लिट्टी-चोखा से रामकटोरी तक, अब दुनिया चखेगी पूर्वांचल का स्वाद; यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में लगेंगे खास स्टॉल
ओडीओसी यानी एक जिला एक व्यंजन योजना के तहत गोरखपुर मंडल के प्रमुख पारंपरिक व्यंजनों को इस आयोजन में जगह दी गई है। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के खास व्यंजनों के लिए विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे। लिट्टी-चोखा से रामकट…

सौजन्य से:- Navbharat Times
ओडीओसी यानी एक जिला एक व्यंजन योजना के तहत गोरखपुर मंडल के प्रमुख पारंपरिक व्यंजनों को इस आयोजन में जगह दी गई है। गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर और महराजगंज के खास व्यंजनों के लिए विशेष स्टॉल लगाए जाएंगे।
लिट्टी-चोखा से रामकटोरी तक दिखेगा पूर्वांचल का स्वाद
यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में देश-विदेश से आने वाले कारोबारी, खरीदार और पर्यटक पूर्वांचल के पारंपरिक भोजन और मिठाइयों का स्वाद ले सकेंगे। उद्योग विभाग के ज्वाइंट कमिश्नर गौरव मिश्रा के मुताबिक, ट्रेड शो के फूड कोर्ट में गोरखपुर मंडल के चुनिंदा व्यंजनों के लिए अलग से स्टॉल तैयार किए जा रहे हैं।इस पहल का उद्देश्य स्थानीय खानपान संस्कृति को बड़े मंच पर पहचान दिलाना, पारंपरिक कारोबारियों को नए बाजार से जोड़ना और प्रदेश में फूड टूरिज्म को बढ़ावा देना है।
चार जिलों के इन व्यंजनों का हुआ चयन
UPITS के लिए गोरखपुर से लिट्टी-चोखा और लहसुन वाले छोले-समोसे, महराजगंज से रामकटोरी, कुशीनगर से लाल पेड़ा, छेना का खुरमा और केले के चिप्स तथा देवरिया से लिट्टी-चोखा और मालपुआ का चयन किया गया है।इन व्यंजनों के स्टॉल लगाने के लिए कुल छह कारोबारियों का चयन किया गया है।
कंडे की आंच पर पकती है लिट्टी
पूर्वी उत्तर प्रदेश की लिट्टी-चोखा यहां के पारंपरिक खानपान की खास पहचान है। लिट्टी में सत्तू, अजवाइन, मंगरैल और सरसों के तेल में तैयार मसालों का इस्तेमाल किया जाता है। पारंपरिक तरीके से लिट्टी को कंडे की आंच पर पकाया जाता है और बाद में देसी घी में चुपड़कर बैंगन, टमाटर और आलू से तैयार चोखे के साथ परोसा जाता है।UPITS में इसे इसी पारंपरिक स्वाद और अंदाज के साथ पेश करने की तैयारी है।
लहसुन वाले छोले-समोसे भी होंगे आकर्षण
गोरखपुर का लहसुन वाला छोला समोसा भी ट्रेड शो में लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगा। इस व्यंजन की खासियत छोले में भरपूर मात्रा में साबुत लहसुन का इस्तेमाल बताया जाता है। पूर्वांचल के इस स्थानीय स्वाद को अब बड़े व्यापारिक और अंतरराष्ट्रीय मंच पर पेश किया जाएगा।रामकटोरी से लाल पेड़ा और खुरमा तक
महराजगंज के मिठौरा बाजार की रामकटोरी भी UPITS में अपनी मिठास बिखेरेगी। यह खोवा आधारित पारंपरिक मिठाई है। वहीं कुशीनगर से लाल पेड़ा और छेना का खुरमा भी प्रदर्शित किया जाएगा। कुशीनगर से ही केले के चिप्स का भी चयन किया गया है।देवरिया के लिट्टी-चोखा के साथ पारंपरिक मालपुआ भी ट्रेड शो में लोगों को परोसा जाएगा।
छह कारोबारियों को मिला स्टॉल लगाने का मौका
गोरखपुर मंडल से छह कारोबारियों का चयन किया गया है।गोरखपुर: चंद्रकेश प्रजापति- मेसर्स चंद्रकेश हलवाई, चौरीचौरा - लहसुन वाले छोले/समोसे, गंगाधर दूबे - मेसर्स बाटी चोखा, गोरखपुर - लिट्टी-चोखा
महराजगंज: सुदीस कुमार - मेसर्स महेंद्र जी रामकटोरी वाले, मिठौरा बाजार - रामकटोरी
देवरिया: वेद प्रकाश राय - मेसर्स बाटी चोखा रेस्टोरेंट, कसया रोड, देवरिया - बाटी-चोखा और मालपुआ
कुशीनगर: सन्नी मद्देशिया - मेसर्स कृष्णा स्वीट हाउस, हाटा - लाल पेड़ा और छेना खुरमा, अनुराग तिवारी - मेसर्स शांडिल्य एग्रो प्रोसेसिंग, खड्डा - केले के चिप्स
कारोबारियों को बड़े बाजार से जोड़ने की तैयारी
लिट्टी-चोखा का स्टॉल लगाने के लिए चयनित गोरखपुर के गंगाधर दूबे के मुताबिक, सरकार की इस पहल से पूर्वी उत्तर प्रदेश की खानपान संस्कृति को नई पहचान मिल सकती है।वहीं लहसुन वाले छोला समोसा के लिए चयनित चौरीचौरा के चंद्रकेश प्रजापति का कहना है कि UPITS में जगह मिलने से ग्रामीण और कस्बाई स्तर पर खानपान का कारोबार करने वाले लोगों को नए बाजार से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
फूड टूरिज्म को भी मिलेगा बढ़ावा
UPITS के जरिए पूर्वांचल के पारंपरिक व्यंजनों को केवल खाने के तौर पर नहीं, बल्कि क्षेत्र की संस्कृति और पहचान से जोड़कर पेश करने की तैयारी है। सरकार की ओडीओसी पहल के तहत स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों को बाजार उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। अब UPITS जैसे बड़े मंच के जरिए इन व्यंजनों को देश-विदेश के खरीदारों और पर्यटकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।25 से 29 सितंबर तक चलने वाले इस ट्रेड शो में पूर्वांचल के ये पारंपरिक पकवान स्थानीय स्वाद को वैश्विक मंच पर पेश करेंगे।
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