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लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे की मरम्मत को लेकर NHAI सख्त, PNC पीछे हटी तो जब्त होंगे 30 करोड़ रुपये

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे की मरम्मत को लेकर एनएचएआई ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अगर कंपनी पीछे हटती है तो उसकी 30 करोड़ की परफार्मेंस सिक्यॉरिटी जब्त की जा सकती है। लखनऊ: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-व…

Navbharat Times के अनुसार18 सितंबर 2026 को 02:04 am बजे
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे की मरम्मत को लेकर NHAI सख्त, PNC पीछे हटी तो जब्त होंगे 30 करोड़ रुपये

सौजन्य से:- Navbharat Times

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे की मरम्मत को लेकर एनएचएआई ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अगर कंपनी पीछे हटती है तो उसकी 30 करोड़ की परफार्मेंस सिक्यॉरिटी जब्त की जा सकती है।

लखनऊ: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर मरम्मत और सुधारात्मक कार्यों को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्माण कंपनी पीएनसी इंफ्राटेक सुधारात्मक कार्यों को पूरा करने से पीछे हटती है तो उसकी 30 करोड़ रुपये की परफार्मेंस सिक्यॉरिटी जब्त की जा सकती है।

प्राधिकरण के पास जमा है 30 करोड़ रुपये

एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए परफार्मेस सिक्यॉरिटी के रूप में पीएनसी के 30 करोड़ रुपये प्राधिकरण के पास जमा हैं। परियोजना से जुड़ी कमियों को दूर करने और आवश्यक मरम्मत कार्य कराने की जिम्मेदारी कंपनी की है। यदि कंपनी निर्धारित दायित्वों का निर्वहन नहीं करती है, तो नियमों के तहत सिक्यॉरिटी राशि जब्त करने की कार्रवाई की जा सकती है।

प्रतिबंध का असर पहले के प्रॉजेक्ट्स पर नहीं पड़ेगा

अधिकारियों ने यह भी साफ किया है कि कंपनी पर लगाए गए प्रतिबंध का असर पहले से जारी परियोजनाओं पर नहीं पड़ेगा। विशेष रूप से बाराबंकी और बहराइच को जोड़ने वाली छह लेन सड़क परियोजना का कार्य पहले की तरह जारी रहेगा। यह परियोजना भी पीएनसी को ही आवंटित की गई है और इसके निर्माण कार्य पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है।

बाराबंकी-बहराइच प्रॉजेक्ट पर नहीं पड़ेगा असर

एनएचएआई का कहना है कि जिन परियोजनाओं के टेंडर पहले ही स्वीकृत हो चुके हैं, उन पर कंपनी काम जारी रख सकेगी। प्रतिबंध का प्रभाव मुख्य रूप से नई निविदाओं और भविष्य की परियोजनाओं पर पड़ेगा। ऐसे में बाराबंकी-बहराइच छह लेन परियोजना की प्रगति पर फिलहाल कोई असर पड़ने की संभावना नहीं है।

लेखक के बारे मेंप्रशांत सिंहप्रशांत सिंह नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में कंसल्टेंट राइटर हैं। पत्रकारिता में उनका 1.5 साल का अनुभव है। वह अभी उत्तर-प्रदेश और उत्तराखंड टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, आंध्र-प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब-हरियाणा, गोवा समेत नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों की खबरों पर काम किया। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत नवभारत टाइम्स अखबार से की थी।प्रशांत सिंह को देश-विदेश की राजनीति के बारे में लिखना बेहद पसंद है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को अपनी टीम के साथ कवर किया है। इसके साथ ही उन्हें हिंद-प्रशांत महासागर और वेस्ट एशिया की जियोपॉलिटिक्स को समझने और उस पर लिखने में गहरी दिलचस्पी है।प्रशांत सिंह ने दिल्ली की गुरु गोबिंद सिंह इन्द्रप्रस्थ युनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली की साउथ एशियन यूनिवर्सिटी से अंतर्राष्ट्रीय संबंध में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। उन्होंने अपनी मास्टर्स खत्म होने के बाद मीडिया जगत में कदम रखा।... और पढ़ें

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