यूपी की बसों में मुफ्त यात्रा के लिए किन कागजों की होगी जरूरत, क्या है लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना?
लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना: योगी सरकार कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में बुजुर्ग महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ देने का ऐलान कर दिया गया है। आइए इस योजना के बारे में जानते हैं। रक्षाबंधन से ठीक पह…

सौजन्य से:- Navbharat Times
लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना: योगी सरकार कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में बुजुर्ग महिलाओं को बसों में मुफ्त यात्रा का लाभ देने का ऐलान कर दिया गया है। आइए इस योजना के बारे में जानते हैं।
रक्षाबंधन से ठीक पहले योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश की बुजुर्ग महिलाओं को बड़ा तोहफा दे दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना का ऐलान कर दिया है। इस योजना के तहत 60 साल या उससे ऊपर की उम्र की महिलाओं को अब बस में सफर करने के लिए पैसा खर्च करने की जरूरत नहीं है। उनके लिए राज्य परिवहन निगम की बसों में यात्रा बिल्कुल मुफ्त कर दी गई है।
यूपी राज्य परिवहन निगम (UPSRTC) की 14,244 बसों में बुजुर्ग महिलाओं को आजीवन मुफ्त यात्रा का तोहफा दिया गया है। आज बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना को लॉन्च किया और बुजुर्ग महिलाओं संग सेल्फी भी ली। इस योजना का लाभ करीब 1 करोड़ महिलाओं को मिलने वाला है। यह योजना क्या है, कौन-कौन महिलाएं इसके लिए पात्र होंगी? क्या इसके लिए कोई फॉर्म भी भरना होगा? आइए जानते हैं इस बारे में...
किन महिलाओं को मिलेगा मुफ्त बस यात्रा का लाभ
लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना के तहत यूपी की वे महिलाएं, जिनकी उम्र 60 साल या उससे ज्यादा है, उन्हें यूपी परिवहन निगम की किसी भी बस में टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी। इनके लिए पूरे राज्य में सफर मुफ्त रहेगा।
क्या मुफ्त बस यात्रा के लिए फॉर्म भरना होगा
अच्छी बात यह है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को कोई फॉर्म नहीं भरना होगा। अगर आप पात्रता की शर्तों को पूरा करती हैं तो आप योजना के अंतर्गत बसों में मुफ्त सफर कर सकती हैं। आपको अलग से कहीं भी जाकर कोई फॉर्म भरने या लाइन में लगने की जरूरत नहीं है।
मुफ्त बस यात्रा के लिए जरूरी होंगे ये कागज
हालांकि सफर के दौरान आपको कुछ कागज अपने साथ रखने होंगे। इनके बिना आप मुफ्त बस यात्रा योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगी। अगर आप लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना के तहत सफर करना चाहती हैं तो आपको यूपी के पते वाला आधार कार्ड और उम्र प्रमाण पत्र साथ रखना होगा। आधार कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस या पैन कार्ड जैसा कोई भी प्रमाण पत्र जिसमें जन्म तिथि अंकित है, उन्हें अपने साथ रखना है।
क्या योजना के लिए आय की सीमा है
अच्छी बात है कि इस योजना के लिए आय की कोई सीमा नहीं है। अगर आप यूपी की नागरिक हैं और 60 या उससे ज्यादा की उम्र है तो आप यूपी परिवहन निगम की बस में मुफ्त सफर कर सकती हैं।
