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UP चुनाव से पहले महिलाओं के लिए योगी सरकार का बड़ा दांव: 1 करोड़ दीदियों को मिलेगा ₹1 लाख तक का ब्याजमुक्त कर्ज, दिसंबर में आ सकती है पहली किस्त

UP चुनाव से पहले महिलाओं के लिए योगी सरकार का बड़ा दांव: 1 करोड़ दीदियों को मिलेगा ₹1 लाख तक का ब्याजमुक्त कर्ज, दिसंबर में आ सकती है पहली किस्त लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (2027) से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्…

Tehelka Hindi के अनुसार10 सितंबर 2026 को 09:04 pm बजे
UP चुनाव से पहले महिलाओं के लिए योगी सरकार का बड़ा दांव: 1 करोड़ दीदियों को मिलेगा ₹1 लाख तक का ब्याजमुक्त कर्ज, दिसंबर में आ सकती है पहली किस्त

सौजन्य से:- Tehelka Hindi

UP चुनाव से पहले महिलाओं के लिए योगी सरकार का बड़ा दांव: 1 करोड़ दीदियों को मिलेगा ₹1 लाख तक का ब्याजमुक्त कर्ज, दिसंबर में आ सकती है पहली किस्त

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव (2027) से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रदेश की महिलाओं के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार प्रदेश की करीब 1 करोड़ महिलाओं को ₹1 लाख तक का ब्याजमुक्त कर्ज देने की तैयारी में है यानी बिना एक रुपया ब्याज दिए, तीन किस्तों में यह रकम महिलाओं के खातों तक पहुंचेगी ।

क्या है योजना और किसे मिलेगा फायदा?

यह योजना उत्तर प्रदेश महिला उद्यमी क्रेडिट योजना के नाम से तैयार की गई है, जिसका ऐलान राज्य के बजट 2026-27 में किया गया था। इसका फायदा उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन (UPSRLM) से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों (SHG) की महिलाओं को मिलेगा । सरकार इन 1 करोड़ दीदियों को विशेष क्रेडिट कार्ड भी देने की तैयारी में है, जिसके जरिए वे बिना ब्याज के पैसा निकालकर अपना छोटा-मोटा कारोबार शुरू कर सकेंगी या पहले से चल रहे उद्यम का विस्तार कर सकेंगी । योजना तीन साल के लिए लागू करने की तैयार है ।

तीन किस्तों में मिलेगा ₹1 लाख, जानें कैसे

योजना की सबसे खास बात इसका चरणबद्ध तरीका है जो महिला समय पर किस्त लौटाएगी, उसे अगली बड़ी किस्त मिलेगी:

पहली किस्त: ₹20,000 इसकी शुरुआत दिसंबर से होने की उम्मीद हैndtv+1दूसरी किस्त: ₹30,000 पहली किस्त समय पर चुकाने परतीसरी किस्त: ₹50,000 दूसरी किस्त की अदायगी के बाद क्रेडिट लिमिट बढ़ाकर

यानी तीनों किस्तें मिलाकर हर पात्र महिला को कुल ₹1 लाख तक का ब्याजमुक्त क्रेडिट मिलेगा। यह रकम सीधे महिलाओं के बैंक खातों में भेजी जाएगी। ध्यान रहे, यह कर्ज है, मुफ्त सहायता नहीं। असली किस्त सिर्फ ब्याज नहीं देना होगा, मूल रकम लौटानी ही होगी; समय पर लौटाने पर ही अगली किस्त का दरवाजा खुलेगा ।

₹1 लाख करोड़ का दांव

पैमाना भी कमाल का है। सिर्फ पहली किस्त (₹20,000 × 1 करोड़ महिलाएं) पर सरकार का ₹20,000 करोड़ खर्च आएगा, जबकि पूरी योजना का कुल अनुमानित खर्च ₹1 लाख करोड़ के आसपास है । सरकार का मकसद सिर्फ पैसा देना नहीं, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार और छोटे कारोबार से जोड़कर उन्हें ‘लखपति दीदी’ बनाना है । इसके साथ ही ई-रिक्शा योजना में ₹2 लाख तक के वाहनों की खरीद पर भी विचार किया जा रहा है ।

चुनावी महीनों में ‘महिला वोट’ पर सबसे बड़ा दांव

2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच इस योजना का पॉलिटिकल मतलब भी अहम है। बिहार चुनाव में महिला वोटर्स की भूमिका के बाद अब यूपी में भी सभी दल महिला वोट बैंक पर दांव लगा रहे हैं — और योगी सरकार का यह कदम उसी कड़ी में सबसे बड़ा माना जा रहा है । योजना को चुनाव से पहले जोर-शोर से जमीन पर उतारने की तैयारी है, ताकि अधिकतम महिलाएं पहली किस्त तक पहुंच जाएं ।

आजीविका मिशन के जरिए यूपी में पहले से करोड़ों महिलाएं SHG से जुड़ी हैं और उनके जरिए प्रधानमंत्री लखपति दीदी जैसे अभियान चल रहे हैं यह नई योजना उसी नेटवर्क पर सीधा टिकती है, इसलिए लागू करने में सरकार को ज्यादा दिक्कत नहीं आने की उम्मीद है ।

महिलाओं के लिए क्या मायने रखती है योजना?

गांव-कस्बों की उन दीदियों के लिए जो सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, पशुपालन, पपड़-बेसन, ब्यूटी पार्लर, किराना दुकान जैसे काम करती हैं या करना चाहती हैं, ₹20 हजार से शुरुआत करके ₹1 लाख तक ब्याज के बोझ के बिना कारोबार बढ़ाने का मौका है। सामान्य बैंक लोन पर फिलहाल 10-12% सालाना ब्याज देना पड़ता है यानी ₹1 लाख पर हजारों रुपये सालाना की बचत और किस्तों में लौटाने की सुविधा।

बेशक, असली असर इस पर टिका है कि किस्तें समय पर खातों में पहुंचती हैं या नहीं और कागजी कार्यवाही कितनी आसान रहती है — यही बात चुनाव में भी तय करेगी कि यह योजना गेमचेंजर बनती है या सिर्फ कागजी ऐलान।

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