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यूपी में 'पीएम सूर्य घर योजना' का कमाल, सवा लाख से ज्यादा घरों का बिजली बिल हुआ जीरो - pm surya ghar yojana transforms up over 125 lakh zero bills

यूपी में 'पीएम सूर्य घर योजना' का कमाल, सवा लाख से ज्यादा घरों का बिजली बिल हुआ जीरो प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने उत्तर प्रदेश में 8.24 लाख से अधिक घरों में सौर संयंत्र लगाए हैं, ...और पढ़ें HighLights - 8.…

Jagran के अनुसार16 सितंबर 2026 को 03:04 pm बजे
यूपी में 'पीएम सूर्य घर योजना' का कमाल, सवा लाख से ज्यादा घरों का बिजली बिल हुआ जीरो - pm surya ghar yojana transforms up over 125 lakh zero bills

सौजन्य से:- Jagran

यूपी में 'पीएम सूर्य घर योजना' का कमाल, सवा लाख से ज्यादा घरों का बिजली बिल हुआ जीरो

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने उत्तर प्रदेश में 8.24 लाख से अधिक घरों में सौर संयंत्र लगाए हैं, ...और पढ़ें

HighLights

- 8.24 लाख से अधिक घरों में सौर संयंत्र स्थापित।

- 1.25 लाख से ज्यादा घरों का बिजली बिल शून्य हुआ।

- योजना से 85,000 से अधिक लोगों को मिला रोजगार।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। प्रधानमंत्री सूर्य घरः मुफ्त बिजली योजना ने उत्तर प्रदेश में घरेलू बिजली की तस्वीर बदल दी है। प्रदेश में अब तक 8,24,492 घरों की छतों पर सौर संयंत्र लग चुके हैं और कुल 2,769.59 मेगावाट क्षमता स्थापित हो चुकी है, जिससे हर दिन लगभग 1.25 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली बन रही है। इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश घरेलू छत आधारित (रूफटॉप) सौर ऊर्जा में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है।

औसतन 4.5 यूनिट प्रति किलोवाट प्रतिदिन के आधार पर यह उत्पादन 6.50 प्रति यूनिट की दर से हर दिन लगभग 8.10 करोड़ मूल्य की बिजली के बराबर बैठता है। इस हिसाब से प्रदेश में प्रतिवर्ष करीब 2,956 करोड़ की बचत या आर्थिक लाभ का अनुमान है, जो सीधे आम उपभोक्ता की जेब तक पहुंच रहा है।

सवा लाख से अधिक घरों का बिजली बिल शून्य या ऋणात्मक

प्रधानमंत्री सूर्य घर उपभोक्ता बिल विवरण के अनुसार जून 2026 में प्रदेश के 1,25,262 उपभोक्ताओं का बिजली बिल शून्य या ऋणात्मक रहा। यानी इन परिवारों को उस महीने बिजली का कोई भुगतान नहीं करना पड़ा या उनके खाते में क्रेडिट दर्ज हुआ। ऋणात्मक बिल की स्थिति तब बनती है, जब उपभोक्ता ग्रिड से ली गई बिजली की तुलना में अधिक बिजली ग्रिड को देता है और यह अतिरिक्त बिजली उसके आगामी बिलों में समायोजित होती है।

7,300 करोड़ से अधिक की सहायता बनी संबल

योजना के अंतर्गत प्रदेश के उपभोक्ताओं को अब तक 5,400 करोड़ से अधिक की केंद्रीय वित्तीय सहायता दी जा चुकी है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से लाभार्थियों को 1,900 करोड़ से अधिक का राज्य अनुदान मिला है। कुल 7,300 करोड़ से अधिक की इस सहायता ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सौर संयंत्र लगाना कहीं अधिक सुलभ और किफायती बना दिया है।

हर साल 36.6 लाख टन कार्बन उत्सर्जन की बचत

स्थापित 2,769.59 मेगावाट क्षमता से प्रतिवर्ष लगभग 36.6 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होने का अनुमान है, जो करीब 16.5 करोड़ परिपक्व वृक्षों द्वारा एक वर्ष में सोखी जाने वाली कार्बन मात्रा के बराबर है। छत आधारित मॉडल के कारण लगभग 10,617 एकड़ भूमि बड़े भू-आधारित सौर संयंत्रों में लगने से बच रही है और कृषि, आवासीय तथा अन्य उत्पादक उपयोगों के लिए सुरक्षित बनी हुई है।

85 हजार से अधिक लोगों को मिला रोजगार का आधार

इस योजना से प्रदेश में 85,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार का आधार तैयार हुआ है और स्थापित क्षमता बढ़ने के साथ ये अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। अभियंताओं, तकनीशियनों, विद्युतकर्मियों, सर्वेक्षकों, पर्यवेक्षकों, आपूर्ति एवं परिवहन से जुड़े कर्मियों तथा अनुरक्षण सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुले हैं। प्रदेश में 7,750 पंजीकृत सौर विक्रेताओं (वेंडर) का नेटवर्क उपभोक्ताओं तक सर्वेक्षण, डिजाइन, स्थापना, विद्युत संयोजन, निरीक्षण, संयंत्र चालू करने और अनुरक्षण जैसी सेवाएं पहुंचा रहा है।

इस योजना के क्रियान्वयन की अवधि 31 मार्च 2027 तक निर्धारित है। इसी अवधि में आवेदन से लेकर संयंत्र की स्थापना, विद्युत निरीक्षण, नेट मीटरिंग और सब्सिडी भुगतान तक की सभी प्रक्रियाएं पूरी की जानी हैं। इन चरणों में समय लगता है, इसलिए अंतिम समय का इंतजार करने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ लेने में कठिनाई आ सकती है।

इच्छुक घरेलू उपभोक्ताओं से अपील है कि वे राष्ट्रीय पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर अथवा अपने विद्युत वितरण निगम के पंजीकृत वेंडर के माध्यम से शीघ्र आवेदन करें, ताकि केंद्र सरकार की सब्सिडी और राज्य सरकार के अतिरिक्त अनुदान का पूरा लाभ समय रहते लिया जा सके। जितनी जल्दी संयंत्र लगेगा, उतने ही अधिक महीनों तक मुफ्त बिजली और बिल में बचत का लाभ मिलेगा।

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