुका है। घाटों को पार कर अब बाढ़ का पानी गलियों और सड़कों तक आ पहुंचा था।

मणिकर्णिका घाट की गलियों में नाव चलने, छत पर शवदाह हाेना शुरू हो गया है तो हरिश्चंद्र घाट डूब जाने से गलियों में शवदाह किया जा रहा है। किनारे के सभी 86 घाट और मंदिर डूब चुके हैं। वरुणा में पलट प्रवाह से तटवर्ती क्षेत्रों के लोगों के घरों में पानी घुस चुका है।

एसीपी दशाश्वमेध डा. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि लगातार बढ़ोतरी के बाद अब पानी घट रहा है, फिर भी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह अलर्ट पर है, श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए नावों का संचालन बंद कर दिया गया है, घाटों पर पीए सिस्टम से लगातार अनाउंसमेंट किया जा रहा है।

जल पुलिस और एनडीआरएफ का अतिरिक्त डिप्लायमेंट किया गया है, सावन में महिला श्रद्धालुओं की अधिक संख्या को देखते हुए महिला पुलिस अधिकारियों की भी तैनाती की गई है, उन्होंने बताया कि अब तक किए गए प्रयासों से 96 लोगों की जानें बचाई जा चुकी हैं।

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