लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण में ड्रेनेज सिस्टम दे रहा धोखा, NHAI को अब IIT खडगपुर की रिपोर्ट का इंतजार - lucknow kanpur expressway drainage fails nhai awaits iit report
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण में ड्रेनेज सिस्टम दे रहा धोखा, NHAI को अब IIT खडगपुर की रिपोर्ट का इंतजार लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर बारिश के कारण जलभराव और ड्रेनेज सिस्टम की खामियां सामने आई हैं, जिससे सड़क की गुणवत…

सौजन्य से:- Jagran
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण में ड्रेनेज सिस्टम दे रहा धोखा, NHAI को अब IIT खडगपुर की रिपोर्ट का इंतजार
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर बारिश के कारण जलभराव और ड्रेनेज सिस्टम की खामियां सामने आई हैं, जिससे सड़क की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। एनएचएआई ने मौके का निरीक्षण कर सुधार के निर्देश दिए हैं।
HighLights
- एक्सप्रेसवे पर बारिश से जलभराव, ड्रेनेज सिस्टम विफल।
- एनएचएआई ने मौके पर निरीक्षण कर दिए सुधार के निर्देश।
- आईआईटी खड़गपुर की रिपोर्ट का इंतजार, बताएगी समस्या का कारण।
जागरण संवाददाता, लखनऊ। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर ड्रेनेज सिस्टम अभी भी धोखा दे रहा है। सोमवार को हुई बारिश के कारण जलभराव की समस्या रही। कई स्थानों पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के परियोजना निदेशक नवरत्न व कार्यदायी संस्था के अधिकारी व कर्मचारियों ने मौके का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जहां पानी भर रहा था, उसे निकलवाने के निर्देश दिए। क्योंकि बरसात का पानी जिस गति से निकलना चाहिए, वह अभी भी नहीं निकल रहा है। इसके कारण जिम्मेदार अभी भी पूरी तरह से निश्चिंत नहीं हो सके हैं।
ग्रीन फील्ड के मुख्य मार्ग से सटी शोल्डर सड़क पर बरसात का पानी पूरी तरह से निकल नहीं रहा है, यह सीधे नीचे जाकर मुख्य मार्ग की सड़क की मिट्टी को नम कर रहा है और इससे सड़क का डामर प्रभावित हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि शोल्डर पर जो ट्रीटमेंट मिट्टी का होना चाहिए, वह नहीं हुआ है।
सेवानिवृत्त अभियंता एस चौहान कहते हैं कि जल्द ही लखनऊ से कानपुर का सफर एक्सप्रेसवे से किया था, कई स्थानों पर रुक-रुककर देखा। उनके मुताबिक ड्रेनेज की समस्या पूरे 45 किलोमीटर एक्सप्रेसवे पर नहीं है।
कुछ चुनिंदा स्थानों पर ही यह समस्या है। उनके मुताबिक ग्रीन फील्ड का निर्माण करते समय बलुई मिट्टी का प्रयोग काफी फायदेमंद होता है। इससे कसाव आता है।
इसके ऊपर कम्पैक्टर चलाकर पूरा ट्रीटमेंट करना चाहिए, जो सही से नहीं हुआ। आज अगर समस्या आ रही है तो काम को जल्द पूरा करने का नतीजा है। हालांकि जिस गति से सुधार कार्य किए जा रहे हैं, वह समस्या जल्द ही ठीक भी हो जाएगी।
वहीं आईआईटी खडगपुर के प्रोफेसर केएस रेड्डी द्वारा अभी तक रिपोर्ट एनएचएआई को नहीं भेजी गई है। यह दावा एनएचएआई के अधिकारियों ने किया है।
उनकी रिपोर्ट बताएगी कि सड़क धंसने के कारण क्या थे, क्या सुधार कार्य किए जाए? उधर एनएचएआई के परियोजना निदेशक नवरत्न ने बताया कि पिछले तीन दिनों से कोई सड़क नहीं धंसी है। हां कुछ जगह डामर उखड़ा था, जिसे ठीक कर लिया गया है।
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