गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बढ़ी चिंता: प्रयागराज में सलोरी-बघाड़ा समेत कई क्षेत्रों में छात्र और स्थानीय लोग अलर्ट - Prayagraj (Allahabad) News
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सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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गंगा-यमुना का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में बढ़ी चिंता:प्रयागराज में सलोरी-बघाड़ा समेत कई क्षेत्रों में छात्र और स्थानीय लोग अलर्ट
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प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने के बाद निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। सलोरी, बघाड़ा, छोटा बघाड़ा, बड़ा बघाड़ा, तेलियरगंज, राजापुर, दारागंज और रसूलाबाद समेत कई इलाकों में लोग जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में छात्र किराए के कमरों में रहते हैं। बढ़ते पानी को देखते हुए छात्रों को भी कमरे में पानी घुसने और सामान सुरक्षित रखने की चिंता सताने लगी है।
छात्रों ने शुरू की तैयारी
निचले इलाकों में रहने वाले कई छात्र अब बाढ़ की आशंका को देखते हुए अपनी जरूरी चीजों को सुरक्षित जगह पर रखने लगे हैं। किराए के कमरों में रहने वाले छात्रों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर पानी तेजी से बढ़ा तो उन्हें कमरा खाली करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोग भी जरूरी सामान को ऊंची जगहों पर रखने और आने-जाने के रास्तों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। हालांकि पिछले 24 घंटे में कुछ स्थानों पर जलस्तर में मामूली बढ़ोतरी हुई है, जबकि नैनी में यमुना का जलस्तर 6 सेंटीमीटर घटा है।
इसके बावजूद बाढ़ प्रभावित इलाकों में अलर्ट जारी रखा गया है। प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
राहत शिविर बनाने की तैयारी
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत शिविरों की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। लोगों को भी अलर्ट किया जा रहा है। अधिकारियों की टीम लगातार निचले इलाकों और नदी किनारे के क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है। लोगों से कहा जा रहा है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए तैयार रहें।
कछारी इलाकों के गांवों में पहुंच रहा पानी
कछारी इलाके में भी गंगा-यमुना का पानी धीरे-धीरे गांवों की ओर बढ़ने लगा है। कई गांवों में पानी पहुंचने से लोगों के आने-जाने के रास्ते प्रभावित हो गए हैं। कुछ जगहों पर रास्ते पानी में डूबने के कारण आवागमन बंद हो गया है। ग्रामीण अब जरूरी सामान और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी कर रहे हैं।
कई गांवों में खेतों तक पानी पहुंच गया है। इससे किसानों की फसलों को नुकसान होने लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो सकती है। फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
खतरे के निशान से अभी नीचे नदियां
प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है। इसके बावजूद निचले इलाकों में पानी पहुंचने और लगातार बारिश के कारण प्रशासन अलर्ट मोड पर है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को जलस्तर पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन की मदद लेने की अपील की गई है।
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