होम›धर्म-आस्था›UP चुनाव से पहले सपा के दावों पर BJP से आई तस्वीर ने फेरा पानी! लखनऊ में ऐसा क्या हुआ?
धर्म-आस्था

UP चुनाव से पहले सपा के दावों पर BJP से आई तस्वीर ने फेरा पानी! लखनऊ में ऐसा क्या हुआ?

UP चुनाव से पहले BJP की इस तस्वीर ने सपा के दावों पर फेरा पानी! लखनऊ में ऐसा क्या हुआ? उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा के दावों पर बीजेपी खेमे की एक तस्वीर ने पानी फेर दिया है. यह तस्वीर और इससे जुड़ा वीडियो खुद…

ABP News के अनुसार6 अक्टूबर 2026 को 10:04 am बजे
UP चुनाव से पहले सपा के दावों पर BJP से आई तस्वीर ने फेरा पानी! लखनऊ में ऐसा क्या हुआ?

सौजन्य से:- ABP News

UP चुनाव से पहले BJP की इस तस्वीर ने सपा के दावों पर फेरा पानी! लखनऊ में ऐसा क्या हुआ?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा के दावों पर बीजेपी खेमे की एक तस्वीर ने पानी फेर दिया है. यह तस्वीर और इससे जुड़ा वीडियो खुद सीएम योगी ने पोस्ट किया है.

उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के आठ उम्मीदवारों ने मंगलवार को अपना नामांकन दाखिल किया. इस बीच, विपक्षी समाजवादी पार्टी ने 16 अक्टूबर को होने वाले द्विवार्षिक चुनाव में तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारने के संकेत दिए हैं. उधर, नामांकन के दौरान आई तस्वीरों ने सपा की उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया, जिसका दावा सपा प्रमुख अखिलेश यादव कर रहे थे. सपा चीफ का दावा था कि वह तीसरे उम्मीदवार के जरिए बीजेपी और सहयोगियों से कुछ विधायकों को साथ ला सकते हैं.

हालांकि बीजेपी प्रत्याशियों के नामांकन के दौरान अपना दल (सोनेलाल) के नेता और योगी सरकार में मंत्री आशीष पटेल, निषाद पार्टी के नेता और कैबिनेट मंत्री संजय निषाद मौजूद थे. नामांकन में इन नेताओं की मौजूदगी ने स्पष्ट कर दिया कि बीजेपी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यूपी में मजबूत है और वह टूटने वाली नहीं है.

इससे पहले अखिलेश ने सपा के बागियों पर भी कहा था कि अगर वह वापस आना चाहें तो सब कुछ भुला कर उन्हें साथ लाया जाएगा. हालांकि 5 अक्टूबर की शाम सपा के बागियों में से एक विनोद चतुर्वेदी ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी.

हालांकि नामांकन के दिन यूपी विधानसभा में सपा के बागी जैसे अभय सिंह, राकेश सिंह , बीजेपी खेमे के साथ नजर आए.

उधर, 6 अक्टूबर को बीजेपी के आठों उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में निर्वाचन अधिकारी अजीत वर्मा के समक्ष नामांकन पत्र दाखिल किए.

इन उम्मीदवारों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से उत्तर प्रदेश के मंत्री धर्मपाल सिंह (लोध), ओबीसी प्रकोष्ठ के राज्य प्रमुख प्रकाश पाल (पाल) और श्रुति गंगवार (कुर्मी), अनुसूचित जाति से विद्यासागर सोनकर और प्रियंका रावत, ब्राह्मण समुदाय से राधाकांत ओझा और गोपी कृष्ण पांडे तथा क्षत्रिय समुदाय से राम प्रताप सिंह चौहान शामिल हैं.

निर्वाचन अधिकारी वर्मा ने कहा कि ‘सभी उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र के दो-दो सेट दाखिल किए हैं. प्रत्येक सेट के साथ प्रस्तावक के तौर पर 10 विधायकों के हस्ताक्षर हैं.'

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता राम गोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारी धनराज परिमल नाथवानी पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं.

हालांकि, ऐसी अटकलें थीं कि समाजवादी पार्टी मुकाबला कराने के लिए तीसरा उम्मीदवार उतार सकती है, लेकिन सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए इस पर स्थिति स्पष्ट कर दी.

यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, 'अब हमारा ध्यान तीन पर नहीं, बल्कि 403 पर है.'

यादव मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए नयी दिल्ली में हैं.

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा, 'बात साफ है. सपा ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में हार मान ली है.'

मंगलवार को राज्यसभा की 10 सीटों के लिए नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन है. अगर अंतिम समय में कोई बदलाव नहीं हुआ तो सभी 10 उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने की संभावना है.

उत्तर प्रदेश से राज्य सभा द्विवार्षिक चुनाव-2026 हेतु आज नामांकन करने वाले भाजपा के सभी सम्मानित प्रत्याशी गणों को हार्दिक बधाई! आप सभी की ऐतिहासिक विजय हेतु अनंत मंगलकामनाएं। https://t.co/KWnz6wG5Y9

— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 6, 2026

बीजेपी के सभी उम्मीदवार पहले विधानसभा के सामने स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचे. वहां उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्रभारी विनोद तावड़े समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की. इसके बाद ढोल-नगाड़ों और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच वे नामांकन दाखिल करने के लिए रवाना हुए.

बीजेपी के आठ उम्मीदवारों में दो महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया गया है. इसके जरिए बीजेपी ने जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन साधने का एक सुनियोजित प्रयास किया है. इससे संकेत मिलता है कि 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले ये नाम काफी मंथन के बाद तय किए गए हैं.

नामांकन दाखिल करने के बाद प्रकाश पाल ने कहा, 'बीजेपी के उम्मीदवारों का चयन दर्शाता है कि केवल बीजेपी ही वास्तव में ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) का सम्मान करती है. सपा का ‘पीडीए’ का विमर्श पूरी तरह फर्जी है और 2027 के विधानसभा चुनाव इसे साबित कर देंगे.'

Powered by CM Sarkar Geeta Reporter

संबंधित ख़बरें