लेखक के बारे मेंअमित कुमारअमित कुमार, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट एडिटर/सीनियर जर्नलिस्ट हैं। वर्तमान में सरकारी योजना सेक्शन के जरिए आम जनता तक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचा रहे हैं। अमित कुमार की प्राथमिकता भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े हर सवाल का जवाब तथ्यों के आधार पर रीडर्स तक पहुंचाना है। अमित कुमार जनवरी, 2025 से नवभारत टाइम्स डिजिटल से जुड़े हैं। इसके साथ बिहार-झारखंड और राजस्थान टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। वह NBT Digital में सरकारी योजनाओं, बिहार-झारखंड और राजस्थान से संबंधित सेक्शन की प्लानिंग से लेकर तथ्यों पर आधारित ऐसे लेख तैयार कर रहे हैं, जो रीडर्स तक काम की जानकारी बिना बढ़ा-चढ़ाकर आसान भाषा में पहुंचा सकें।खबरें बिना सनसनी फैलाए पाठकों तक पहुंचाने पर उनका फोकस है। इन राज्यों की सियासी नब्ज को टटोलने के साथ-साथ आम लोगों की जरूरत की खबरों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। अपने 20 साल के करियर में अमित कुमार को पत्रकारिता जगत के अलग-अलग क्षेत्र में रिपोर्टिंग करने और आमजन के लिए उपयोगी खबरें लिखने का मौका मिला।अमित कुमार ने सितंबर, 2006 में खेल जगत में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत की। फिर देश के प्रमुख अखबारों से डिजिटल की दुनिया तक कई पड़ाव आए। इस दौरान नेशनल, इंटरनेशनल, देश के विभिन्न राज्यों की खबरों को लेकर न्यूज प्लानिंग, वैल्यू एडेड आर्टिकल्स, इन्फ्रोग्राफिक्स और स्पेशल दिनों के लिए कंटेंट तैयार करने का काम किया। अमित कुमार के करियर में भूमिकाएं तो कई बदलीं, लेकिन एक चीज स्थिर रही। आमजन के लिए उपयोगी खबरों को आसान से आसान भाषा में रीडर्स तक पहुंचाना।अपने करियर के दो दशक लंबे सफर के दौरान सटीक खबर, फैक्ट पर आधारित, इन-डेप्थ और नॉलेज से भरपूर कंटेंट रीडर्स तक पहुंचाना ही प्राथमिकता रही। उनका मानना है कि कोई भी जानकारी यूजर तक बिना वेरिफाई किए नहीं जानी चाहिए। इसलिए खबरों के लिए वह हमेशा ऑथेंटिक सोर्स पर भी भरोसा करते हैं।देश की राजधानी दिल्ली में ही जन्मे और पले-बढ़े अमित कुमार ने CBSE Board से 10वीं और 12वीं पास की। दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से ही हिंदी भाषा में M.A. किया। पत्रकारिता के क्षेत्र में करियर संवारने की ख्वाहिश के चलते माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया। अमित कुमार शुरू से ही कुछ नया सीखने को लेकर आतुर रहे हैं। यही चीज उनके 2 दशक लंबे करियर में भी झलकती है।पत्रकारिता जगत में 20 साल का अनुभवअमित कुमार नवभारतटाइम्स.कॉम में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पिछले 20 साल में अमित कुमार को अमर उजाला, राजस्थान पत्रिका, दैनिक हिंदुस्तान, दैनिक जागरण, नई दुनिया, जनसत्ता और हरिभूमि जैसे प्रतिष्ठित अखबारों में अपनी स्किल को संवारने का मौका मिला। 2019 में अमर उजाला के साथ डिजिटल का सफर शुरू किया। यहां नेशनल-इंटनेशनल खबरों पर इन-डेप्थ काम करते हुए सफर के अगले पड़ाव टीवी9 भारतवर्ष और न्यूज-24 बने। यहां न्यूज टीम को लीड किया।करियर के दौरान कॉमनवेल्थ गेम्स 2010, क्रिकेट वर्ल्ड कप 2011 और बैडमिंटन ओपन जैसे कई बड़े इवेंट्स में रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। देश-विदेश की बड़ी खबरों पर काम करते हुए अयोध्या राम मंदिर फैसला, लोकसभा चुनाव, विधानसभा चुनाव, बिहार और झारखंड विधानसभा चुनाव, बजट, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जैसे बड़े इवेंट्स कवर किए। अमित कुमार को पॉजिटिव इम्पैक्ट वाली स्टोरीज लिखना पसंद है। उनकी प्राथमिकता ऐसा कंटेंट लिखने की रहती है, जो लोगों के लिए मददगार साबित हों। अमित कुमार को लिखने और पढ़ने के साथ घूमने का शौक है। देश के छोटे-छोटे गांवों तक जाना वहां की जीवनशैली से रूबरू होना खासतौर से पसंद है।... और पढ़ें
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