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उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन में तालाबंदी, बकाए भुगतान को लेकर सड़कों पर उतरे ट्रेनिंग पार्टनर्स

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन में तालाबंदी, बकाए भुगतान को लेकर सड़कों पर उतरे ट्रेनिंग पार्टनर्स उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के ट्रेनिंग पार्टनर्स ने बकाए भुगतान और तकनीकी विसंगतियों के खिलाफ प्रदेशव्यापी तालाबंदी की. B…

ETV Bharat के अनुसार7 अक्टूबर 2026 को 06:04 am बजे
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन में तालाबंदी, बकाए भुगतान को लेकर सड़कों पर उतरे ट्रेनिंग पार्टनर्स

सौजन्य से:- ETV Bharat

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन में तालाबंदी, बकाए भुगतान को लेकर सड़कों पर उतरे ट्रेनिंग पार्टनर्स

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के ट्रेनिंग पार्टनर्स ने बकाए भुगतान और तकनीकी विसंगतियों के खिलाफ प्रदेशव्यापी तालाबंदी की.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : October 5, 2026 at 7:23 PM IST

लखनऊ: उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के अंतर्गत चल रहे प्रशिक्षण केंद्रों में कामकाज पूरी तरह ठप हो गया. ट्रेनिंग पार्टनर्स ने प्रशासनिक उदासीनता, बकाए भुगतान में देरी और तकनीकी खामियों के विरोध में प्रदेशव्यापी तालाबंदी की. प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया कि जब तक 10 सूत्रीय मांगों पर लिखित भरोसा नहीं मिलता, केंद्र बंद रहेंगे. अपनी मांगों को लेकर गुस्साए प्रतिनिधियों ने धरना स्थल पर पहुंचे प्रमुख सचिव डॉ. हरिओम का घेराव किया.

प्रमुख सचिव के भरोसे पर खत्म हुआ घेराव: प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी करते हुए अपनी 10 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रमुख सचिव को सौंपा. प्रमुख सचिव ने सभी जायज समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान कराने का आश्वासन दिया. इस सकारात्मक बातचीत और भरोसे के बाद प्रदर्शनकारियों ने सहमति जताई और अपना धरना खत्म किया. ट्रेनिंग प्रदाताओं की सबसे बड़ी मांग यह है कि सत्यापित और एडवांस SSDF बैचों का सालों से रुका भुगतान तुरंत किया जाए.

भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग: ट्रेनिंग पार्टनर्स ने 600 घंटे या उससे कम समय वाले सभी बैचों में 25% एडवांस भुगतान का नियम तुरंत लागू करने को कहा है. उनका तर्क है कि 70% अभ्यर्थियों की 15% उपस्थिति होते ही बिल जमा होने के 7 दिनों में भुगतान मिल जाना चाहिए. इसके साथ ही रोल बैक बैचों को पोर्टल पर दिखाकर एक निश्चित समय सीमा में उनका पैसा जारी करने की मांग रखी गई है. निष्कासित किए गए ट्रेनिंग पार्टनर्स को भी तुरंत बहाल करने पर जोर दिया गया.

अटेंडेंस और एक्सटेंशन के नियमों में ढील: हाजिरी की व्यवस्था में सुधार के लिए बायोमेट्रिक पंचिंग का पूरा समय देने और फेस-रेटिना अटेंडेंस की इजाजत मांगी गई है. बैच एक्सटेंशन का अधिकार ट्रेनिंग पार्टनर्स को देने और नियमों को थोड़ा लचीला बनाने की मांग उठाई गई है. फिलहाल 70% उपस्थिति से अधिक होने पर एक्सटेंशन नहीं मिलता, जबकि एमएसडीई नियमों के तहत कम से कम 50% उपस्थिति वाले 10 छात्रों पर भी 40% तक एक्सटेंशन मिलना चाहिए.

पारदर्शिता और तकनीकी कमियों का समाधान: आर्थिक मोर्चे पर स्टार्टअप्स के 10 लाख रुपये के डीडी में से प्रति जनपद सिर्फ 2 लाख रुपये का समायोजन कर बाकी पैसा लौटाने की मांग की गई है. भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए पोर्टल में यह दिखना चाहिए कि फाइल किस स्तर पर पेंडिंग है. बिना सूचना बायोमेट्रिक डिवाइस लॉक होने से पढ़ाई रुक रही है, इसलिए तुरंत नई डिवाइस जोड़ने की सुविधा पोर्टल पर दी जानी चाहिए.

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