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सपा का सिंबल मिला तो बदलना पड़ा पर्चा, जानिए गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक चुनाव में क्यों संजयन ने दो बार भरा नामांकन - sanjayan tripathis renomination for sp in gorakhpur

सपा का सिंबल मिला तो बदलना पड़ा पर्चा, जानिए गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक चुनाव में क्यों संजयन ने दो बार भरा नामांकन डॉ. संजयन त्रिपाठी को गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा नामांकन दाखिल करना पड़ा क्यो…

Jagran के अनुसार7 अक्टूबर 2026 को 07:04 am बजे
सपा का सिंबल मिला तो बदलना पड़ा पर्चा, जानिए गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक चुनाव में क्यों संजयन ने दो बार भरा नामांकन
 - sanjayan tripathis renomination for sp in gorakhpur

सौजन्य से:- Jagran

सपा का सिंबल मिला तो बदलना पड़ा पर्चा, जानिए गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक चुनाव में क्यों संजयन ने दो बार भरा नामांकन

डॉ. संजयन त्रिपाठी को गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा नामांकन दाखिल करना पड़ा क्योंकि पहले उन्होंने निर्दलीय भरा ...और पढ़ें

HighLights

- डॉ. संजयन त्रिपाठी ने गोरखपुर से दोबारा नामांकन भरा।

- पहले निर्दलीय, फिर सपा प्रत्याशी बनने पर प्रक्रिया बदली।

- चुनाव नियमों के तहत नया पर्चा भरना अनिवार्य था।

जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से डा. संजयन त्रिपाठी का मंगलवार को दोबारा नामांकन करना पहली नजर में अजीब लग सकता है। लेकिन, यह प्रक्रिया जरूरी है। भाजपा से टिकट नहीं मिलने से नाराज डा. संजयन ने बागी होकर एक अक्टूबर को ही निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल कर दिया था।

इसके बाद 48 घंटे के भीतर वह सपा में शामिल हुए और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें सपा का प्रत्याशी घोषित कर दिया। इसलिए सपा के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने के लिए उन्हें नया नामांकन दाखिल करना पड़ा।

यह है चुनाव की प्रक्रिया

निर्वाचन नियमों में उम्मीदवार का केवल किसी पार्टी में शामिल हो जाना उसे उस पार्टी का प्रत्याशी नहीं बना देता। नामांकन पत्र में उम्मीदवार को यह घोषित करना होता है कि वह किस राजनीतिक दल द्वारा खड़ा किया गया है। साथ ही संबंधित पार्टी को निर्धारित फार्म-बी के माध्यम से रिटर्निंग आफिसर को अपने अधिकृत प्रत्याशी की सूचना देनी होती है। यह सूचना नामांकन की अंतिम तारीख को दोपहर तीन बजे तक पहुंचना जरूरी है। फार्म-ए में पार्टी अपने अधिकृत पदाधिकारी की जानकारी देती है।

संजयन का पहला पर्चा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में था। उसमें सपा के प्रत्याशी होने का दावा नहीं था। बाद में सपा ने उन्हें उम्मीदवार बनाया तो उनके पास पहले से दाखिल निर्दलीय नामांकन को पार्टी के नामांकन में बदलने का विकल्प नहीं था। इसलिए उन्हें ऐसा नया नामांकन पत्र दाखिल करना पड़ा, जिसमें उन्होंने सपा के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की।

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अपने आप खत्म नहीं होता नामांकन

पहला नामांकन अपने आप खत्म नहीं होता। उसकी वैधता की जांच भी होगी। लेकिन संजयन को सपा का अधिकृत उम्मीदवार मानने के लिए नया नामांकन और पार्टी की ओर से जरूरी सूचना निर्वाचन अधिकारी को देनी थी। चुनाव आयोग की प्रक्रिया में एक उम्मीदवार के एक से अधिक नामांकन पत्र दाखिल करने की अनुमति है और अंतिम सूची में उसका नाम एक ही बार दर्ज किया जाता है। यही वजह है कि मंगलवार को संजयन ने सपा के सिंबल पर दोबारा पर्चा भरा। सपा ने भी आयोग को उनकी उम्मीदवारी से संबंधित औपचारिक सूचना दी है।

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